यमन में फिर भड़का संघर्ष (तस्वीर क्रेडिट@neeraj_raathi)

यमन में फिर भड़का संघर्ष, हूतियों ने सऊदी अरब पर 106 हमलों का लगाया आरोप; ताइज में बढ़ी पकड़

सना,5 अक्टूबर (युआईटीवी)- यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुँचता दिखाई दे रहा है। हूती समूह ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटों के दौरान उसके नियंत्रण वाले इलाकों में 106 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। हूतियों के मुताबिक,इन हमलों में राजधानी सना के साथ-साथ अल-जौफ और ताइज जैसे प्रांतों को निशाना बनाया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है,जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने हूती समूह के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए एक नए सैन्य अभियान की घोषणा की है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बयान जारी कर सऊदी हमलों का दावा किया। उनके अनुसार,हालिया हमलों के बाद मौजूदा तनाव शुरू होने के बाद से सऊदी अरब की ओर से किए गए हवाई और मिसाइल हमलों की कथित कुल संख्या 1,516 तक पहुँच गई है। हालाँकि,इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब की ओर से भी हूती समूह द्वारा बताए गए इन हमलों की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यमन में जारी सैन्य गतिविधियों को लेकर सामने आ रहे दावों को पूरी तरह स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना फिलहाल मुश्किल है।

हूतियों का यह दावा यमन सरकार की ओर से नए सैन्य अभियान की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सामने आया। सरकार ने अपने अभियान को आजादी की लड़ाई का नया चरण बताया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों को हूती समूह के नियंत्रण से वापस लेना है,जिन पर पिछले वर्षों के संघर्ष के दौरान उसका कब्जा हो गया था। सरकार के इस ऐलान के बाद यमन में सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

यमन में हालात इसलिए भी गंभीर माने जा रहे हैं क्योंकि देश में संघर्ष पहले से ही लंबे समय से राजनीतिक, सैन्य और मानवीय संकट का कारण बना हुआ है। हाल के घटनाक्रम में दक्षिण-पश्चिमी यमन के इलाकों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों के साथ हवाई हमलों में भी तेजी देखी गई है। इससे हूती समूह और सऊदी अरब के बीच प्रत्यक्ष टकराव दोबारा तेज होने की स्थिति बन गई है। दूसरी तरफ, यमन की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार भी अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मजबूत करने और हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने की कोशिश में जुटी है।

यमन का मौजूदा संघर्ष वर्ष 2014 के आखिर में उस समय बड़े स्तर पर सामने आया था, जब हूती समूह ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद उसने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से में भी अपना प्रभाव स्थापित कर लिया। सत्ता पर हूतियों की बढ़ती पकड़ ने यमन की राजनीतिक व्यवस्था को गहरे संकट में डाल दिया। इसके कुछ समय बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। इसके बाद संघर्ष ने क्षेत्रीय स्वरूप ले लिया और कई वर्षों तक हवाई हमलों,मिसाइल हमलों तथा जमीनी लड़ाइयों का सिलसिला जारी रहा।

अब ताजा घटनाक्रम में दक्षिण-पश्चिमी यमन का ताइज प्रांत एक बार फिर संघर्ष का प्रमुख केंद्र बन गया है। हूती समूह ने इस इलाके में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया है। इसी दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने उन इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की है,जो लंबे समय से हूती नियंत्रण में हैं। दोनों पक्षों की गतिविधियों से संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में ताइज और आसपास के क्षेत्रों में सैन्य टकराव और बढ़ सकता है।

स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक,दक्षिणी ताइज प्रांत के एक महत्वपूर्ण केंद्र अत-तुर्बाह में हूती लड़ाके सरकारी बलों के पीछे हटने के बाद बिना किसी बड़े प्रतिरोध के दाखिल हो गए। एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सरकारी सैनिकों और उनके सहयोगी लड़ाकों ने शहर से पीछे हटकर आसपास के पहाड़ी इलाकों में अपनी स्थिति बनाई। कुछ लड़ाके कथित तौर पर आगे दक्षिण की ओर पड़ने वाले लाहज प्रांत की दिशा में चले गए।

स्थानीय अधिकारी के मुताबिक,सरकारी बलों की वापसी के बाद हूती लड़ाकों ने अत-तुर्बाह शहर के महत्वपूर्ण स्थानों और वहाँ आने-जाने वाले प्रमुख रास्तों पर अपनी मौजूदगी स्थापित कर ली। इस घटनाक्रम से हूतियों को इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली है। हालाँकि,स्थानीय स्तर पर स्थिति कितनी स्थिर है और सरकारी बल आगे किस तरह की प्रतिक्रिया देंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हूती लड़ाकों के शहर में प्रवेश के बाद उन्होंने मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अपनी तैनाती बढ़ा दी। स्थिति को देखते हुए कई दुकानदारों ने हूती लड़ाकों के पहुँचने से पहले ही अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। इससे शहर में सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार,हूतियों ने मस्जिदों के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर लोगों से किसी तरह के विरोध से बचने की अपील की।

अत-तुर्बाह पर नियंत्रण का घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ताइज यमन के रणनीतिक रूप से अहम इलाकों में शामिल है। इस क्षेत्र में लंबे समय से विभिन्न पक्षों के बीच प्रभाव को लेकर संघर्ष चलता रहा है। यदि हूती समूह इस इलाके में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहता है,तो इससे सरकार के लिए चुनौती बढ़ सकती है। वहीं सरकार की ओर से घोषित नए सैन्य अभियान के कारण क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की संभावना भी बनी हुई है।

यमन में संघर्ष का एक और महत्वपूर्ण पहलू सऊदी अरब की भूमिका है। पिछले वर्षों में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में हूतियों के खिलाफ अभियान चलाया है। हाल के तनाव में फिर से हवाई और मिसाइल हमलों के दावे सामने आने से यह आशंका बढ़ी है कि संघर्ष एक बार फिर व्यापक सैन्य टकराव का रूप ले सकता है। हालाँकि,सऊदी अरब की ओर से हूतियों के ताजा आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है,इसलिए हमलों की संख्या और उनके प्रभाव के बारे में स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है।

यमन में संघर्ष के दोबारा तेज होने का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहेगा। लंबे समय से युद्ध का सामना कर रहे आम नागरिकों के लिए बढ़ता तनाव एक नई चुनौती बन सकता है। शहरों में सुरक्षा व्यवस्था,कारोबार और आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में सरकार और हूती समूह के बीच सैन्य गतिविधियाँ बढ़ने के साथ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

फिलहाल यमन में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। एक ओर हूती समूह सऊदी अरब पर बड़े पैमाने पर हमलों का आरोप लगा रहा है,वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने अपने कब्जे से बाहर के इलाकों को वापस लेने के लिए नए सैन्य अभियान की घोषणा की है। ताइज में हूतियों की बढ़ती मौजूदगी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकारी बल जवाबी कार्रवाई करते हैं या नहीं और क्या ताजा संघर्ष व्यापक क्षेत्र में फैलता है। यमन में वर्षों से चले आ रहे संकट के बीच मौजूदा घटनाक्रम ने एक बार फिर देश की राजनीतिक और सैन्य स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।