गाजा पट्टी (तस्वीर क्रेडिट@ChandanSharmaG)

गाजा सिविल डिफेंस ने इजरायली हवाई हमलों में 45 फिलीस्तीनी नागरिकों के मारे जाने का किया दावा

गाजा,19 अप्रैल (युआईटीवी)- गाजा पट्टी में इजरायल और फिलीस्तीनी गुटों के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर बेहद घातक साबित हुआ है। शुक्रवार को हुए ताजा हवाई हमलों में कम-से-कम 45 फिलीस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं। गाजा की सिविल डिफेंस ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इजरायली सेना द्वारा दक्षिणी और उत्तरी गाजा के कई इलाकों को निशाना बनाया गया,जिससे बड़ी संख्या में नागरिकों की जान गई और भारी नुकसान हुआ।

गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस एक बार फिर इजरायली हमलों का प्रमुख केंद्र रहा। बरका परिवार के घर पर हुए हमले में 10 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा एक बार्बर शॉप पर भी हवाई हमला हुआ,जिसमें 6 लोग मारे गए,जिनमें दो बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं।

खान यूनिस के अन्य हिस्सों में हुए हमलों में 8 और लोग मारे गए,जिससे यह क्षेत्र इस हमले में सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में शामिल हो गया।

दक्षिणी गाजा के रफाह शहर में इजरायली हमले में 2 नागरिकों की मौत हुई। वहीं, तल अल-जातार इलाके में मकदाद परिवार के घर पर एक हवाई हमले में 13 लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

गाजा सिटी में भी हालात भयावह हैं। दो बेघर कैंपों पर हमलों के चलते 6 और नागरिकों की मौत हुई। यह हमले उन लोगों पर हुए,जो पहले ही संघर्ष और बमबारी की वजह से अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।

गाजा की सिविल डिफेंस एजेंसी ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ईंधन की भारी कमी के कारण आने वाले दिनों में आपात सेवाएँ बंद हो सकती हैं। एजेंसी के प्रवक्ता महमूद बसल के अनुसार,इजरायल मानवीय सहायता और ईंधन की आपूर्ति पर सख्त प्रतिबंध लगा रहा है,जिससे राहत और बचाव कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

गाजा के अल-त्वाम इलाके में विस्थापित नागरिकों के टेंटों पर किए गए हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए। वहीं,जबालिया इलाके में नागरिकों के एक समूह पर हमला हुआ,जिसमें एक युवक की मौत हो गई। ये घटनाएँ इस ओर इशारा करती हैं कि सामान्य नागरिक,यहाँ तक कि शरण लेने वाले भी,अब सुरक्षित नहीं हैं।

इजरायली सेना (आईडीएफ) ने इन हमलों को लेकर बयान जारी किया है,जिसमें कहा गया कि यह अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया,जिसका उद्देश्य आतंकी संगठनों की गतिविधियों को निष्क्रिय करना है। सेना ने बताया कि गाजा में करीब 40 लक्ष्यों पर हवाई हमले किए गए,जिनमें आतंकी ठिकाने,सैन्य ढाँचे और हथियारों के गोदाम शामिल थे।

पूर्वी गाजा सिटी के शुजैया और जैतून इलाकों में भी भारी बमबारी हुई,जिससे कई रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं। आईडीएफ का कहना है कि वे आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत में सैकड़ों नागरिकों की जानें जा रही हैं।

गाजा में यह संघर्ष अक्टूबर 2023 से जारी है और अब तक इसकी मानवीय लागत बेहद गंभीर हो चुकी है। मेडिकल स्टाफ,सिविल डिफेंस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,पिछले गुरुवार को भी ऐसे ही हमलों में 45 लोगों की मौत हुई थी।

इस संघर्ष में अब तक 51,000 से अधिक फिलीस्तीनियों की मौत हो चुकी है,जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। लगातार हो रही बमबारी,ईंधन और दवाओं की कमी व मानवीय सहायता पर रोक ने गाजा को एक खुली जेल जैसा बना दिया है।

इजरायल और हमास के बीच जारी इस संघर्ष में एक बार फिर नागरिकों की जानमाल सबसे अधिक नुकसान झेल रही है। गाजा पट्टी में हर दिन के साथ हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा की जाने वाली अपीलों और मानवीय सहायता की गुहारों के बावजूद,गाजा में हिंसा और तबाही का अंत नजर नहीं आता।

यदि स्थिति में तत्काल सुधार नहीं होता,तो आने वाले दिनों में गाजा में एक बड़े मानवीय संकट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।