बारामती,28 जनवरी (युआईटीवी)- महाराष्ट्र की राजनीति को बुधवार सुबह एक ऐसा झटका लगा,जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दुर्घटना और मौतों की पुष्टि की है। अजित पवार की अचानक हुई इस मृत्यु से न केवल महाराष्ट्र,बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 66 वर्षीय अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती जा रहे थे। जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चल रहे चुनावों के बीच उन्हें बारामती और आसपास के क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करना था। उनका निजी विमान सुबह करीब नौ बजे बारामती के पास एक हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,लैंडिंग के समय विमान अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और रनवे के पास ही ज़मीन से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई,जिसने कुछ ही पलों में पूरे विमान को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। अजित पवार के साथ विमान में दो क्रू मेंबर और अन्य यात्री मौजूद थे। सभी की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में विमान का जला हुआ मलबा,आग और धुएँ के गुबार साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोग और हवाई अड्डे के कर्मचारी तुरंत मदद के लिए आगे आए,लेकिन आग की तीव्रता के कारण राहत कार्यों में भारी कठिनाई आई।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस,दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाएँ मौके पर पहुँच गईं। पुणे जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और पहचान की प्रक्रिया के लिए बारामती मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। डीजीसीए और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें भी घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं और हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,विमान तकनीकी रूप से उड़ान के लिए उपयुक्त था,लेकिन लैंडिंग के दौरान किसी तकनीकी खराबी,मौसम संबंधी समस्या या मानवीय त्रुटि की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ फ्लाइट डेटा,पायलट की बातचीत और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
इस दुखद घटना के समय अजित पवार का परिवार दिल्ली में मौजूद था। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ पवार सहित परिवार के अन्य सदस्य दुर्घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पार्टी नेताओं और करीबी सहयोगियों का भी बारामती पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता गहरे सदमे में हैं।
अजित पवार का राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा है। वह महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वह एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे और वर्षों तक बारामती से विधायक रहे। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने राज्य के वित्त,कृषि,ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सँभाली। मौजूदा समय में वह देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे और साथ ही एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे।
उनकी पहचान एक सख्त प्रशासक,तेज निर्णय लेने वाले नेता और जमीनी राजनीति से जुड़े व्यक्ति के रूप में थी। समर्थकों के बीच उन्हें “काम करने वाला नेता” माना जाता था,जबकि राजनीतिक विरोधी भी उनकी प्रशासनिक क्षमता को स्वीकार करते थे। उनके निधन से न केवल एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की पूरी राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस,उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्रियों,विधायकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने कहा है कि यह केवल एक नेता की नहीं,बल्कि महाराष्ट्र की अपूरणीय क्षति है। आम नागरिकों में भी शोक का माहौल है और सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
विमान दुर्घटना की जाँच के साथ-साथ राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की संभावना है। उनका अचानक चला जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है,जिसकी भरपाई निकट भविष्य में आसान नहीं होगी।
इस विमान हादसे ने एक बार फिर हवाई सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन फिलहाल पूरा राज्य अपने एक कद्दावर नेता के आकस्मिक निधन के शोक में डूबा हुआ है। जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव प्रचार, जिसके लिए वे आ रहे थे,अब थम से गए हैं। डीजीसीए की रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी,लेकिन आज महाराष्ट्र ने अपना एक अनुभवी और जुझारू नेता खो दिया है।
