डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@wsyx6)

पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस पर विचार कर रहा अमेरिका,ट्रंप बोले- फैसला हो चुका हो,आपको पता भी न हो

वॉशिंगटन,2 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस स्थापित करने की संभावना पर विचार कर रहा है। टेक्सास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने विदेश नीति, यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी, यूक्रेन, दक्षिण अमेरिका, वेनेजुएला के तेल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। पोलैंड में सैन्य बेस को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने संकेत दिया कि इस दिशा में आगे बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने पोलैंड के प्रति अपने समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर विचार कर रहा है और पोलैंड के राष्ट्रपति के प्रति उनके मन में काफी सम्मान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस प्रस्ताव को देख रहा है और संभव है कि भविष्य में वहाँ अमेरिकी सैन्य बेस स्थापित किया जाए।

जब उनसे पूछा गया कि यदि अमेरिका पोलैंड में सैन्य अड्डा बनाने पर विचार कर रहा है तो अभी तक इस संबंध में अंतिम फैसला क्यों नहीं लिया गया है,तो ट्रंप ने जवाब दिया कि पत्रकारों को यह जरूरी नहीं पता हो कि उन्होंने फैसला लिया है या नहीं। उन्होंने कहा कि संभव है कि वह पहले ही निर्णय ले चुके हों। ट्रंप ने पोलैंड के प्रति अपनी पसंद जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें पोलैंड पसंद है।

पोलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की चर्चा ऐसे समय में हो रही है,जब यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था में नाटो देशों की भूमिका और अमेरिका की प्रतिबद्धता लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। पोलैंड लंबे समय से अपनी सुरक्षा को मजबूत करने और अपने क्षेत्र में सहयोगी देशों की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में अमेरिकी सैन्य बेस की संभावना दोनों देशों के सुरक्षा सहयोग को और गहरा कर सकती है। हालाँकि,ट्रंप की बातचीत में इस प्रस्ताव की जगह, आकार या निर्माण की समयसीमा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

बातचीत के दौरान ट्रंप से यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन के बारे में भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने बहुत संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि इसका समाधान निकल जाएगा। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है,जब यूक्रेन को लेकर अमेरिका की भविष्य की रणनीति और यूरोपीय सहयोगियों के साथ उसके समन्वय पर लगातार चर्चा होती रही है।

इराक और वहाँ से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद सहयोगी देशों के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी विदेश नीति में सहयोगी देशों के साथ संबंधों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्राजील के आगामी चुनाव को लेकर भी अपनी रुचि जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह ब्राजील के चुनाव पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने दक्षिण अमेरिका में ब्राजील की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण देश है और वहाँ के लोग शानदार हैं।

ब्राजील को दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। ऐसे में वहाँ होने वाले चुनाव का क्षेत्रीय राजनीति,अर्थव्यवस्था और अमेरिका के साथ संबंधों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप ने बातचीत के दौरान ब्राजील के महत्व पर जोर दिया, हालाँकि,उन्होंने चुनाव को लेकर किसी विशेष उम्मीदवार या राजनीतिक दल के समर्थन की घोषणा नहीं की।

ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका वेनेजुएला या दक्षिण अमेरिका के किसी अन्य हिस्से में भी सैन्य बेस स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। उन्होंने अमेरिका और क्षेत्र के कुछ देशों के बीच संबंधों को लेकर कहा कि रिश्ते अच्छे चल रहे हैं।

वेनेजुएला का मुद्दा अमेरिकी विदेश नीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ट्रंप की ताजा टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन दक्षिण अमेरिका में अपनी रणनीतिक मौजूदगी और विकल्पों को लेकर विभिन्न संभावनाओं पर विचार कर रहा है। हालाँकि,उन्होंने किसी नए सैन्य बेस की ठोस योजना या स्थान की पुष्टि नहीं की।

ट्रंप ने बातचीत में वेनेजुएला के तेल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि वेनेजुएला तेल से बड़ी मात्रा में राजस्व अर्जित करता है और अमेरिका को भी आर्थिक लाभ मिलता है, तो अमेरिका कम कीमत पर वेनेजुएला के तेल का इस्तेमाल अपने राष्ट्रीय रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भरने के लिए कर सकता है।

अमेरिका का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व आपात परिस्थितियों में इस्तेमाल के लिए रखा गया सरकारी तेल भंडार है। तेल की आपूर्ति में गंभीर व्यवधान या ऊर्जा संकट जैसी स्थिति में इस भंडार का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि कम कीमत पर वेनेजुएला के तेल से इस भंडार को भरना अमेरिका के लिए फायदेमंद हो सकता है।

उनकी टिप्पणी में ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक हितों पर भी जोर दिखाई दिया। हालाँकि,इस योजना को लेकर उन्होंने किसी औपचारिक समझौते, मात्रा या समयसीमा की जानकारी नहीं दी।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप ने एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की वकालत की। उनका कहना है कि अमेरिका में महंगाई नियंत्रण में है और ऊँची ब्याज दरें आर्थिक विकास की गति को प्रभावित कर सकती हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को आर्थिक वृद्धि चाहिए और उनके अनुसार आर्थिक विकास अपने आप में महँगाई बढ़ाने का कारण नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऊँची ब्याज दरें इस रफ्तार को धीमा कर सकती हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श अपने स्वतंत्र आकलन के आधार पर मतदान करें। इसके बावजूद उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह स्वयं कम ब्याज दरों के पक्ष में हैं।

ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति और केंद्रीय बैंक के बीच लंबे समय से अलग-अलग दृष्टिकोण देखने को मिलते रहे हैं। राष्ट्रपति आम तौर पर कम दरों को आर्थिक गतिविधियों और निवेश के लिए अनुकूल मानते हैं,जबकि केंद्रीय बैंक महँगाई और आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर मौद्रिक नीति तय करता है।

ट्रंप ने बातचीत के दौरान यह भी स्वीकार किया कि उनका प्रशासन अपनी आर्थिक उपलब्धियों के बारे में अमेरिकी जनता तक अपनी बात अपेक्षित तरीके से पहुँचाने में सफल नहीं रहा है। उन्होंने माना कि सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को लेकर किए जा रहे काम और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना एक चुनौती बनी हुई है।

इस तरह टेक्सास रवाना होने से पहले ट्रंप की पत्रकारों से बातचीत में विदेश नीति और अर्थव्यवस्था दोनों प्रमुख विषय रहे। पोलैंड में संभावित अमेरिकी सैन्य बेस को लेकर उनकी टिप्पणी ने यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है। वहीं यूक्रेन, इराक और दक्षिण अमेरिका से जुड़े सवालों पर उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों के साथ संबंध बनाए रखने और विभिन्न रणनीतिक विकल्पों पर विचार जारी रखने की बात कही। दूसरी ओर, वेनेजुएला के तेल और ब्याज दरों को लेकर उनकी टिप्पणियों से ऊर्जा नीति और आर्थिक विकास को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताओं का संकेत मिला।