राँची,10 अगस्त (युआईटीवी)- झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को उस समय और तेज हो गया,जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने पुराने विधानसभा परिसर के पास लगाए गए पहले बैरिकेड को पार कर विधानसभा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। राज्य के सभी 24 जिलों से राँची पहुँचे छात्र हाथों में तिरंगा,पोस्टर और बैनर लेकर मार्च कर रहे हैं। छात्रों के बैरिकेड पार करने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।
छात्र जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। मंच की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की गई है। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत विवादित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना,भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार करना और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जाँच ब्यूरो से जाँच कराना शामिल है। प्रदर्शनकारी लगातार यह माँग उठा रहे हैं कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए,ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
सोमवार सुबह से ही राँची के बिरसा चौक,पुराने विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्र बसों,ट्रेनों और निजी वाहनों के माध्यम से राजधानी पहुँचे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रविवार रात ही राँची पहुँच गए थे। इनमें से कई छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम,अटल स्मृति वेंडर मार्केट और आसपास के परिसरों में रात गुजारी। छात्रों का कहना है कि वे लंबी दूरी तय करके राजधानी इसलिए पहुँचे हैं,क्योंकि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
आंदोलनकारी छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने पुराने विधानसभा परिसर के पास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। हालाँकि,छात्रों की संख्या काफी अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहला बैरिकेड पार करने में सफल रहे। बैरिकेड पार करने के बाद छात्र विधानसभा की दिशा में आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुँचने से रोका जाए। विधानसभा के आसपास पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेड लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कंटीले तारों का भी इस्तेमाल किया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। छात्रों के पहले सुरक्षा घेरे को पार करने के बाद अब प्रशासन के सामने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने की चुनौती है।
छात्रों का यह आंदोलन रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद और तेज हुआ। बातचीत में कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी,जिसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों में मौजूद अभ्यर्थियों ने राँची पहुँचना शुरू कर दिया। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे बातचीत के पक्ष में हैं,लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय के बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों का आरोप है कि विवादित भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता उनके भविष्य को सीधे प्रभावित करती है। इसी वजह से छात्र विवादित परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ पूरी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा और सुधार की माँग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराई जाए,ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
इधर,छात्र आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में सोमवार को भाजपा विधायकों की बैठक हुई। बैठक में छात्रों के आंदोलन और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई। इसके बाद भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का फैसला किया।
करीब पौने दस बजे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों की मांगों पर सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की माँग की। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और बातचीत के कई दौर के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी,प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और कई भाजपा विधायक शामिल हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटाने की कार्रवाई की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
छात्रों के विधानसभा मार्च और भाजपा के मुख्यमंत्री आवास घेराव के कारण सोमवार को राँची में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गईं। राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन का मुख्य जोर विधानसभा परिसर और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने पर है।
वहीं,छात्रों की ओर से लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की जा रही है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने को कहा है। मंच का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुँचाना है। छात्रों के हाथों में तिरंगा और फूल तथा पोस्टर-बैनर नजर आ रहे हैं,जिनके माध्यम से वे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार की मांग उठा रहे हैं।
फिलहाल राँची में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। छात्रों के पहले बैरिकेड को पार करने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर आगे बढ़ने से कैसे रोका जाए। दूसरी ओर,छात्र अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक विवादित परीक्षाओं पर स्पष्ट निर्णय,भर्ती प्रक्रिया में सुधार और केंद्रीय जाँच की माँग पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता,तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र आंदोलन के साथ भाजपा के सड़क पर उतरने से राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। एक तरफ हजारों अभ्यर्थी विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं,तो दूसरी तरफ विपक्षी दल मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित अगली बातचीत पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द कोई सहमति नहीं बनती है,तो झारखंड की राजधानी में यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।
