मुंबई,3 अक्टूबर (युआईटीवी)- आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले की जाँच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जाँच एजेंसी ने प्रोफेसर से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं,उनके बीच हुई बातचीत और छात्र के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार से जुड़े कई सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान प्रोफेसर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। क्राइम ब्रांच अब मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है।
साहिल के माता-पिता की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। इसी शिकायत के आधार पर जाँच के तहत क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर का बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों, परीक्षा से संबंधित घटनाओं और छात्र तथा प्रोफेसर के बीच हुई बातचीत को लेकर जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
पूछताछ के दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। अब जाँच एजेंसी उनके बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ दूसरे लोगों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था और किन परिस्थितियों में उसने यह कदम उठाया।
सूत्रों के मुताबिक,मुंबई क्राइम ब्रांच जल्द ही आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को भी पूछताछ के लिए समन कर सकती है। उनका बयान मामले की जाँच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि साहिल के माता-पिता ने अपनी शिकायत में संस्थान के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। जाँच एजेंसी संस्थान के स्तर पर हुई कार्रवाई और छात्र से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी हासिल करना चाहती है।
जाँच के दौरान पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच कर रही है। इसका उद्देश्य साहिल की मौत से पहले की गतिविधियों और परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाना है। सीसीटीवी फुटेज के अलावा पुलिस अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों की भी जाँच कर रही है,ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
मुंबई क्राइम ब्रांच अब तक साहिल के माता-पिता, सहपाठियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों समेत करीब 50 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जाँच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। पुलिस उन सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है,जो छात्र की मौत से पहले सामने आई थीं।
वहीं,साहिल के माता-पिता पिछले छह दिनों से मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे मामले में नामजद लोगों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी माँग पूरी नहीं होती,तब तक वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे। परिवार की मुख्य माँग प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे के खिलाफ कार्रवाई और उनके बेटे को न्याय दिलाने की है।
इससे पहले पवई पुलिस ने साहिल के पिता रवींद्र की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जाँच आगे बढ़ी और अब मुंबई क्राइम ब्रांच विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस की जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
साहिल वाकोडे एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर की शाम उन्हें आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर स्थित हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर हुई कार्रवाई के कुछ घंटे बाद सामने आई थी।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक,साहिल पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का आरोप था। बताया गया था कि उन्होंने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मंच पर अपलोड करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालाँकि, बाद में संस्थान की ओर से घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
साहिल की मौत के बाद परिवार ने संस्थान में उनके साथ कथित व्यवहार और परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे पर दबाव बनाया गया और उसे प्रताड़ित किया गया। है;हालाँकि,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जाँच एजेंसी विभिन्न पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल क्राइम ब्रांच की जाँच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से लंबी पूछताछ के बाद अब संस्थान के निदेशक समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाने की संभावना है। साथ ही परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जाँच के जरिए साहिल की मौत से पहले की घटनाओं का क्रम स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।
