लिंकन,26 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच लिंकन के बर्ट सटक्लिफ ओवल मैदान पर खेले जा रहे पहले अनौपचारिक टेस्ट मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। भारतीय बल्लेबाज ने दूसरी पारी में 199 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। हालाँकि, वह अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। 248 गेंदों का सामना करने वाले पडिक्कल ने अपनी पारी में 24 चौके और तीन छक्के लगाए। उनके आउट होने का तरीका भी चर्चा का विषय बना,क्योंकि अंपायर के फैसले से वह काफी निराश नजर आए।
पहली पारी में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम को दूसरी पारी में मजबूत बल्लेबाजी की जरूरत थी। न्यूजीलैंड ए ने पहली पारी में 317 रन बनाकर भारत ए पर 204 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। इसके जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी केवल 113 रनों पर सिमट गई थी। ऐसे में दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों के सामने न सिर्फ बड़ा स्कोर खड़ा करने,बल्कि मुकाबले में टीम की स्थिति मजबूत करने की चुनौती थी। पडिक्कल ने अपनी पारी से इस चुनौती का शानदार तरीके से सामना किया।
पडिक्कल ने दूसरी पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने शुरुआत से ही क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और खराब शुरुआत के बाद पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। उनकी 248 गेंदों की पारी में 24 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। वह लगातार रन बनाते रहे और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाने में सफल हुए।
हालाँकि,जब वह दोहरे शतक के बेहद करीब पहुँच चुके थे,तभी न्यूजीलैंड ए के तेज गेंदबाज जैक गिब्सन की गेंद पर उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया गया। गेंद पडिक्कल के पैड पर लगी,जिसके बाद गेंदबाज और न्यूजीलैंड ए के अन्य खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की। अंपायर ने अपील स्वीकार करते हुए अपनी ऊँगली उठा दी।
इस फैसले से पडिक्कल संतुष्ट नहीं दिखे। उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आई, क्योंकि वह अपने दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर थे। 199 रन पर उनका विकेट गिरने से भारतीय पारी को झटका जरूर लगा,लेकिन तब तक वह टीम को मुकाबले में वापस लाने के लिए अहम योगदान दे चुके थे।
भारत ए की दूसरी पारी की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल केवल पाँच रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद केएल राहुल भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और महज चार रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम एक बार फिर दबाव में आ गई थी।
ऐसे समय में देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने जिम्मेदारी सँभाली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों का सामना किया। उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 340 गेंदों में 215 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी और टीम को शुरुआती झटकों से उबरने का मौका मिला।
साई सुदर्शन ने भी अच्छी बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों में 91 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। वह शतक से केवल नौ रन दूर रह गए,लेकिन उनके योगदान ने पडिक्कल के साथ मिलकर भारत ए की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच हुई लंबी साझेदारी ने न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया और भारतीय टीम को बड़े स्कोर की ओर आगे बढ़ाया।
साई सुदर्शन के आउट होने के बाद भारतीय टीम को एक बार फिर साझेदारी की जरूरत थी। पडिक्कल को यश राठौड़ के रूप में अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 142 रन जोड़े और भारत ए की दूसरी पारी को और मजबूती प्रदान की। इस दौरान पडिक्कल ने अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा,जबकि यश राठौड़ ने भी जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की।
हालाँकि,कप्तान ध्रुव जुरेल बल्ले से खास योगदान नहीं दे सके और केवल दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके बावजूद पडिक्कल और यश राठौड़ की साझेदारी ने टीम को मैच में वापसी का मजबूत अवसर दिया। पडिक्कल के 199 रन पर आउट होने के बाद अब भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस बढ़त को और बढ़ाने की चुनौती है।
टी-ब्रेक तक भारत ए ने दूसरी पारी में पाँच विकेट खोकर 377 रन बना लिए थे। यश राठौड़ 66 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे,जबकि वॉशिंगटन सुंदर दो रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। इस समय भारत ए की कुल बढ़त 173 रन हो चुकी थी और उसके पाँच विकेट शेष थे।
मुकाबले की पहली पारी में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। भारत ए की पूरी टीम 113 रन ही बना सकी थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ए ने 317 रन बनाकर 204 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी के इस अंतर ने भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति में डाल दिया था।
लेकिन दूसरी पारी में पडिक्कल, साई सुदर्शन और यश राठौड़ की उपयोगी पारियों ने मैच का रुख बदलने की संभावना पैदा कर दी। भारत ए ने न केवल अपनी शुरुआती बढ़त की चुनौती का सामना किया,बल्कि मुकाबले में अपनी स्थिति भी बेहतर की।
पडिक्कल का 199 रन पर आउट होना व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से निराशाजनक जरूर रहा,लेकिन उनकी पारी भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। अब मुकाबले में आगे का खेल इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत ए अपनी बढ़त को कितना बढ़ा पाता है और न्यूजीलैंड ए की दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज किस तरह प्रदर्शन करते हैं। फिलहाल,शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत ए ने मुकाबले को फिर से प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
