रियाद एयरपोर्ट पर हमला (तस्वीर क्रेडिट@janardanspeaks)

रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, टर्मिनल-4 में लगी आग; 12 की मौत, 300 से अधिक घायल

नई दिल्ली,12 अक्टूबर (युआईटीवी)- सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बार फिर हमले की खबर सामने आई है। रविवार को हवाई अड्डे के टर्मिनल-4 से एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र टकराने के बाद वहाँ आग लग गई। इसके अलावा,हवाई अड्डे के आसपास एक क्रूज मिसाइल को हवा में ही नष्ट किए जाने की भी जानकारी मिली है। लगातार दूसरे दिन हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की घटना से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालाँकि,ताजा हमले से हुए नुकसान और संभावित हताहतों की विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

यह घटना शनिवार, 10 अक्टूबर को हवाई अड्डे पर हुए हमले के एक दिन बाद हुई है। पिछले हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी,जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर गंभीर असर पड़ा है।

रियाद के किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे का संचालन बंद कर दिया। उड़ानों की निगरानी करने वाली सेवा के अनुसार,हवाई अड्डे को 12 अक्टूबर की आधी रात तक बंद रखने का फैसला किया गया था। हालाँकि,विमानन अधिकारियों ने उड़ान सेवाएँ दोबारा शुरू करने के लिए कोई निश्चित समय घोषित नहीं किया।

हवाई अड्डे के बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है। अधिकारियों के सामने फिलहाल हवाई अड्डे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामान्य परिचालन बहाल करने की चुनौती है। ताजा हमले की खबर के बाद सुरक्षा उपायों को और सख्त किए जाने की संभावना है।

शनिवार को हुए हमले में जान गंवाने वाले 12 लोगों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल थे। मृतकों में एक अमेरिकी नागरिक भी बताया गया है। इस घटना में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के कारण राहत और चिकित्सा सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा। लगातार हमलों की आशंका को देखते हुए हवाई अड्डे और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाना आवश्यक हो गया है।

हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। हूती विद्रोहियों ने रविवार को विमानन कंपनियों,हवाई अड्डे के कर्मचारियों और यात्रियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी। इस चेतावनी के बाद विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। यदि ऐसी परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो यात्रियों को उड़ानों में देरी,रद्द होने और यात्रा योजनाओं में बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर,सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। इससे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। हालाँकि,जवाबी कार्रवाई की प्रकृति,समय और संभावित लक्ष्य को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच जारी तनाव का असर केवल स्थानीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र पर हमले से अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों, विमानन कंपनियों और दूसरे देशों के नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ऐसे में आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनी रहेगी।

रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में कई भारतीय नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय दूतावास के अनुसार,घायलों में कम से कम 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इनमें से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इस खबर के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि वह मृतक के परिजनों के संपर्क में है। दूतावास की ओर से पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक समन्वय किया जाएगा। इसके साथ ही घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सहायता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह घटना भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

इस हमले में पाकिस्तान के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानकारी दी कि रियाद के किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में छह पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

रियाद में लगातार दो दिनों तक हमले की खबरों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हवाई अड्डे का बंद रहना,उड़ानों की बहाली को लेकर अनिश्चितता और विभिन्न देशों के नागरिकों के हताहत होने की खबरें इस घटना के व्यापक प्रभाव को दर्शाती हैं। फिलहाल,सभी की नजरें सऊदी अधिकारियों की अगली कार्रवाई, हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था और उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के फैसले पर टिकी हैं।