स्मृति मंधाना (तस्वीर क्रेडिट@ShankarAhi7ti5)

स्मृति मंधाना बनीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान,हरमनप्रीत कौर के बाद सँभालेंगी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। हरमनप्रीत कौर के कप्तानी पद से हटने के फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्मृति मंधाना को टीम की नई स्थायी कप्तान नियुक्त कर दिया है। अब स्मृति मंधाना भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक सफेद गेंद की कप्तान होंगी। वह वनडे और टी20 प्रारूप में टीम की कमान सँभालेंगी और भारतीय महिला क्रिकेट को एक नए दौर में आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

स्मृति मंधाना के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी बिल्कुल नई नहीं है। वह इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर भारतीय टीम का नेतृत्व कर चुकी हैं। अब तक वह 18 टी20 अंतर्राष्ट्रीय और चार वनडे मुकाबलों में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं। इन अनुभवों को देखते हुए बोर्ड ने उन्हें नियमित कप्तान के रूप में जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि टीम में उनकी वरिष्ठता,अंतर्राष्ट्रीय अनुभव और नेतृत्व क्षमता इस नई भूमिका में काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।

भारतीय महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना पिछले कई वर्षों से टीम की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ टीम के भीतर नेतृत्व की भूमिका भी लगातार निभाई है। साल 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा रहने वाली स्मृति ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा सफर तय किया है। इस दौरान उन्होंने टीम के कई महत्वपूर्ण दौर देखे हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट का प्रतिनिधित्व किया है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्मृति की नियुक्ति की घोषणा करते हुए उनके अनुभव को खास तौर पर रेखांकित किया। बोर्ड के मुताबिक,2013 से भारतीय टीम का हिस्सा रहने के कारण स्मृति इस जिम्मेदारी के लिए काफी अनुभव लेकर आती हैं। टीम अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है और हाल के वर्षों में हासिल की गई प्रगति को आगे बढ़ाने की चुनौती उनके सामने होगी।

स्मृति ने कप्तानी मिलने के बाद इसे अपने लिए बेहद खास सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि भारत का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक,भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा उनके लिए खास रहा है और अब टीम की कप्तानी करने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद मूल्यवान है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, चयनकर्ताओं, टीम की साथी खिलाड़ियों और अपने सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया।

नई कप्तान ने अपनी पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी विशेष रूप से जिक्र किया। स्मृति ने कहा कि वह इतने वर्षों तक कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत के योगदान को याद करना चाहेंगी। उनके अनुसार,हरमनप्रीत ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ टीम का नेतृत्व किया और भारतीय महिला क्रिकेट की यात्रा में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। स्मृति की यह बात कप्तानी में बदलाव के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच सम्मान और सहयोग की भावना को भी दर्शाती है।

स्मृति ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नई जिम्मेदारी की गंभीरता को समझती हैं। उनके मुताबिक,वह टीम के साथ मिलकर काम करने, एक-दूसरे से सीखने और भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं। कप्तान के तौर पर उनके सामने केवल मैदान पर टीम का नेतृत्व करने की चुनौती नहीं होगी,बल्कि एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी।

घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में स्मृति मंधाना के नेतृत्व का अनुभव भी उनके पक्ष में गया है। महिला प्रीमियर लीग में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान हैं और उनकी अगुआई में टीम ने 2024 तथा 2026 में खिताब अपने नाम किया। लगातार दो बार टीम को चैंपियन बनाने की उपलब्धि ने उनकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत पहचान दी है। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अलग-अलग तरह के खिलाड़ियों के साथ काम करने और दबाव वाले मुकाबलों में टीम को सँभालने का अनुभव अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी उनके लिए उपयोगी हो सकता है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है,जब टीम आगे एक नए चरण की ओर बढ़ रही है। हरमनप्रीत कौर लंबे समय तक टीम की कप्तान रही हैं और उनके नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेले। अब उनकी जगह स्मृति को जिम्मेदारी मिलने के साथ टीम के नेतृत्व की शैली में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। हालाँकि,टीम की कई अनुभवी खिलाड़ी पहले की तरह ही मौजूद रहेंगी,लेकिन नई कप्तान के नेतृत्व में भविष्य की रणनीति और टीम की प्राथमिकताओं पर खास नजर रहेगी।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भी स्मृति मंधाना को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्मृति कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट का अहम हिस्सा रही हैं और उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करने के गुण दिखाए हैं। उनके मुताबिक,कप्तानी की जिम्मेदारी सँभालते समय स्मृति का अनुभव और खेल की समझ टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

मिथुन मन्हास ने स्मृति पर बोर्ड के भरोसे का भी जिक्र किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्मृति अपने पूरे करियर में दिखाई गई प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के साथ नई भूमिका को भी निभाएँगी। उन्होंने भारतीय महिला टीम के नए सफर में स्मृति को शुभकामनाएँ देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी कप्तानी में टीम आगे बढ़ेगी।

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने भी स्मृति की नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि स्मृति भारतीय टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक बन चुकी हैं और भारतीय महिला क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण पलों का हिस्सा रही हैं। उनके मुताबिक,स्मृति अच्छी तरह समझती हैं कि भारत का प्रतिनिधित्व करने का क्या मतलब है और यही समझ कप्तान के तौर पर उनकी भूमिका में महत्वपूर्ण साबित होगी।

देवजीत सैकिया ने महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान के रूप में स्मृति की सफलता को भी उनके नेतृत्व गुणों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की कप्तानी करना निश्चित रूप से बड़ी जिम्मेदारी है,लेकिन स्मृति के पास इस जिम्मेदारी को सँभालने के लिए जरूरी अनुभव और स्वभाव मौजूद है। उन्होंने नई कप्तान और पूरी टीम को आने वाले सफर के लिए शुभकामनाएँ दीं।

स्मृति मंधाना के सामने अब भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती है। सफेद गेंद के दोनों प्रारूपों में टीम को लगातार मजबूत प्रदर्शन करना होगा। कप्तान के तौर पर उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। साथ ही बड़े टूर्नामेंटों में टीम को दबाव से निपटने के लिए तैयार करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।

स्मृति की कप्तानी में भारतीय टीम से आक्रामक क्रिकेट के साथ निरंतरता की उम्मीद की जा सकती है। हालाँकि,कप्तानी की शैली और रणनीति का वास्तविक असर आने वाले मुकाबलों में ही दिखाई देगा,लेकिन उनका पिछला अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा अनुभव और महिला प्रीमियर लीग में सफल कप्तानी उनके पक्ष में अहम आधार हैं।

कप्तानी में यह बदलाव भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी है। हरमनप्रीत कौर के लंबे नेतृत्व काल के बाद अब स्मृति मंधाना के हाथों में टीम की कमान होगी। एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर स्मृति पहले ही भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत कर चुकी हैं। अब कप्तान के रूप में उनके सामने व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ पूरी टीम को सफलता की दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी होगी।

भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों की नजर अब स्मृति मंधाना के नेतृत्व में टीम के प्रदर्शन पर रहेगी। उनके सामने आने वाले मुकाबलों में टीम को सही दिशा देने,खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और बड़े मंच पर मजबूत प्रदर्शन कराने की चुनौती होगी। बोर्ड ने जिस भरोसे के साथ उन्हें पूर्णकालिक सफेद गेंद की कप्तानी सौंपी है,अब उस भरोसे को मैदान पर प्रदर्शन में बदलना स्मृति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। भारतीय महिला क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत अब स्मृति मंधाना की कप्तानी के साथ होने जा रही है।