एलन मस्‍क

एलन मस्क का बड़ा ऐलान: सात दिन में एक्स का एल्गोरिदम होगा सार्वजनिक,पारदर्शिता और एआई पर दांव

नई दिल्ली,12 जनवरी (युआईटीवी)- टेस्ला और स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को लेकर एक बड़ा और अहम ऐलान किया है। मस्क ने कहा है कि वह एक्स का नया एल्गोरिदम सात दिनों के भीतर सार्वजनिक करेंगे। इस एल्गोरिदम में पोस्ट दिखाने,कंटेंट की प्राथमिकता तय करने और विज्ञापन सुझाने से जुड़ा पूरा कोड शामिल होगा। मस्क के इस कदम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है।

एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा, “एक हफ्ते के भीतर पूरा एल्गोरिदम जारी कर दिया जाएगा। अभी इसमें काफी सुधार की गुंजाइश है।” उन्होंने साफ किया कि एल्गोरिदम को सार्वजनिक करने का उद्देश्य यूजर्स को वही कंटेंट दिखाना है,जिसमें उनकी सबसे ज्यादा रुचि हो। मस्क के मुताबिक,उनका लक्ष्य यह है कि लोग एक्स पर ज्यादा समय बिताएँ,लेकिन बाद में उन्हें यह महसूस न हो कि उन्होंने समय बर्बाद किया है। यानी प्लेटफॉर्म पर बिताया गया समय यूजर्स के लिए ज्यादा सार्थक और संतोषजनक हो।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने यह भी घोषणा की कि एल्गोरिदम को हर चार हफ्ते में अपडेट किया जाएगा। खास बात यह है कि हर अपडेट के साथ पूरी जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी,ताकि यूजर्स और डेवलपर्स समझ सकें कि एल्गोरिदम में क्या बदलाव किए गए हैं और उनका असर कैसे पड़ेगा। मस्क का मानना है कि इस तरह की पारदर्शिता से प्लेटफॉर्म पर भरोसा बढ़ेगा और एक्स को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब भी मिलेगा।

हालाँकि,एलन मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कंपनी एल्गोरिदम को सार्वजनिक करने का फैसला क्यों कर रही है,लेकिन जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। एलन मस्क और एक्स पहले भी कंटेंट मॉडरेशन,नियमों और फ्री स्पीच को लेकर विवादों में रहे हैं। कई बार सरकारों और नियामक संस्थाओं ने एक्स के एल्गोरिदम और कंटेंट को लेकर सवाल उठाए हैं। ऐसे में एल्गोरिदम को सार्वजनिक करना इन आरोपों का जवाब देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है,जब यूरोपीय आयोग ने एक्स को लेकर एक पुराने आदेश को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह आदेश एल्गोरिदम की पारदर्शिता और अवैध सामग्री के प्रसार से जुड़ा हुआ है। यूरोप में डिजिटल सर्विसेज एक्ट के तहत बड़ी टेक कंपनियों पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं,जिनमें यह बताना जरूरी है कि उनका एल्गोरिदम कैसे काम करता है और वह अवैध या भ्रामक कंटेंट को कैसे नियंत्रित करता है। मस्क का यह कदम यूरोपीय दबाव के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।

पिछले कुछ समय से एक्स के कई यूजर्स यह शिकायत कर रहे थे कि उन्हें उन लोगों की पोस्ट कम दिखाई दे रही हैं,जिन्हें वे फॉलो करते हैं। यूजर्स का कहना था कि “फॉर यू” सेक्शन में ऐसे अकाउंट्स का कंटेंट ज्यादा दिखाया जा रहा है,जिनसे उनका सीधा संबंध नहीं है। अक्टूबर महीने में खुद एलन मस्क ने स्वीकार किया था कि एक्स के “फॉर यू” एल्गोरिदम में एक बड़ी तकनीकी समस्या थी। उन्होंने उस समय इसे ठीक करने का वादा किया था और अब एल्गोरिदम को सार्वजनिक करने की घोषणा को उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

कंपनी अब एक्स के सुझाव देने वाले सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। इसमें मस्क की एआई कंपनी द्वारा विकसित ग्रोक की भूमिका भी शामिल है। ग्रोक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह यूजर्स की पसंद,व्यवहार और रुचियों को बेहतर तरीके से समझ सके और उसी आधार पर कंटेंट सुझा सके। मस्क का दावा है कि एआई के इस्तेमाल से एल्गोरिदम ज्यादा स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली बनेगा।

इसी बीच एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एक्सएआई ने भी एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि उसने निवेशकों से 20 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड में एनवीडिया,वेलर इक्विटी पार्टनर्स और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े और प्रभावशाली निवेशक शामिल हैं। हालाँकि,कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस निवेशक ने कितना पैसा लगाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक,इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा एनवीडिया के अत्याधुनिक प्रोसेसर खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन चिप्स को पाँच साल तक किराए पर दिया जाएगा,जिससे निवेशकों को धीरे-धीरे अपना निवेश वापस मिल सकेगा। इससे यह साफ होता है कि एलन मस्क एआई को भविष्य की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी मानते हैं और एक्स,एक्सएआई और ग्रोक के जरिए वह इसी दिशा में बड़ा दांव खेल रहे हैं।

एलन मस्क का एक्स का एल्गोरिदम सार्वजनिक करने का ऐलान न सिर्फ सोशल मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव है,बल्कि यह आने वाले समय में अन्य टेक कंपनियों पर भी पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव बना सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जब एल्गोरिदम सामने आएगा,तो वह वाकई यूजर्स की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।