नई दिल्ली,28 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2026 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए बांग्लादेश को 13-0 से करारी शिकस्त दी। पंजाब के जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मौजूदा चैंपियन भारत ने शुरुआत से लेकर आखिरी सीटी तक अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल,तेज पास और लगातार गोल करने के दम पर बांग्लादेश को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। घरेलू दर्शकों के सामने टीम का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी पूरे मुकाबले में गोल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपने खिताब बचाने के इरादे जाहिर कर दिए। मुकाबले में मंदीप सिंह ने हैट्रिक लगाकर दर्शकों का ध्यान खींचा,जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह ने भी गोल करके टीम की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया। भारत की आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने पहले क्वार्टर में ही चार गोल दाग दिए थे। इसके बाद भी खिलाड़ियों ने रफ्तार कम नहीं की और चारों क्वार्टर में लगातार गोल करते हुए स्कोर 13-0 तक पहुँचा दिया।
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने बांग्लादेश पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। घरेलू मैदान पर खेल रहे मंदीप सिंह ने शुरुआती मिनटों में लगातार दो गोल दागकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उनके इन गोलों से भारतीय खेमे में उत्साह बढ़ा,वहीं बांग्लादेशी टीम को शुरुआती समय में ही रक्षात्मक रणनीति अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भारत की आक्रामक शुरुआत के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ भारतीय टीम ने अपनी बढ़त 3-0 कर ली। हरमनप्रीत अपनी ड्रैग-फ्लिक के लिए जाने जाते हैं और इस मुकाबले में भी उन्होंने अहम मौके का फायदा उठाकर टीम को मजबूती दी।
पहले क्वार्टर के अंतिम चरण में दिलप्रीत सिंह ने एक और शानदार गोल किया। इससे भारत की बढ़त 4-0 हो गई। शुरुआती 15 मिनट में चार गोल खाने के बाद बांग्लादेश के सामने मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया था। भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।
दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का आक्रामक अंदाज जारी रहा। खिलाड़ियों ने बांग्लादेश के डिफेंस पर लगातार हमले किए और गोल करने के मौके तलाशते रहे। इस दौरान स्टार खिलाड़ी अभिषेक ने शानदार गोल करके भारत की बढ़त 5-0 कर दी। उनके गोल ने मुकाबले में भारतीय टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।
इसके बाद 26वें मिनट में नीलकांत शर्मा ने गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत का स्कोर 6-0 हो गया। नीलकांत के गोल ने दिखाया कि भारतीय टीम के पास केवल कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय कई ऐसे खिलाड़ी हैं,जो सही मौके पर गोल करने की क्षमता रखते हैं।
पहले हाफ के समाप्त होने तक भारतीय टीम छह गोल कर चुकी थी,जबकि बांग्लादेश का खाता नहीं खुला था। भारत की मजबूत आक्रमण पंक्ति के सामने विपक्षी टीम का डिफेंस लगातार दबाव में रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने गति और तालमेल के साथ खेलते हुए अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा।
हाफ टाइम के बाद भारतीय खिलाड़ी नए जोश के साथ मैदान पर उतरे। तीसरे क्वार्टर में भी टीम ने गोल करने की कोशिशें जारी रखीं। दिलप्रीत सिंह ने इस दौरान लगातार दो गोल दागकर भारत की बढ़त में इजाफा किया। उनके शानदार प्रदर्शन ने टीम के आक्रमण को और धारदार बना दिया।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी अपना दूसरा गोल किया। उनके इस गोल के बाद भारत का स्कोर 9-0 हो गया। तीसरे क्वार्टर के अंत तक बांग्लादेश की टीम भारतीय खिलाड़ियों की गति और आक्रमण का जवाब देने में नाकाम रही।
इस चरण में भारत ने सिर्फ गोल ही नहीं किए,बल्कि मैदान पर अपने बेहतर तालमेल और रणनीतिक नियंत्रण का भी प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के बीच पासिंग और मौके बनाने की क्षमता ने बांग्लादेशी डिफेंस को लगातार पीछे हटने के लिए मजबूर किया। भारतीय टीम ने मुकाबले के तीन क्वार्टर में नौ गोल करके अपनी स्थिति पूरी तरह मजबूत कर ली थी।
चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रमण की रफ्तार और बढ़ा दी। 52वें मिनट में जुगराज सिंह ने शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए भारत का दसवां गोल किया। उनकी ताकतवर फ्लिक ने भारतीय प्रशंसकों को जश्न मनाने का एक और मौका दिया।
इसके तुरंत बाद मंदीप सिंह ने गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। इस गोल के साथ भारत का स्कोर 11-0 हो गया। मुकाबले की शुरुआत में दो गोल करने वाले मंदीप ने तीसरे गोल के साथ अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि पूरी की और भारतीय टीम की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैच के अंतिम मिनटों में उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार दो गोल करके भारत के स्कोर को 13 तक पहुँचा दिया। उनका दूसरा गोल मुकाबले के 60वें मिनट में अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले आया। इस तरह भारतीय टीम ने पूरे मैच में 13 गोल किए,जबकि बांग्लादेश एक भी गोल नहीं कर सका।
भारत की इस जीत में आक्रमण पंक्ति के साथ-साथ मिडफील्ड के खिलाड़ियों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। टीम ने लगातार हमले किए और गोल करने के लिए अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके मिले। बांग्लादेशी टीम को पूरे मुकाबले में भारतीय आक्रमण का जवाब तलाशने में परेशानी हुई।
जालंधर में इस मुकाबले का आयोजन एक और वजह से खास रहा। पंजाब की धरती पर करीब 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा टूर्नामेंट का उद्घाटन किए जाने के बाद भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करके इस अवसर को यादगार बना दिया।
स्थानीय दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने मैदान का माहौल उत्साह से भर दिया। हॉकी के प्रति पंजाब की पुरानी पहचान और खेल के साथ राज्य का जुड़ाव इस आयोजन को खास बनाता है। अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले की वापसी से स्थानीय हॉकी प्रेमियों को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को घरेलू मैदान पर देखने का अवसर मिला।
मौजूदा चैंपियन भारत के लिए यह जीत टूर्नामेंट की शुरुआत में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। हालाँकि,आगे की चुनौतियों के लिए टीम को इसी लय,अनुशासन और तालमेल को बनाए रखना होगा। बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की जीत ने भारतीय टीम की आक्रमण क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अब निगाहें आगामी मुकाबलों पर रहेंगी,जहाँ भारत का लक्ष्य अपने प्रदर्शन को जारी रखते हुए खिताब की रक्षा करना होगा।
