नई दिल्ली,8 नवंबर (युआईटीवी)- भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल लिमिटेड के शेयरों में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कंपनी के शेयर एक बड़ी ब्लॉक डील के बाद करीब 4.5 प्रतिशत तक गिर गए। शुरुआती कारोबार में शेयर ने 4.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,001 रुपए का निचला स्तर छू लिया,जो हाल के महीनों में इसका सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक,इस गिरावट की मुख्य वजह सिंगापुर की कंपनी सिंगटेल की ओर से एयरटेल में अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचना रहा।
जानकारी के अनुसार,सिंगटेल की प्रमोटर इकाई पेस्टल लिमिटेड ने एयरटेल में लगभग 0.8 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। यह सौदा कुल 5.1 करोड़ शेयरों के ट्रांसफर के रूप में हुआ,जिसकी कीमत लगभग 10,300 करोड़ रुपए आंकी गई। यह डील 2,030 रुपए प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर हुई,जो कंपनी के शेयर की पिछली बंद कीमत 2,094.90 रुपए की तुलना में 3 प्रतिशत से अधिक डिस्काउंट पर है। इस बड़े ट्रांजेक्शन के लिए जेपी मॉर्गन को ब्रोकर की भूमिका में नियुक्त किया गया था।
ब्लॉक डील के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा,जिसके चलते एयरटेल के शेयर में शुरुआती सत्र के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। हालाँकि,कुछ निवेशकों ने इसे खरीदारी का अवसर माना,लेकिन फिर भी बाजार की कुल धारणा नकारात्मक बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी किसी प्रमोटर समूह द्वारा हिस्सेदारी घटाई जाती है,तो यह अल्पकालिक रूप से बाजार में नकारात्मक संकेत पैदा करता है,जिससे शेयर की कीमतों पर दबाव पड़ता है।
सिंगटेल की यह बिक्री पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और कैपिटल मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। इससे पहले मई 2025 में भी सिंगटेल ने एयरटेल में अपनी 1.2 प्रतिशत प्रत्यक्ष हिस्सेदारी बेच दी थी,जिससे उसे करीब 2 अरब सिंगापुर डॉलर की प्राप्ति हुई थी। कंपनी ने उस समय कहा था कि यह कदम उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है,जिसके तहत वह अपने निवेश पोर्टफोलियो को अनुकूल बनाना चाहती है और शेयरधारकों के रिटर्न में सुधार लाना चाहती है।
भारती एयरटेल भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है,जिसने हाल के वर्षों में 5G सेवाओं के विस्तार और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कंपनी ने सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में अपने मजबूत वित्तीय नतीजों की घोषणा की थी,जिसने बाजार को यह संकेत दिया था कि एयरटेल का राजस्व और मुनाफा दोनों ही स्थिर वृद्धि की दिशा में हैं।
वित्त वर्ष 2026 की सितंबर तिमाही में कंपनी का ईबीआईटीडीए बढ़कर 29,500 करोड़ रुपए तक पहुँच गया,जो कि बीते वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 52.7 प्रतिशत बढ़कर 6,791 करोड़ रुपए हो गया,जबकि तिमाही आधार पर इसमें 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का राजस्व भी 25.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52,145 करोड़ रुपए तक पहुँच गया,जो वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में 41,473 करोड़ रुपए था।
टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों का कहना है कि सिंगटेल द्वारा की गई हिस्सेदारी बिक्री का एयरटेल के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा,बल्कि यह एक रणनीतिक कदम है,जिससे सिंगटेल अपने पूँजी ढाँचे को और लचीला बनाना चाहती है। निवेशकों के लिए यह अस्थायी गिरावट लंबी अवधि के निवेश के दृष्टिकोण से एक अवसर साबित हो सकती है,क्योंकि कंपनी का मूलभूत प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।
हालाँकि,शुक्रवार के कारोबार में निवेशकों की भावना कुछ कमजोर रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर एयरटेल का शेयर पिछले कारोबारी दिन 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,095 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुआ था,लेकिन ब्लॉक डील के बाद शेयर ने इंट्रा-डे में 2,001 रुपए का स्तर छुआ। दिन के अंत में हल्की रिकवरी देखने को मिली,लेकिन निवेशकों की सतर्कता बनी रही।
इस बीच,विश्लेषकों का मानना है कि भारती एयरटेल की मजबूत उपस्थिति,5जी सेवाओं का विस्तार और ग्रामीण बाजारों में बढ़ता ग्राहक आधार कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि को समर्थन देगा। ब्रोकरेज फर्म्स ने एयरटेल पर “खरीदें ” की रेटिंग बरकरार रखी है,हालाँकि उन्होंने अल्पावधि में शेयर की अस्थिरता को लेकर चेतावनी दी है।
कुल मिलाकर,शुक्रवार की ब्लॉक डील ने एयरटेल के शेयरों में अस्थायी दबाव जरूर डाला है,लेकिन कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बाज़ार में उसकी रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह गिरावट संभावित रूप से अल्पकालिक साबित हो सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक,जैसे-जैसे टेलीकॉम सेक्टर में 5जी अपनाने की दर बढ़ेगी और डेटा उपभोग में तेजी आएगी,वैसे-वैसे एयरटेल की आय और मुनाफे में निरंतर वृद्धि देखी जाएगी।
इस तरह,भले ही ब्लॉक डील ने एक दिन के लिए बाजार में हलचल मचा दी हो,पर दीर्घकालिक निवेशकों के लिए भारती एयरटेल अब भी भारतीय टेलीकॉम सेक्टर का सबसे मजबूत और भरोसेमंद स्टॉक माना जा रहा है।
