बंगाल सरकार के कर्मचारियों ने दिया काउंटर लीगल नोटिस

बंगाल सरकार के कर्मचारियों ने दिया काउंटर लीगल नोटिस

कोलकाता, 20 फरवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)- पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने राज्य के वित्त विभाग की अधिसूचना के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस कर्मचारियों के दो दिवसीय पेन-डाउन हड़ताल में भाग लेने वालों के खिलाफ सरकार की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी को लेकर है। शनिवार देर शाम राज्य के वित्त विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई और सोमवार को संयुक्त मंच ने राज्य के वित्त सचिव मनोज पंत को जवाबी नोटिस भेजकर चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार अधिसूचना में बताए गए कठोर कदमों को लागू करती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिसूचना में राज्य सरकार ने आगाह किया है कि जो लोग दो या दो दिनों में से किसी भी दिन काम से अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें संबंधित विभाग कारण बताओ नोटिस जारी करेगा और संतोषजनक जवाब न होने पर, सर्विस ब्रेक लागू होगा और अनुपस्थिति के दिनों का वेतन काट लिया जाएगा।

अधिसूचना में राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के किसी भी कर्मचारी को उस दिन आकस्मिक अवकाश का विकल्प चुनने की अनुमति नहीं दी जाएगी, सिवाय उनके जो पहले से ही प्री-अप्रवूड अर्जित अवकाश या चाइल्ड केयर लीव या मैटरनिटी लीव जैसी अन्य छुट्टियों पर हैं।

फोरम के एक सदस्य ने जवाबी कानूनी नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और माकपा के राज्यसभा सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य आवश्यक कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं।

फोरम के सदस्य ने कहा, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार अधिकतम दो दिन के वेतन की कटौती कर सकती है और इस मामले में सेवा समाप्ति जैसी दंडात्मक कार्रवाई के लिए कोई कानूनी स्थिति नहीं है। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार डरी हुई है कि बकाया महंगाई भत्ते का आंदोलन गंभीर रूप ले रहा है और समाज के सभी वर्गों से समर्थन प्राप्त कर रहा है। इसलिए उन्होंने डर के मारे यह अधिसूचना जारी की है।

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