मुंबई,16 अक्टूबर (युआईटीवी)- विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘राणाबाली’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता थी,क्योंकि इस जोड़ी को एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ देखने का मौका मिला है। रिलीज के बाद दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा करनी शुरू कर दी हैं। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म को मिली-जुली राय मिल रही है। जहाँ कुछ लोगों ने कहानी,निर्देशन और मुख्य कलाकारों की तारीफ की है,वहीं कई दर्शकों को फिल्म की कहानी और खासकर इसका दूसरा भाग निराशाजनक लगा है। कुछ लोगों ने तो इसे बेहद थकाऊ और हिंसा से भरपूर फिल्म तक करार दिया है।
‘राणाबाली’ को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर हो रही है। कुछ दर्शकों को फिल्म का पहला भाग मनोरंजक लगा,लेकिन दूसरे भाग को लेकर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि फिल्म की शुरुआत उम्मीद जगाती है,मगर आगे बढ़ने के साथ इसकी रफ्तार कमजोर पड़ने लगती है। कुछ दर्शकों के मुताबिक,दूसरे भाग में कहानी को जिस तरह आगे बढ़ाया गया है,वह दर्शकों को बाँधे रखने में सफल नहीं होता।
एक दर्शक ने फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा कि ‘राणाबाली’ का पहला भाग ब्लॉकबस्टर जैसा अनुभव देता है और दूसरे भाग में भी बड़े धमाके की उम्मीद की जा सकती है। हालाँकि,हर दर्शक की राय इससे मेल नहीं खाती। कुछ लोगों ने फिल्म के दूसरे हिस्से को लंबा,उबाऊ और थका देने वाला बताया। एक सोशल मीडिया यूजर ने टिप्पणी की कि विजय देवरकोंडा ने अपने किरदार के लिए काफी मेहनत की है,लेकिन कमजोर प्रस्तुति के कारण उनकी मेहनत का पूरा फायदा नहीं मिल पाया। इसी प्रतिक्रिया में रश्मिका मंदाना की तारीफ करते हुए कहा गया कि जब-जब वह पर्दे पर दिखाई देती हैं, फिल्म में दिलचस्पी बढ़ जाती है।
इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की राय एक जैसी नहीं है। कुछ लोगों को इसकी शुरुआत और कलाकारों का प्रदर्शन पसंद आया है,जबकि दूसरे दर्शकों को कहानी की प्रस्तुति और दूसरे भाग की गति ने निराश किया है।
फिल्म को लेकर सबसे तीखी आलोचना इसकी हिंसा और कहानी में संवेदनशीलता की कमी को लेकर सामने आई है। एक सोशल मीडिया यूजर ने ‘राणाबाली’ को हाल के समय की सबसे खराब फिल्मों में से एक बताते हुए इसे देखना किसी टॉर्चर जैसा अनुभव करार दिया। इस दर्शक के अनुसार,फिल्म में महिलाओं,बच्चों और गरीबों के खिलाफ अत्यधिक हिंसा दिखाई गई है,लेकिन पीड़ितों की परिस्थितियों और उनकी भावनाओं को पर्याप्त संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत नहीं किया गया।
आलोचना में फिल्म के खलनायकों और नायक के चित्रण पर भी सवाल उठाए गए। संबंधित दर्शक का कहना था कि कहानी में विरोधी किरदारों को प्रभावशाली ढंग से विकसित नहीं किया गया है और कई दृश्यों में वीरता का प्रदर्शन स्वाभाविक नहीं लगता। विजय देवरकोंडा के किरदार को भी इस प्रतिक्रिया में बनावटी बताया गया।
हालाँकि,यह सोशल मीडिया पर सामने आई एक दर्शक की व्यक्तिगत राय है। फिल्म को लेकर सभी दर्शकों का नजरिया ऐसा नहीं है। कुछ लोगों ने इसके कलाकारों,संगीत और प्रस्तुति की तारीफ भी की है। ऐसे में फिल्म को लेकर अंतिम राय बनाने से पहले अलग-अलग प्रतिक्रियाओं और दर्शकों के अनुभवों को देखना जरूरी है।
फिल्म की आलोचना के बीच विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। दोनों कलाकारों की पर्दे पर केमिस्ट्री को फिल्म की खासियतों में गिना जा रहा है। दर्शकों का कहना है कि साथ दिखाई देने पर दोनों के बीच अच्छा तालमेल नजर आता है और उनके रोमांटिक दृश्यों में आकर्षण बना रहता है।
एक दर्शक ने फिल्म की तारीफ करते हुए इसके निर्देशन,कहानी और स्क्रीनप्ले को प्रभावशाली बताया। इस प्रतिक्रिया में मुख्य जोड़ी की केमिस्ट्री,संगीत और जयम्मा के किरदार की भी प्रशंसा की गई। साथ ही विजय देवरकोंडा के अभिनय और मेहनत के लिए उन्हें खूब सराहना मिली। एक अन्य दर्शक ने भी विजय और रश्मिका के प्रदर्शन को शानदार बताते हुए कहा कि दोनों की जोड़ी पर्दे पर अच्छी लगती है।
रश्मिका मंदाना के अभिनय को लेकर भी कुछ प्रतिक्रियाएँ सकारात्मक रही हैं। एक दर्शक ने खास तौर पर कहा कि उनके पर्दे पर आने से फिल्म में दिलचस्पी बढ़ती है। इससे संकेत मिलता है कि कहानी और उसकी गति को लेकर शिकायतों के बावजूद मुख्य कलाकारों का प्रदर्शन कुछ दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहा है।
‘राणाबाली’ का निर्देशन राहुल सांकृत्यायन ने किया है,जबकि प्रमोद तम्मीनेनी ने फिल्म के लेखन में सहयोग दिया है। फिल्म में विजय देवरकोंडा ने सिंगनमाला बोब्बिली राणाबाली का किरदार निभाया है। वहीं,रश्मिका मंदाना जयम्मा की भूमिका में नजर आ रही हैं, जो कहानी में राणाबाली की पत्नी हैं। अभिनेता अर्नोल्ड वॉस्लू ने ब्रिटिश कमिश्नर सर थियोडोर हेक्टर का किरदार निभाया है।
फिल्म की कहानी,किरदारों और हिंसक दृश्यों को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ इसकी चर्चा को बढ़ा रही हैं। एक ओर विजय और रश्मिका की जोड़ी को पसंद किया जा रहा है, तो दूसरी ओर कहानी की गति और दूसरे भाग को लेकर असंतोष दिखाई दे रहा है। कुछ दर्शकों को फिल्म मनोरंजक लगी,जबकि कुछ ने इसे निराशाजनक बताया है।
कुल मिलाकर, ‘राणाबाली’ को शुरुआती प्रतिक्रियाओं में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म की सफलता के लिहाज से आने वाले दिनों में दर्शकों की प्रतिक्रिया और सिनेमाघरों में इसका प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल,सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर बहस जारी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में दर्शकों की राय किस दिशा में जाती है।
