मुंबई,26 अक्टूबर (युआईटीवी)- पंजाबी संगीत जगत के मशहूर गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी पर शराब के नशे में प्रस्तुति देने और ठीक से नहीं गाने का आरोप लगाए जाने के बाद मामला काफी चर्चा में आ गया था। इस घटनाक्रम के बाद गायक के समर्थन में कई कलाकार सामने आए थे। अब उनके छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने जानकारी दी है कि इस मामले में मंत्री की ओर से माफी मांगी गई है। मीका ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि कलाकारों की प्रतिष्ठा और उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
मीका सिंह शुरुआत से ही अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी के समर्थन में खड़े नजर आए हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुबोध उनियाल की ओर से माफी मांगा जाना सराहनीय है। उनके मुताबिक,किसी भी कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना बेहद जरूरी है। दलेर मेहंदी ने लंबे समय से संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है और भारतीय संगीत जगत में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में उनके सम्मान का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।
मीका सिंह ने साफ किया कि वह इस विवाद को अब और आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उनका मानना है कि जब मामले को सुलझाने की दिशा में कदम उठाया जा चुका है, तो सभी पक्षों को इसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब इस घटनाक्रम को समाप्त मानते हुए आपसी सम्मान और समझदारी के साथ आगे बढ़ा जा सकेगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि परिवार की प्राथमिकता विवाद को लंबा खींचने के बजाय सौहार्दपूर्ण माहौल में इसे समाप्त करना है।
इस विवाद को समाप्त करने की प्रक्रिया में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका भी सामने आई है। इससे पहले मीका सिंह ने बताया था कि मुख्यमंत्री ने उनसे और दलेर मेहंदी से बातचीत की थी। मीका के अनुसार,मुख्यमंत्री ने दोनों भाइयों से संवाद करते हुए सुबोध उनियाल की ओर से माफी माँगी थी। इसके बाद मामले को लेकर सकारात्मक माहौल बनने लगा।
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी उनके बड़े भाई जैसे हैं और वह उनका काफी सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिस विनम्रता और शालीनता के साथ दलेर मेहंदी और उनसे बात की,वह उन्हें अच्छा लगा। मीका के मुताबिक,बातचीत का तरीका सम्मानजनक था और इससे विवाद को शांत करने में मदद मिली।
मुख्यमंत्री ने दोनों गायकों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया है। मीका सिंह ने पहले जानकारी दी थी कि वह और दलेर मेहंदी राज्य में आने तथा एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने की योजना बना रहे हैं। हालाँकि,उनके अगले कार्यक्रम की तारीख और अन्य तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यदि दोनों भाई उत्तराखंड में प्रस्तुति देते हैं, तो यह विवाद के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल के बीच विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान हुई थी। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी को प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और गायक मंच पर अपने लोकप्रिय गीतों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे।
इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुँचे और दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के तरीके पर नाराजगी जताई। मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक लाइव गाने के बजाय लिप्सिंग कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि दलेर मेहंदी शराब के नशे में थे और ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। मंत्री के इस बयान के बाद मंच पर हुई घटना ने विवाद का रूप ले लिया और यह मामला संगीत जगत के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम में दी गई प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए भुगतान का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि दलेर मेहंदी को इस कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे। मंत्री का कहना था कि इतनी बड़ी रकम खर्च किए जाने के बावजूद उन्हें गायक की प्रस्तुति संतोषजनक नहीं लगी। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि गायक वास्तव में गाने के बजाय केवल होंठ हिला रहे थे। हालाँकि,ये बातें मंत्री की ओर से लगाए गए आरोप थे,जिनके बाद विवाद लगातार बढ़ता गया।
घटना के सामने आने के बाद दलेर मेहंदी के प्रशंसकों और संगीत जगत से जुड़े लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई। उनके छोटे भाई मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया। मीका का कहना था कि दलेर मेहंदी वरिष्ठ कलाकार हैं और उन्होंने अपने संगीत के माध्यम से लंबे समय तक लोगों का मनोरंजन किया है। उनके अनुसार,किसी कलाकार की प्रस्तुति को लेकर असहमति हो सकती है,लेकिन उस पर प्रतिक्रिया देते समय सम्मान और मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
विवाद बढ़ने के साथ ही दलेर मेहंदी की सेहत को लेकर भी उनके प्रशंसकों की चिंता सामने आने लगी। कार्यक्रम के दौरान उनकी स्थिति और प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों के बीच लोगों ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जाननी चाही। इसके बाद उनके बेटे गुरदीप मेहंदी ने पिता की सेहत को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि दलेर मेहंदी पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस जानकारी से गायक के प्रशंसकों को राहत मिली।
वहीं,मीका सिंह ने इससे पहले बताया था कि दलेर मेहंदी की हाल ही में सर्जरी हुई थी और कार्यक्रम के समय उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद मंच पर उनकी प्रस्तुति को लेकर चल रही चर्चा में स्वास्थ्य का पहलू भी जुड़ गया। हालाँकि,दलेर मेहंदी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल के बीच विवाद ने यह सवाल भी खड़ा किया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों के प्रदर्शन को लेकर असहमति किस तरह व्यक्त की जानी चाहिए। किसी प्रस्तुति की गुणवत्ता पर सवाल उठाना आयोजकों का अधिकार हो सकता है,लेकिन सार्वजनिक मंच पर लगाए गए आरोप कलाकार की छवि और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की स्पष्टता और संवाद का तरीका महत्वपूर्ण हो जाता है।
फिलहाल मीका सिंह ने अपने ताजा बयान में विवाद को पीछे छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने माफी के कदम की सराहना करते हुए कलाकारों के सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दोनों भाइयों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिए जाने से भी संबंधों को सामान्य बनाने की संभावना दिखाई दे रही है।
अब देखना होगा कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह उत्तराखंड में कार्यक्रम करने की अपनी योजना को कब तक आगे बढ़ाते हैं। फिलहाल,दोनों भाइयों की ओर से विवाद को समाप्त करने और आपसी सम्मान के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि मंच पर शुरू हुआ यह विवाद अब शांत हो जाएगा और संगीत तथा कलाकारों के सम्मान से जुड़ी चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
