बीजिंग, 18 जुलाई (युआईटीवी/आईएएनएस)- चंद्रमा पर मानव का उतरना बाह्य अंतरिक्ष की खोज में पहला कदम है। 20 जुलाई 1969 को जुलाई को चंद्रमा पर पहली सफल मानव लैंडिंग के कारण 20 जुलाई को मानव चंद्र दिवस मनाया जाता है। अंतरिक्ष की मानव खोज की गति अंतहीन है। वर्ष 2004 में चीन ने चंद्रमा का पता लगाने के लिए छांग अ परियोजना शुरू की। छांग अ-1 चीन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम में चंद्रमा की परिक्रमा करने वाला पहला उपग्रह है। वर्ष 2007 चीन के छांग अ-1 सफलता से लांच किया गया और उसने पूरे चंद्रमा की एक छवि ली। वर्ष 2020 में छांग अ-5 सर्वेक्षण यान सफलता से चंद्रमा के सामने उतरा और लैंडिंग की छवियों को वापस भेजा। छांग अ-5 सर्वेक्षण यान ने पहली बार चीन में अलौकिक वस्तुओं के नमूने लौटाए हैं। छांग अ-5 मिशन चीन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का छठा मिशन है, और यह चीन के एयरोस्पेस उद्योग में अब तक के सबसे जटिल और कठिन मिशनों में से एक है। चंद्रमा से चीन के पहले मानव रहित नमूने की वापसी का अहसास होने से चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास के इतिहास पर वैज्ञानिक अनुसंधान को गहरा करने में मदद मिली।
चीन का चंद्र अन्वेषण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा चीन ने मंगल ग्रह का अन्वेषण किया और अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण भी किया। कल्पना और अनुमान से लेकर वैज्ञानिक अभ्यास तक, चीनी लोग सपनों का पीछा करने, अन्वेषण में बहादुर होने, समन्वय में कठिनाइयों से निपटने, सहयोग की भावना के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी अन्वेषण की गति को बढ़ावा देना जारी रखे हैं। पिछले 100 वर्षों में, चीनी समाज ने लगातार विश्व सभ्यता की मुख्य धारा को एकीकृत किया है, लगातार दुनिया की उन्नत सांस्कृतिक उपलब्धियों को अवशोषित किया है, और लगातार अपनी मजबूत वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।
