भारतीय पुरुष कबड्डी टीम (तस्वीर क्रेडिट@Surender_10K)

एशियन गेम्स 2026: भारत ने फिर रचा इतिहास,ईरान को हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स कबड्डी में जीता गोल्ड

नागोया,26 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। सुनील कुमार की कप्तानी में उतरी भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को कड़े संघर्ष के बाद मात देकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब जीत लिया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली,लेकिन निर्णायक मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

फाइनल की शुरुआत से ही भारत और ईरान के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। ईरानी टीम अपने मजबूत डिफेंस के लिए जानी जाती है और फाइनल में भी उसके रक्षकों ने भारतीय रेडर्स के सामने बड़ी चुनौती पेश की। ईरान के अनुभवी डिफेंडर फजल अत्राचली ने अपनी टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ मिलकर भारतीय रेडर्स को रोकने की कोशिश की। शुरुआती मिनटों में दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाए रखा और पहले आठ मिनट के खेल के बाद स्कोर 5-5 की बराबरी पर था। इससे साफ हो गया था कि मुकाबला आखिरी क्षणों तक जाने वाला है।

इसके बाद भारतीय टीम ने धीरे-धीरे अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करना शुरू किया और स्कोर में बढ़त बनाने में सफल रही। भारत ने 10-8 की बढ़त हासिल की, लेकिन मुकाबले के दौरान टीम को कुछ मुश्किल परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। इसी दौरान राहुल को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना संयम नहीं खोया और ईरान पर दबाव बनाए रखा। टीम के रेडर्स ने लगातार अंक जुटाने की कोशिश की,जबकि डिफेंस ने ईरानी रेडर्स को रोकने की जिम्मेदारी सँभाली।

अर्जुन देशवाल ने इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार प्रभावी रेड करते हुए टीम के खाते में अहम अंक जोड़े। अर्जुन की शानदार रेडिंग के दम पर भारत ने अपनी बढ़त को 12-9 तक पहुँचा दिया। हालाँकि,ईरान ने भी हार नहीं मानी। उसकी मजबूत रक्षापंक्ति ने भारतीय रेडर्स को परेशान करना जारी रखा और एक समय ईरानी टीम ने शानदार वापसी करते हुए भारत को ऑलआउट कर दिया। इसके बाद ईरान ने 14-13 की बढ़त हासिल कर ली और मुकाबले का रुख एक बार फिर बदलता दिखाई दिया।

पहले हाफ के अंतिम चरण में दोनों टीमों के बीच मुकाबला और भी ज्यादा कड़ा हो गया। भारत ने बराबरी हासिल करने की कोशिश की,लेकिन ईरान ने अपनी बढ़त बनाए रखी। हाफ टाइम तक ईरानी टीम 18-17 से आगे थी। महज एक अंक की बढ़त ने दूसरे हाफ को और रोमांचक बना दिया। भारतीय टीम के सामने चुनौती थी कि वह ईरान के मजबूत डिफेंस को तोड़ते हुए न सिर्फ पिछड़ने से बचे,बल्कि मैच में निर्णायक बढ़त भी हासिल करे।

दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और धीरे-धीरे मुकाबले पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। भारतीय रेडर्स ने ईरान की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया,वहीं डिफेंडरों ने ईरानी खिलाड़ियों को आसान अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया। भारत की वापसी का असर स्कोर पर भी दिखाई देने लगा। एक समय भारतीय टीम ने ईरान के खिलाफ 34-27 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इस चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल के साथ-साथ रक्षात्मक अनुशासन का भी शानदार उदाहरण पेश किया।

डिफेंस में सुमित ने भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने ईरान के रेडर्स को रोकने के लिए कई अहम मौकों पर प्रभावी टैकल किए। दूसरी ओर,अर्जुन देशवाल ने रेडिंग में लगातार अंक जुटाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। मुकाबले के अंतिम हिस्से में ईरान ने वापसी की कोशिश की,लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे ज्यादा अवसर नहीं दिए। राहुल ने निर्णायक समय में शानदार टैकल करते हुए भारत की बढ़त को 36-29 तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी बढ़त को बनाए रखा और अंततः खिताब अपने नाम कर लिया।

इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत ने पिछले एशियन गेम्स में भी ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। यानी लगातार दो एशियन गेम्स में भारत और ईरान के बीच फाइनल हुआ और दोनों बार भारतीय टीम ने बाजी मारी। इससे भारत और ईरान के बीच कबड्डी में लंबे समय से चली आ रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बार भी ईरान ने भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती रखी,लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

भारतीय पुरुष टीम की इस सफलता से पहले महिला कबड्डी टीम ने भी एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस तरह पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत ने ईरान को फाइनल में मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय कबड्डी के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास बन गया है,जहाँ दोनों टीमों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पुरुष कबड्डी टीम की जीत में कप्तान सुनील कुमार के नेतृत्व के साथ अर्जुन देशवाल की रेडिंग,सुमित के डिफेंस और राहुल के निर्णायक टैकल ने अहम भूमिका निभाई। कठिन मुकाबले में खिलाड़ियों ने जिस तरह दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा,वह इस स्वर्णिम सफलता की बड़ी वजह रहा। लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एक बार फिर साबित किया कि वह एशियाई कबड्डी के शीर्ष स्तर पर अपनी मजबूत पहचान कायम रखे हुए है।