सर्जियो गोर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@narendramodi)

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सँभाला कार्यभार,वेंस और रुबियो की बधाइयों से दिखी द्विपक्षीय रिश्तों में नई ऊर्जा

वाशिंगटन,13 जनवरी (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम मिलने के संकेत उस समय सामने आए,जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सार्वजनिक रूप से सर्जियो गोर को बधाई दी। सर्जियो गोर ने औपचारिक रूप से भारत में अमेरिका के नए राजदूत के रूप में कार्यभार सँभाल लिया है। ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में यह घटनाक्रम भारत–अमेरिका संबंधों में निरंतरता और तेज़ी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। दोनों शीर्ष अमेरिकी नेताओं की ओर से आए बधाई संदेशों को कूटनीतिक हलकों में खास महत्व के साथ देखा जा रहा है।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सर्जियो गोर को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा, “राजदूत आपको बहुत बधाई,आप बेहतरीन काम करेंगे।” यह संदेश उन्होंने उस पोस्ट पर लिखा,जिसमें सर्जियो गोर ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में अपने पहले दिन की जानकारी साझा की थी। वेंस का यह सार्वजनिक समर्थन यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन भारत में अपने नए राजदूत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और उत्साहित है।

इसी तरह अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अलग पोस्ट में सर्जियो गोर को बधाई दी। रुबियो ने लिखा कि वह भारत में बहुत अच्छा काम करेंगे। विदेश मंत्री की ओर से यह संदेश ऐसे समय पर आया है,जब वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और अमेरिका उसे एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं की शुभकामनाओं को भारत–अमेरिका संबंधों के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

सर्जियो गोर ने भारत पहुँचने और अपना कार्यकाल शुरू करने की घोषणा खुद सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से एक संदेश साझा करते हुए कहा कि यह उनका पहला दिन है और वह इस समर्पित टीम का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे और भारत–अमेरिका साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

अपने पोस्ट में सर्जियो गोर ने लिखा, “नमस्ते। आज नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में मेरा पहला दिन है। इस समर्पित टीम का हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है और मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए काम शुरू करने को उत्सुक हूँ।” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में दोनों देशों के भविष्य को लेकर वह बेहद आशावादी हैं। उनके इस बयान को भारत के प्रति सकारात्मक और सम्मानजनक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।

सर्जियो गोर की पोस्ट के साथ अमेरिकी दूतावास की कई तस्वीरें भी साझा की गईं,जिनमें वह दूतावास के कर्मचारियों से मुलाकात करते हुए और उन्हें संबोधित करते हुए नजर आए। इन तस्वीरों में अमेरिकी और भारतीय झंडे भी साफ दिखाई दिए,जो दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक रिश्तों का प्रतीक माने जा रहे हैं। दूतावास के भीतर उनकी सक्रियता और कर्मचारियों के साथ संवाद को उनके कार्यशैली के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भारत पहुँचते ही सर्जियो गोर के बयान और उनकी पहली गतिविधियों को लेकर नीति विशेषज्ञों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय में व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने उनके पहले संदेश के लहजे और शब्दों की सराहना की और इसे भारत के प्रति सम्मान और साझेदारी की भावना का परिचायक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि नए राजदूत का शुरुआती रुख यह दर्शाता है कि अमेरिका भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं,बल्कि एक वैश्विक साझेदार के रूप में देख रहा है।

भारतीय-अमेरिकी निवेशक और टिप्पणीकार आशा जडेजा मोटवानी ने भी इस घटनाक्रम को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर दिल्ली पहुँच चुके हैं और सबसे पहले उन्होंने दोनों देशों की टीमों को बधाई दी। मोटवानी ने इसे एक शानदार शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे आने वाले समय में भारत–अमेरिका सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।

रक्षा मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक डेरेक जे ग्रॉसमैन ने भी एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नए राजदूत भारत में पूरे जोश और ऊर्जा के साथ काम शुरू कर रहे हैं। ग्रॉसमैन ने सर्जियो गोर के उस बयान का जिक्र किया,जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत से ज्यादा जरूरी साझेदार कोई नहीं है। इस टिप्पणी को भारत की रणनीतिक अहमियत की खुली स्वीकारोक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

कूटनीतिक जानकारों के अनुसार,सर्जियो गोर का भारत में कार्यकाल ऐसे समय पर शुरू हो रहा है,जब दोनों देशों के बीच रक्षा,व्यापार,प्रौद्योगिकी,इंडो-पैसिफिक रणनीति और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन के दौरान भारत–अमेरिका संबंधों में जो गति देखने को मिली थी,उसे आगे बढ़ाने में नए राजदूत की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। उनके शुरुआती संदेश और शीर्ष अमेरिकी नेताओं के समर्थन से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में द्विपक्षीय रिश्ते और अधिक मजबूत हो सकते हैं।