काश पटेल (तस्वीर क्रेडिट@JaikyYadav16)

डोनाल्ड ट्रंप ने भारतवंशी काश पटेल को एफबीआई का निदेशक बनाने का किया ऐलान

वॉशिंगटन,2 दिसंबर (युआईटीवी)- अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संघीय जाँच ब्यूरो (एफबीआई) के अगले निदेशक के रूप में काश पटेल की नियुक्ति की घोषणा की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए काश पटेल को यह जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि काश एक शानदार वकील,जाँचकर्ता और ‘अमेरिका फर्स्ट’ के सच्चे योद्धा हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि काश पटेल ने अपना करियर भ्रष्टाचार का खुलासा करने,न्याय की रक्षा करने और अमेरिकी जनता के हितों की सुरक्षा में बिताया है।

काश पटेल, जो कि गुजरात मूल के हैं, पहले ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने रक्षा विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ,राष्ट्रीय खुफिया के उप निदेशक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में आतंकवाद विरोधी के वरिष्ठ निदेशक के रूप में भी कार्य किया था। वे विशेष रूप से राम मंदिर को लेकर अपने बयान के कारण चर्चा में रहे थे,जो भारत में उनके प्रभाव को भी दर्शाता है।

ट्रंप ने काश पटेल के बारे में एक पोस्ट में लिखा,“काश पटेल ने रूस की धोखाधड़ी को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्होंने सच्चाई, जवाबदेही और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा साबित की है।” इस बयान से ट्रंप ने काश की न केवल पेशेवर क्षमता,बल्कि उनके नैतिक मूल्यों को भी सराहा। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि काश ने अमेरिकी जनता के हित में भ्रष्टाचार को उजागर किया और देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

काश पटेल के लिए ट्रंप की यह नियुक्ति उनके प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने बताया कि पटेल एफबीआई के मूल आदर्शों,जैसे निष्ठा,बहादुरी और अखंडता को बहाल करने के लिए काम करेंगे। उन्हें विशेष रूप से बढ़ते अपराध, आपराधिक गिरोहों और सीमा पार नशीली दवाओं की तस्करी जैसे मामलों से निपटने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि काश पटेल, अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के अधीन काम करेंगे ताकि एफबीआई में इन आदर्शों को मजबूती से स्थापित किया जा सके।

ट्रंप ने काश पटेल की नियुक्ति को अपनी दूसरी बार की राष्ट्रपति पद की योजना का अहम हिस्सा बताया है। उनका लक्ष्य अमेरिकी कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। काश पटेल की नियुक्ति के माध्यम से ट्रंप यह दिखाना चाहते हैं कि वे अमेरिकी सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कटिबद्ध हैं। यह कदम राष्ट्रपति के लिए इस दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है।

काश पटेल के लिए यह एक नई जिम्मेदारी होगी,क्योंकि वह एफबीआई के निदेशक के रूप में क्रिस्टोफर रे का स्थान लेंगे। क्रिस्टोफर रे को ट्रंप ने 2017 में एफबीआई का निदेशक नियुक्त किया था,लेकिन उनके और ट्रंप के बीच रिश्ते बिगड़ गए थे। विशेष रूप से जब एफबीआई ने ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों के संबंध में जाँच की थी,तो ट्रंप इस कार्रवाई से नाराज हो गए थे। इसके बाद से ही ट्रंप ने क्रिस्टोफर रे के कामकाज की सार्वजनिक आलोचना की थी। अब,काश पटेल को ट्रंप ने एफबीआई के निदेशक के रूप में नियुक्त करके अपनी नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने की योजना बनाई है।

काश पटेल की नियुक्ति के बाद उन्होंने एफबीआई में कई बदलाव करने का इरादा जताया है। उनकी प्राथमिकताओं में एफबीआई के खुफिया जानकारी जुटाने के तरीकों में सुधार और मुख्यालय के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। वे एफबीआई और न्याय विभाग के अपने करीबी सहयोगियों को शीर्ष पदों पर लाने के लिए भी प्रयास करेंगे। उनका उद्देश्य एफबीआई को एक सशक्त और प्रभावी संस्था बनाना है,जो देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित कर सके।

इस नियुक्ति को लेकर ट्रंप ने काश पटेल की कड़ी मेहनत और संघर्ष की सराहना की है। उन्होंने कहा कि काश पटेल ने अपनी पूरी जिंदगी भ्रष्टाचार को उजागर करने, अमेरिकी लोगों की सुरक्षा और न्याय की रक्षा करने में खर्च की है। ट्रंप के अनुसार, काश पटेल ‘अमेरिका फर्स्ट’ के सिद्धांत के प्रति पूरी तरह से निष्ठावान हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। काश पटेल के साथ काम करके ट्रंप उम्मीद करते हैं कि एफबीआई अपने मिशन को और बेहतर तरीके से पूरा करेगी।

काश पटेल की नियुक्ति को लेकर कई जानकारों का मानना है कि यह एफबीआई के लिए एक नया अध्याय होगा। उनका करियर और उनके कार्यों का ट्रंप प्रशासन के दृष्टिकोण से मेल खाता है,जो इस समय एक नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं। यह ट्रंप की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की नीति का हिस्सा है। काश पटेल के नेतृत्व में एफबीआई में नए बदलाव और सुधारों की उम्मीद की जा रही है,जो अमेरिकी जनता के लिए सकारात्मक परिणाम लाएँगे।

इस तरह,काश पटेल की नियुक्ति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की महत्वपूर्ण रणनीति का हिस्सा है और इससे यह साफ संकेत मिलता है कि ट्रंप अपनी प्रशासनिक योजनाओं को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।