मैड्रिड,12 अगस्त (युआईटीवी)- स्पेन ने उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में हाल के दिनों में हुए बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासी प्रवेश के बाद अब सख्त रुख अपनाया है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने मंगलवार को स्यूटा के दौरे के दौरान कहा कि जुलाई के अंत में अवैध रूप से इस क्षेत्र में दाखिल हुए सभी प्रवासियों को वापस मोरक्को भेजने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मोरक्को के साथ स्पेन के राजनयिक प्रयास जारी हैं। स्पेन सरकार के अनुसार,सीमा पार कर स्यूटा में दाखिल होने वाले प्रवासियों की संख्या बहुत अधिक थी और इस घटनाक्रम ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ वहाँ मौजूद स्वागत एवं राहत केंद्रों पर भी भारी दबाव डाल दिया।
स्यूटा स्पेन का उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र है, जो मोरक्को की सीमा से घिरा हुआ है। भौगोलिक रूप से अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित होने के कारण यह इलाका लंबे समय से यूरोप पहुँचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। जुलाई के अंत में यहाँ अचानक बड़ी संख्या में लोगों के पहुँचने से स्पेन के सामने सुरक्षा और मानवीय दोनों तरह की चुनौतियाँ खड़ी हो गईं। स्थानीय अधिकारियों और स्पेन सरकार के अलग-अलग अनुमानों में सीमा पार करने वाले लोगों की संख्या को लेकर अंतर जरूर है,लेकिन सभी इस बात पर सहमत हैं कि यह असाधारण रूप से बड़ा प्रवासी संकट था।
स्पेन सरकार के अनुमान के मुताबिक,जुलाई के अंत में मोरक्को की तरफ से 70 हजार से अधिक लोगों ने अवैध रूप से सीमा पार कर स्यूटा में प्रवेश किया। वहीं स्यूटा के राष्ट्रपति जुआन जीसस विवास ने यूरोपीय संसद की नागरिक स्वतंत्रता,न्याय और गृह मामलों की समिति की विशेष बैठक में इससे भी अधिक संख्या का दावा किया था। उन्होंने बताया था कि करीब 80 हजार लोग स्यूटा में दाखिल हुए थे। उनके अनुसार,इनमें से लगभग 75 हजार लोग बाद में स्वेच्छा से मोरक्को लौट गए,जबकि हजारों लोग अब भी स्यूटा में मौजूद हैं।
विदेश मंत्री अल्बारेस ने कहा कि सीमा पार करने वाले कई प्रवासी ऑनलाइन फैलाई गई गलत सूचनाओं से प्रभावित हुए थे। कथित तौर पर उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि स्यूटा में प्रवेश करने के बाद उन्हें स्पेन के मुख्य भूभाग या यूरोप के दूसरे हिस्सों में जाने का अधिकार मिल जाएगा। अल्बारेस ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं हुआ और स्यूटा से किसी भी व्यक्ति को स्पेन के मुख्य भूभाग में नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मोरक्को के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत का मुख्य उद्देश्य अनियमित तरीके से स्यूटा में प्रवेश करने वाले सभी लोगों की वापसी सुनिश्चित करना है।
स्पेन सरकार के इस रुख के पीछे एक बड़ी चिंता यह भी है कि स्यूटा की सीमित क्षमता इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों को लंबे समय तक सँभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। स्थानीय प्रशासन पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अचानक बढ़ी आबादी के कारण स्वागत केंद्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है। प्रवासियों को भोजन,स्वास्थ्य सुविधाएँ,आवास और सुरक्षा उपलब्ध कराने की चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है।
स्यूटा के राष्ट्रपति विवास ने यूरोपीय संसद में इस स्थिति को गंभीर मानवीय संकट बताया था। उनके अनुसार, बड़े पैमाने पर सीमा पार करने की घटना के दौरान लगभग 100 लोगों की मौत हुई। उन्होंने यूरोपीय संघ से अधिक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने की माँग की थी। उनका कहना था कि स्यूटा अकेले इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन से पैदा हुए दबाव का सामना नहीं कर सकता। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्रवासियों के लिए पर्याप्त मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
हालाँकि,सीमा पार करने वालों की संख्या और मृतकों को लेकर अलग-अलग आँकड़े सामने आए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार,बड़ी संख्या में लोग बाद में स्वेच्छा से मोरक्को लौट गए। इसके बावजूद हजारों लोगों के स्यूटा में मौजूद रहने की बात कही गई है। राष्ट्रपति विवास के हालिया अनुमान के अनुसार,करीब 3,000 से 5,000 प्रवासी अब भी क्षेत्र में मौजूद हो सकते हैं। इससे वहाँ के स्वागत केंद्रों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इस बीच स्पेनिश अधिकारियों ने एक और संभावित चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऑनलाइन सामने आई रिपोर्टों में 15 अगस्त को बड़े पैमाने पर एक और सीमा पार करने की संभावित योजना का उल्लेख किया गया है। इन रिपोर्टों के बाद स्यूटा में तैनात सैन्य कर्मियों और सिविल गार्ड के सभी अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य संभावित किसी भी बड़े सीमा उल्लंघन से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध रखना है।
स्पेन के लिए स्यूटा का मुद्दा केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यह यूरोप की व्यापक प्रवासन नीति से भी जुड़ा हुआ है। अफ्रीकी देशों से यूरोप पहुँचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए स्पेन के उत्तर अफ्रीकी क्षेत्र महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु माने जाते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े पैमाने की सीमा पार करने की घटना का असर स्पेन के साथ-साथ यूरोपीय संघ की प्रवासन और सीमा सुरक्षा नीतियों पर भी पड़ता है।
स्पेन और मोरक्को के बीच इस मुद्दे पर सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अल्बारेस ने स्पष्ट किया है कि स्पेन सभी अनियमित रूप से प्रवेश करने वाले लोगों की वापसी के लिए मोरक्को के साथ राजनयिक प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य स्यूटा पर बने दबाव को कम करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय मजबूत करना है।
वहीं,गलत सूचनाओं का मुद्दा भी इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बनकर सामने आया है। स्पेन के विदेश मंत्री के मुताबिक कुछ लोगों को इंटरनेट पर ऐसी जानकारी दी गई थी, जिससे उन्हें लगा कि स्यूटा में प्रवेश करने के बाद उनके लिए स्पेन और यूरोप के अन्य हिस्सों में जाने का रास्ता खुल जाएगा। इस तरह की अफवाहों ने बड़ी संख्या में लोगों को सीमा पार करने के लिए प्रेरित किया हो सकता है। स्पेन अब ऐसी सूचनाओं के प्रभाव को रोकने के लिए भी सतर्क है।
आने वाले दिनों में 15 अगस्त की संभावित सीमा पार करने की घटना को लेकर स्पेनिश प्रशासन की तैयारी पर नजर रहेगी। सुरक्षा बलों की छुट्टियां रद्द किए जाने से संकेत मिलता है कि अधिकारी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहते हैं। साथ ही मोरक्को के साथ कूटनीतिक प्रयासों के जरिए पहले से स्यूटा में मौजूद प्रवासियों की वापसी का रास्ता तलाशा जा रहा है।
स्यूटा में पैदा हुआ संकट एक तरफ यूरोप की सीमा सुरक्षा के सामने मौजूद चुनौती को दिखाता है,वहीं दूसरी ओर प्रवासियों के लिए मानवीय परिस्थितियों और सुरक्षित समाधान की आवश्यकता को भी सामने लाता है। स्पेन को अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ मानवीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना होगा। मोरक्को के साथ सहयोग और यूरोपीय संघ से अतिरिक्त सहायता इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
