दिल्ली,30 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। कंपाउंड तीरंदाजी के महिला टीम इवेंट में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन को 238-234 के अंतर से हराकर एशियन गेम्स में देश के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत की ओर से चिकिता तनिपार्थी, प्रीतिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा की तिकड़ी ने पूरे मुकाबले में शानदार निशानेबाजी की और दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन को पीछे छोड़ दिया।
फाइनल की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। पहले सेट में भारत ने 60 अंक हासिल किए, जबकि चीन की टीम 58 अंक ही बना सकी। शुरुआती दो अंकों की बढ़त ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और टीम ने आगे भी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी। चीन की टीम लगातार वापसी की कोशिश करती रही,लेकिन भारतीय तिकड़ी ने अपने शॉट्स में सटीकता बनाए रखी।
दूसरे सेट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने 59 अंक जुटाए, जबकि चीन की टीम 58 अंक तक पहुँच सकी। इस सेट के बाद भारत ने अपनी बढ़त बरकरार रखी। मुकाबला बेहद करीबी होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य नहीं खोया और हर शॉट पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में लगातार सटीक निशाना लगाना भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।
तीसरे सेट में चीन ने जोरदार वापसी की कोशिश की। चीनी टीम ने इस सेट में परफेक्ट 60 का स्कोर हासिल किया। इसके जवाब में भारतीय खिलाड़ियों ने 59 अंक बनाए। इस वजह से भारत की बढ़त घटकर सिर्फ दो अंकों की रह गई। तीसरे सेट के बाद स्कोर 178-176 था और भारत मामूली बढ़त के साथ आगे था। इस स्थिति में मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था और एक छोटी सी गलती भी भारतीय टीम को भारी पड़ सकती थी।
ऐसे दबाव वाले माहौल में चिकिता,प्रीतिका और ज्योति ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास का परिचय दिया। आखिरी सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही बेहतरीन निशाने लगाए और चीन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। भारत ने अंतिम सेट में परफेक्ट 60 अंक हासिल किए। चीन की टीम ने 59 अंक बनाए। इस तरह भारत ने चौथे सेट में भी एक अंक की बढ़त हासिल करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
चारों सेट में भारतीय टीम के प्रदर्शन की बात करें तो भारत ने पहला सेट 60-58, दूसरा सेट 59-58, तीसरा सेट 60-59 और चौथा सेट 60-59 से अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में भारतीय टीम ने कुल 238 अंक हासिल किए,जबकि चीन की टीम 234 अंक तक पहुंच सकी। इस तरह भारत ने चार अंकों के अंतर से फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
भारतीय टीम की जीत की खास बात यह भी रही कि उसने कंपाउंड तीरंदाजी के महिला टीम इवेंट में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। भारत ने 238 अंक का स्कोर बनाया,जो इस स्पर्धा में पहले से कायम विश्व रिकॉर्ड के बराबर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया की टीम के नाम था। दक्षिण कोरिया ने 2014 एशियन गेम्स में 238 अंक हासिल कर यह रिकॉर्ड बनाया था। अब भारत ने उसी स्कोर की बराबरी करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है।
फाइनल में भारतीय तिकड़ी की एकजुटता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता साफ दिखाई दी। ज्योति,चिकिता और प्रीतिका ने अपने 24 शॉट्स में से 22 बार 10 अंक का निशाना लगाया। उनकी सटीकता ने भारत को लगातार बढ़त बनाए रखने में मदद की। खास तौर पर अंतिम सेट में परफेक्ट 60 का स्कोर हासिल करना टीम की जीत में निर्णायक साबित हुआ।
भारत के लिए यह स्वर्ण पदक एशियन गेम्स में कंपाउंड तीरंदाजी की मजबूत स्थिति को भी दर्शाता है। चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ फाइनल में लगातार बढ़त बनाए रखना और आखिरी क्षणों में दबाव का सामना करते हुए परफेक्ट स्कोर करना भारतीय तीरंदाजों के शानदार प्रदर्शन को दिखाता है। इस जीत के साथ चिकिता,प्रीतिका और ज्योति ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जोड़ दिया है।
