सेल पर छापेमारी के बाद सुकेश का आया बयान, ‘बरामद चीजों को कानूनी रुप से दी गई थी अनुमति’

नई दिल्ली, 24 फरवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि उसके परिवार ने उसे कपड़े, जूते-चप्पल दिए हैं और छापे के दौरान अधिकारियों को जो कुछ भी मिला है, उसे कानूनी रुप से मंजूरी दी गई है। उसकी यह टिप्पणी दिल्ली कारागार विभाग द्वारा चंद्रशेखर के सेल पर छापा मारने के दौरान एक लाख रुपये से अधिक की चप्पल और 80,000 रुपये की दो महंगी जींस बरामद करने के बाद आई है।

उसने कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, आपके परिवार को कपड़े, चप्पल, जूते देने की अनुमति है, मैं इसे वहन कर सकता हूं। यदि इसकी कीमत पांच लाख, दस लाख है, तो इसमें क्या समस्या है?

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया, यह काम दीपक शर्मा, सहायक अधीक्षक और जयसिंह ने किया है, जिन्होंने मुझसे पैसे लिए हैं, जिन्होंने मुझसे पैसे वसूले हैं।

पिछले साल दिसंबर में अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी के बाद एक सीसीटीवी फुटेज में सुकेश को अपने सेल में रोते हुए दिखाया गया था।

वह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत शहर की मंडोली जेल में बंद है।

सीआरपीएफ के साथ, शर्मा और जयसिंह ने सुकेश के सेल में छापेमारी की, जहां से 1.5 लाख रुपये की गुच्ची चप्पल और 80,000 रुपये की दो जींस बरामद की गईं।

चंद्रशेखर ने जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन को जपना एम. सिंह से मनी लॉन्ड्रिंग में से 70 करोड़ रुपये देने की बात भी स्वीकार की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कुछ तो शर्म करनी चाहिए। उन्होंने मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने पूर्व रेलिगेयर प्रमोटर मालविंदर सिंह की पत्नी जपना एम. सिंह की धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंद्रशेखर की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत तीन दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

एजेंसी ने अदालत से कहा कि उसे दीपक रामदानी और अन्य जेल अधिकारियों को किए गए भुगतान के बारे में ब्योरा इकट्ठा करने की जरूरत है।

चंद्रशेखर को 16 फरवरी को ईडी की नौ दिनों की हिरासत में भेज दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *