डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@wsyx6)

वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की ट्रंप ने जताई संभावना,तेल समझौते के बीच दिया बड़ा बयान

वाशिंगटन,28 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक बार फिर ऐसा बयान दिया है,जिसने दोनों देशों के संबंधों और तेल संसाधनों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ट्रंप ने संभावना जताई कि वेनेजुएला भविष्य में अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। उन्होंने यह टिप्पणी टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान की। इस मौके पर उन्होंने वेनेजुएला के साथ बढ़ते तेल सहयोग, वहाँ विदेशी निवेश की संभावनाओं और आर्थिक स्थिति में सुधार का जिक्र किया। हालाँकि,उनका यह बयान फिलहाल एक टिप्पणी तक सीमित है। वेनेजुएला को अमेरिकी राज्य बनाने के संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय या समझौते की घोषणा नहीं की गई है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल कारोबार को लेकर सहयोग चर्चा में है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। उसके विशाल ऊर्जा संसाधनों के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उसकी रणनीतिक अहमियत बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इसी तेल संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध अब पहले की तुलना में बेहतर हो रहे हैं।

टेक्सास में आयोजित रैली के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि वॉशिंगटन और काराकस के बीच हुए समझौते के तहत वेनेजुएला से 10 लाख बैरल तेल अमेरिका पहुँच रहा है। उन्होंने इसे मुफ्त तेल बताते हुए कहा कि इस खेप को टेक्सास की रिफाइनरियों में संसाधित किया जाएगा। इसमें कॉर्पस क्रिस्टी की रिफाइनिंग सुविधाएँ भी शामिल हैं।

ट्रंप ने इस व्यवस्था को अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया। उनका कहना था कि वेनेजुएला से तेल मिलने से अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र को फायदा होगा और वैश्विक तेल आपूर्ति में अमेरिका की भूमिका मजबूत हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वेनेजुएला में विदेशी निवेश बढ़ने से वहाँ आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

अमेरिका के लिए वेनेजुएला का तेल लंबे समय से रणनीतिक महत्व रखता है। वहाँ भारी कच्चे तेल के विशाल भंडार मौजूद हैं,जिन्हें संसाधित करने के लिए विशेष प्रकार की रिफाइनिंग सुविधाओं की जरूरत होती है। टेक्सास के कुछ रिफाइनिंग केंद्र इस तरह के तेल को संसाधित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच तेल कारोबार में बढ़ोतरी अमेरिकी ऊर्जा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालाँकि,ट्रंप के दावों और इस व्यवस्था के वास्तविक आर्थिक प्रभावों का आकलन तेल की आपूर्ति,समझौते की शर्तों और भविष्य में जारी रहने वाले कारोबार के आधार पर ही किया जा सकता है।

रैली में ट्रंप ने तेल सहयोग और वेनेजुएला की संभावित आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ की स्थिति बेहतर हो सकती है। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में सवाल उठाया कि कौन जानता है, वेनेजुएला जल्द ही अमेरिका का खुशहाल 51वां राज्य बन जाए।

उन्होंने आगे कहा कि यदि वेनेजुएला कभी अमेरिका का राज्य बनता है,तो वहाँ राष्ट्रपति के बजाय गवर्नर का चुनाव होगा। ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को भी अपने बयान के संदर्भ में रेखांकित किया। उनकी टिप्पणी से यह स्पष्ट हुआ कि वह तेल संसाधनों और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को अपने संबोधन का प्रमुख विषय बना रहे थे।

हालाँकि,किसी देश को अमेरिका का राज्य बनाने का विचार केवल राजनीतिक बयान से लागू नहीं हो सकता। इसके लिए व्यापक संवैधानिक,कानूनी और राजनीतिक प्रक्रियाओं की आवश्यकता होगी। वेनेजुएला की अपनी सरकार,संप्रभुता और राजनीतिक व्यवस्था है। इसलिए ट्रंप की टिप्पणी को फिलहाल औपचारिक नीति या दोनों देशों के बीच तय योजना के रूप में नहीं देखा जा सकता।

ट्रंप इससे पहले भी दूसरे देशों को अमेरिका में शामिल करने से संबंधित टिप्पणियाँ कर चुके हैं। उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का विचार भी कई बार सामने रखा था। अब वेनेजुएला को लेकर की गई टिप्पणी ने इस विषय को फिर चर्चा में ला दिया है।

कनाडा और वेनेजुएला की राजनीतिक,आर्थिक और भौगोलिक परिस्थितियाँ अलग-अलग हैं। कनाडा एक स्वतंत्र देश है,जबकि वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका में स्थित है और उसकी अर्थव्यवस्था में तेल क्षेत्र की प्रमुख भूमिका है। दोनों देशों को अमेरिकी राज्य बनाने की बातें राजनीतिक बयानबाजी के दायरे में रही हैं। इन टिप्पणियों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अमेरिका ने किसी देश को अपने संघ में शामिल करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वेनेजुएला के मामले में तेल सहयोग का मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है,क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक ऊर्जा क्षेत्र पर निर्भर रही है। विदेशी निवेश,तेल उत्पादन और निर्यात में बदलाव से वहाँ की आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका के लिए वेनेजुएला से तेल की उपलब्धता ऊर्जा आपूर्ति और रिफाइनिंग उद्योग से जुड़े हितों के लिहाज से अहम हो सकती है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में वर्तमान में कुल 50 राज्य हैं। हवाई अमेरिका का 50वां और अब तक का अंतिम राज्य बना था। उसे 21 अगस्त 1959 को राज्य का दर्जा दिया गया था। इससे पहले अलास्का को 3 जनवरी 1959 को अमेरिका का 49वां राज्य बनाया गया था।

अमेरिकी संघ में किसी नए राज्य को शामिल करने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। इसलिए वेनेजुएला को 51वां राज्य बनाने की संभावना पर ट्रंप की टिप्पणी और वास्तविक राजनीतिक प्रक्रिया के बीच बड़ा अंतर है। फिलहाल इस संबंध में किसी औपचारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

कुल मिलाकर,ट्रंप के बयान में वेनेजुएला के तेल संसाधनों और अमेरिका के साथ उसके बढ़ते सहयोग को प्रमुखता दी गई है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल आपूर्ति और निवेश के संभावित लाभों का उल्लेख किया,तो दूसरी ओर वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की संभावना पर टिप्पणी की। लेकिन इस बयान को किसी निश्चित योजना या आधिकारिक घोषणा के रूप में देखना उचित नहीं होगा। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच तेल कारोबार किस दिशा में बढ़ता है और उसका आर्थिक प्रभाव क्या रहता है,इस पर नजर बनी रहेगी।