चैटजीपीटी के दौर में एप्पल लैंग्वेज जनरेटिंग एआई के साथ कर रहा प्रयोग

चैटजीपीटी के दौर में एप्पल लैंग्वेज जनरेटिंग एआई के साथ कर रहा प्रयोग

सैन फ्रांसिस्को, 17 मार्च (युआईटीवी/आईएएनएस)- एआई चैटबॉट्स के लॉन्च होने के साथ ही एप्पल अब लैंग्वेज-जनरेटिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ प्रयोग कर रहा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, क्यूपर्टिनो स्थित टेक जायंट ने हाल ही में एक आंतरिक कार्यक्रम आयोजित किया जो एआई और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स पर केंद्रित था।

सिरी वॉइस असिस्टेंट पर काम करने वाले लोगों सहित कई टीमें नियमित रूप से लैंग्वेज-जनरेटिंग कॉन्सेप्ट्स की टेस्टिंग कर रही हैं।

सिरी, एलेक्सा और गूगल असिस्टेंट के साथ अलग-अलग पहलुओं को समझने में विफल रहे हैं।

चैटजीपीटी द्वारा एप्पल कथित तौर पर एआई की दौड़ में शामिल होने की योजना बना रहा है।

ओपनएआई ने अब अपने अगली जेनरेशन के एआई इंजन, जीपीटी-4 का अनावरण किया है, जो चैटजीपीटी को शक्ति प्रदान करता है और इमेज और टेक्स्ट इनपुट को स्वीकार करता है।

कंपनी ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा, हमने जीपीटी-4 बनाया है, जो ओपनएआई के डीप लनिर्ंग को बढ़ाने के प्रयास में मील का पत्थर है।

पिछले महीने, गूगल ने ओपन एआई के चैटजीपीटी के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपनी नई एआई सेवा ‘बार्ड’ का अनावरण किया, जिसे कंपनी द्वारा जनता के लिए अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध कराने से पहले विश्वसनीय परीक्षकों के लिए खोल दिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में चैटबॉट्स और वॉयस असिस्टेंट की टेक्नोलॉजी में सुधार होगा।

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