नयी दिल्ली, 7 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)| कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और इंडियन फुटवियर एसोसिएशन (आईएफए) ने गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री से फुटवियर पर जीएसटी की दर घटाने का आग्रह किया।
दोनों संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया है कि एक हजार रुपये तक के फुटवियर को पांच प्रतिशत और उससे महंगे फुटवियर को 12 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में रखा जाये, जैसा 31 दिसंबर 2021 तक रखा जाता था।
उन्होंने साथ ही केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी अनुरोध किया है कि एक हजार रुपये से महंगे फुटवियर के लिये ही बीआईएस मानक को अनिवार्य किया जाये।
कैट और आईएएफ ने कहा कि देश की करीब 85 प्रतिशत आबादी एक हजार रुपये से कम कीमत के फुटवियर पहनती है और अगर इन पर जीएसटी को बढ़ाया गया तो इसका सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि फुटवियर क्षेत्र में 90 प्रतिशत उत्पादन गरीब लोगों या मोची के द्वारा किया जाता है और इनके ग्राहक भी मध्यम और निम्न आयवर्ग के होते हैं। ऐसे में अधिकतर फुटवियर में बीएसआई मानक का पालन करना असंभव है।
कैट का कहना है कि भारत फुटवियर उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है और वैश्विक उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी नौ प्रतिशत है।
कैट के अनुसार, भारत में दस हजार फुटवियर इकाइयां हैं और करीब डेढ़ लाख कारोबारी हैं जबकि 30 लाख लोग इस क्षेत्र से जुड़े हुये हैं।
