प्रतिका रावल (तस्वीर क्रेडिट@rohitronyrr)

भारत ने पहले वनडे में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हराया,प्रतिका रावल का शतक और शेफाली वर्मा की तूफानी पारी

वडोदरा,24 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ विकेट से बड़ी जीत दर्ज की। बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी,दोनों विभागों में अपना दम दिखाया। जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 197 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में भारतीय महिला टीम ने प्रतिका रावल के शानदार शतक और शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत महज 27.1 ओवर में एक विकेट खोकर 198 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने वनडे मुकाबले में अपनी मजबूत शुरुआत की और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को पूरे मैच में दबाव में रखा।

198 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 15.3 ओवर में 94 रन जोड़े। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। स्मृति मंधाना ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 34 गेंदों पर 32 रन बनाए। हालाँकि,वह अपनी पारी को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सकीं और पहला विकेट गिरने के साथ पवेलियन लौट गईं।

मंधाना के आउट होने के बाद भी प्रतिका रावल ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने एक छोर सँभालते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों का सामना किया और धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया। प्रतिका ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी में 15 चौके शामिल रहे।

प्रतिका ने अपने शतक के जरिए भारतीय टीम की जीत को आसान बना दिया। लक्ष्य का पीछा करते समय उन्होंने संयम और आक्रामकता के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी ने यह सुनिश्चित किया कि भारतीय टीम को अंतिम ओवरों तक संघर्ष नहीं करना पड़े।

प्रतिका रावल के साथ दूसरी ओर शेफाली वर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। उन्होंने आते ही तेजी से रन बनाना शुरू किया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। शेफाली ने केवल 33 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 64 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से पाँच चौके और चार छक्के निकले।

शेफाली ने अपनी पारी में बड़े शॉट लगाने के साथ स्ट्राइक रोटेट करने पर भी ध्यान दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम ने लक्ष्य को बेहद कम समय में हासिल कर लिया। प्रतिका और शेफाली के बीच दूसरे विकेट के लिए 70 गेंदों पर 106 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने जिम्बाब्वे की जीत की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया।

जहाँ प्रतिका ने शतक लगाकर पारी को मजबूती दी,वहीं शेफाली ने तेजी से रन बनाकर भारतीय टीम की जीत का रास्ता आसान किया। दोनों बल्लेबाजों के बीच तालमेल और आक्रामक खेल भारतीय टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। भारत ने 27.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर मुकाबला नौ विकेट से अपने नाम कर लिया।

इससे पहले जिम्बाब्वे की टीम टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 50 ओवर पूरे होने से पहले 49.5 ओवर में 197 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोक दिया।

जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में पाँच चौके लगाए और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हालाँकि,उन्हें दूसरे छोर से लगातार मजबूत सहयोग नहीं मिल सका। जिम्बाब्वे की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। लोरीन फिरी केवल एक रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद मोडेस्टर मुफिकवा ने 25 रन बनाए,लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। उन्हें श्री चरणी ने आउट किया।

चिपो मुगेरी-ट्रिपानो ने 21 रन का योगदान दिया, जबकि शार्न मेयर्स आठ रन बनाकर दीप्ति शर्मा की गेंद पर पवेलियन लौट गईं। न्याशा ग्वांज़ुरा ने 28 गेंदों पर 13 रन बनाए। चिएड्जा धुरु भी 10 रन बनाकर क्रांति गौड़ की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गईं। जिम्बाब्वे की चार बल्लेबाज दहाई का आँकड़ा भी पार नहीं कर सकीं,जिससे टीम की रन गति और स्कोर दोनों प्रभावित हुए।

भारतीय गेंदबाजी में श्री चरणी ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में केवल 23 रन देकर चार विकेट हासिल किए। उनकी किफायती गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। श्री चरणी ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर विपक्षी टीम की पारी को कमजोर किया।

क्रांति गौड़ ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 42 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए। उन्होंने जिम्बाब्वे के मध्यक्रम को झटके दिए और टीम को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोके रखा। वहीं,दीप्ति शर्मा ने 9.5 ओवर में 44 रन देकर दो विकेट हासिल किए। तीनों गेंदबाजों के संयुक्त प्रयास ने जिम्बाब्वे को 200 रन के आँकड़े से पहले ही रोक दिया।

भारतीय महिला टीम की इस जीत में गेंदबाजों और बल्लेबाजों,दोनों का अहम योगदान रहा। पहले गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेटा और फिर बल्लेबाजों ने बिना ज्यादा दबाव के लक्ष्य हासिल कर लिया। प्रतिका रावल के शतक और शेफाली वर्मा की तेजतर्रार पारी ने भारतीय बल्लेबाजी की ताकत दिखाई। वहीं,श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

पहले वनडे में नौ विकेट से मिली जीत भारतीय टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाली रही। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से अंत तक मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और जिम्बाब्वे को वापसी का अवसर नहीं दिया। अब इस प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम की नजरें आगामी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने पर रहेंगी।