काबुल, 20 जनवरी (युआईटीवी)- अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर दहशत भरे धमाके से दहल उठी है। सोमवार को काबुल के शहर-ए-नवा इलाके में हुए जबरदस्त विस्फोट में कई लोगों के मारे जाने और अनेक के घायल होने की खबर सामने आई है। यह इलाका राजधानी के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है और यहाँ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक,कारोबारी और राजनयिक गतिविधियाँ मौजूद रहती हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत घटनास्थल को घेर लिया।
तालिबानी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्फोट शहर-ए-नवा के गुलफरोशी गली इलाके में स्थित एक होटल के भीतर हुआ। काबुल में तालिबान पुलिस कमांड के प्रवक्ता खालिद जादरान के मुताबिक,धमाके के बाद मौके पर सुरक्षाबलों और राहत टीमों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हताहतों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर जाँच जारी है और पूरी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट किस तरह का था और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है।
घटना के तुरंत बाद काबुल के कई निवासियों ने तेज धमाके की आवाज सुनने की पुष्टि की। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियाँ तक हिल गईं। अफगानिस्तान इंटरनेशनल समेत कई मीडिया आउटलेट्स के साथ साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में घटनास्थल से धुएँ का घना गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा है। सड़कों पर घायल लोग पड़े नजर आ रहे हैं और डर के मारे नागरिक घटनास्थल से भागते हुए दिख रहे हैं। आसपास के दुकानदारों और होटल कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है।
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस धमाके में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। हालाँकि,उन्होंने हताहतों की सटीक संख्या बताने से इनकार करते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी जाँच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विस्फोट होटल के अंदर कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक होटल कर्मचारी के हवाले से बताया है कि इस विस्फोट में दो चीनी नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा एक अफगान सुरक्षा गार्ड की मौत की भी खबर सामने आई है। यह जानकारी इस घटना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी संवेदनशील बनाती है,क्योंकि शहर-ए-नवा इलाके में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते हैं और यहाँ कई देशों के दूतावास और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय स्थित हैं।
अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, फगानिस्तान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए कई बड़े हमलों की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ग्रुप की स्थानीय शाखा ने ली है। तालिबान के 2021 में सत्ता में आने के बाद से भले ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया हो,लेकिन समय-समय पर इस तरह की घटनाएँ उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही हैं। खासतौर पर राजधानी काबुल के उन इलाकों में हमला होना,जिन्हें सुरक्षित माना जाता है,चिंता का विषय बन गया है।
शहर-ए-नवा इलाका काबुल के पॉश इलाकों में शामिल है। यहाँ आधुनिक ऑफिस बिल्डिंग,शॉपिंग कॉम्प्लेक्स,होटल और रिहायशी अपार्टमेंट मौजूद हैं। विदेशी राजनयिकों,कारोबारी प्रतिनिधियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से जुड़े लोगों का यह प्रमुख ठिकाना रहा है। इसी वजह से इस इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। ऐसे में यहाँ विस्फोट की घटना ने तालिबान प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धमाके के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और आसपास के रास्तों को बंद कर दिया गया है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है,जहाँ कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि घटना की हर एंगल से जाँच की जा रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने का दावा किया गया है।
इस विस्फोट ने एक बार फिर अफगानिस्तान में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को बढ़ा दिया है। तालिबान शासन के तहत देश में शांति बहाल होने के दावों के बीच इस तरह की घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि आतंकवादी खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस हमले की जिम्मेदारी कौन लेता है और तालिबान प्रशासन इस पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।
