विदेश मंत्री एस.जयशंकर और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ (तस्वीर क्रेडिट@MinPres)

विदेश मंत्री एस.जयशंकर की डच पीएम से मुलाकात,नीदरलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किया भारत का समर्थन

कोपेनहेगन,21 मई (युआईटीवी)- भारत की विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ से हेग में मुलाकात की। यह मुलाकात भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस महत्वपूर्ण मुलाकात की तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की और लिखा, “आज हेग में प्रधानमंत्री डिक शूफ से मुलाकात करके बहुत खुशी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और आतंकवाद के खिलाफ नीदरलैंड के सख्त रुख के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। भारत-नीदरलैंड साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की उनकी प्रतिबद्धता को सराहा।”

जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों देशों की टीमें साझे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर कड़ी मेहनत करेंगी। इस मुलाकात से साफ संकेत मिलता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने वैश्विक समर्थन को संगठित करने में जुट गया है।


ऑपरेशन सिंदूर, जो कि एक साहसिक सैन्य और कूटनीतिक मिशन था,की सफलता के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। भारत सरकार ने एक नई योजना के तहत 40 सांसदों का एक ऑल पार्टी डेलीगेशन तैयार किया है,जो भारत के रुख को विश्व के सामने रखेगा।

इस डेलीगेशन का उद्देश्य न केवल पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई उजागर करना है,बल्कि कश्मीर,आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन भी जुटाना है। यह डेलीगेशन दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों में जाकर भारत की स्थिति स्पष्ट करेगा।

यह 40 सांसदों का दल 7 समूहों में विभाजित होगा,जो अलग-अलग देशों का दौरा करेंगे। यह दौरा 23 मई से शुरू होकर 10 दिन तक चलेगा। भारत सरकार की योजना के अनुसार,यह सांसद अमेरिका,ब्रिटेन,जापान,संयुक्त अरब अमीरात,दक्षिण अफ्रीका और अन्य प्रमुख देशों का दौरा करेंगे।

इस कार्यक्रम की कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को सौंपी गई है। वह पूरी योजना की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं।

अब तक जो नाम सामने आए हैं,उनके मुताबिक इस डेलीगेशन में विभिन्न दलों से जुड़े प्रतिष्ठित सांसद शामिल होंगे। इनमें प्रमुख नाम शशि थरूर (कांग्रेस),मनीष तिवारी (कांग्रेस),प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना),सस्मित पात्रा (बीजेडी),संजय झा (जेडीयू),सलमान खुर्शीद (कांग्रेस) और अपराजिता सारंगी (भाजपा) हैं।

इन सांसदों को दुनिया के विभिन्न मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य उपलब्धियों को वैश्विक पटल पर रखने की ज़िम्मेदारी दी गई है।

भारत लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का शिकार रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक,एयर स्ट्राइक और खुफिया ऑपरेशनों के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अब आतंक के खिलाफ “नो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी।

ऑपरेशन सिंदूर इसी नीति का एक ताजा उदाहरण है,जिसकी सफलता के बाद भारत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की माँग कर रहा है। इस अभियान के जरिए भारत न केवल आतंक के खिलाफ कार्रवाई की माँग करेगा, बल्कि वैश्विक मंचों पर कूटनीतिक समर्थन भी जुटाएगा।

एस. जयशंकर की नीदरलैंड यात्रा और डच प्रधानमंत्री से मुलाकात को भारत की रणनीतिक कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। नीदरलैंड जैसे देश के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करना भारत की वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा देने वाला कदम है।

यह प्रयास इस बात का संकेत भी है कि भारत अब केवल सीमा पर ही नहीं,बल्कि वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ना चाहता है। आने वाले दिनों में जब सांसद विभिन्न देशों की यात्रा करेंगे,तो भारत की इस पहल को व्यापक समर्थन मिलने की संभावना है।

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को अब वैश्विक जनमत और समर्थन से जोड़ने का फैसला लिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हेग यात्रा,ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी और 40 सांसदों का विदेश दौरा इस बात के संकेत हैं कि भारत अब डिप्लोमेसी और डिफेंस दोनों मोर्चों पर आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए तैयार है।

23 मई से शुरू हो रहे इस अभियान से यह स्पष्ट है कि भारत अब आतंकी ताकतों और उनके संरक्षकों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बेनकाब करने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा। यह भारत की नई वैश्विक रणनीति का हिस्सा है,जो न केवल अपनी सुरक्षा बल्कि विश्व शांति को भी केंद्र में रखती है।