नई दिल्ली,4 दिसंबर (युआईटीवी)- लोकसभा में आज,बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश करेंगे,जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर राज्यसभा में भारत-चीन संबंधों में हालिया घटनाक्रम पर बयान देंगे। ये दोनों घटनाएँ भारतीय राजनीति और सरकार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं,क्योंकि इन विधेयकों और बयानों का प्रभाव देश की आंतरिक और बाहरी नीतियों पर पड़ेगा।
आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य 2005 में बने आपदा प्रबंधन अधिनियम में संशोधन करना है। गृह मंत्री अमित शाह ने यह विधेयक लोकसभा में पेश करने का निर्णय लिया है और इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अधिक स्पष्टता लाना और अधिकारियों को सशक्त बनाना है। यह विधेयक राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन की प्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की कोशिश करता है।
इस विधेयक के जरिए,भारत में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएँ और रणनीतियाँ बनाई जाएँगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में किए जा रहे संशोधनों से इन योजनाओं को और अधिक सुसंगत और सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विधेयक को पहले 1 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पेश किया जाएगा। यह विधेयक भारतीय रेलवे के संचालन और संरचना में सुधार करने के लिए रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन करने की दिशा में कदम है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य रेलवे बोर्ड की शक्तियों को बढ़ाना और परिचालन दक्षता में सुधार करना है। इसके तहत भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम,1905 को रेलवे अधिनियम,1989 में एकीकृत किया जाएगा। इससे भारतीय रेलवे को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढाँचे को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस बदलाव के बाद रेलवे बोर्ड के गठन और संरचना को सुव्यवस्थित किया जाएगा,जिससे रेलवे संचालन की समग्र दक्षता में वृद्धि हो सकेगी। यह कदम भारतीय रेलवे के सुधार और उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा,वित्त संबंधी स्थायी समिति के बारे में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह बयान देंगे। इसी प्रकार से अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत द्वारा कोयला,खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
इन बयानों और रिपोर्टों से संबंधित मंत्रालयों की नीतियों और योजनाओं पर चर्चा होगी।
राज्यसभा में,विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत-चीन संबंधों में हाल के घटनाक्रमों पर बयान देंगे। मंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में भी इसी प्रकार का बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सफल विघटन समझौते के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में चीनी कार्रवाइयों के कारण सीमा पर शांति भंग हुई थी,लेकिन अब भारत-चीन के बीच कूटनीतिक संवाद के परिणामस्वरूप कुछ सुधार हुआ है। विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत-चीन संबंध आपसी संवेदनशीलता,सम्मान और हितों पर निर्भर करते हैं और इन तत्वों पर आधारित हैं।
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल बॉयलर्स विधेयक, 2024 भी पेश करेंगे,जो बॉयलरों के विनियमन से संबंधित है। इस विधेयक का उद्देश्य स्टीम-बॉयलरों के विस्फोट से होने वाले खतरों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही,यह बॉयलरों के निर्माण,स्थापना और उपयोग के दौरान पंजीकरण और निरीक्षण में एकरूपता सुनिश्चित करेगा। इस विधेयक के माध्यम से बॉयलरों के संबंध में स्पष्ट और प्रभावी नियम बनाना प्रस्तावित है,जिससे देश में इन उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की संभावना बढ़ सके।
इस प्रकार,संसद में बुधवार को पेश किए जाने वाले विधेयक और बयानों का भारतीय राजनीति पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक और रेलवे (संशोधन) विधेयक जैसे कानूनों के माध्यम से जहाँ प्रशासनिक सुधार और अधिक पारदर्शिता की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं,वहीं भारत-चीन संबंधों पर विदेश मंत्री का बयान द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंधों की दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही बॉयलर्स विधेयक के जरिए औद्योगिक सुरक्षा में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। इन विधेयकों और बयानों के जरिए सरकार की योजनाओं और नीतियों को जनहित में लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जाएगा।
