न्यूयॉर्क,11 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। मंगलवार को सीनेट की विनियोग उपसमिति की सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वर्ष 2012 में उन्होंने अपने परिवार के साथ जेफ्री एपस्टीन के निजी द्वीप पर लंच किया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है और उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
सुनवाई के दौरान लुटनिक ने कहा कि वह उस समय पारिवारिक छुट्टी पर नाव से यात्रा कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एपस्टीन के द्वीप पर रुककर करीब एक घंटे तक लंच किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा, “यह सच है कि हम वहाँ रुके थे और लंच किया था।” हालाँकि,उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका जेफ्री एपस्टीन के साथ कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था। लुटनिक ने कहा, “मेरा उस व्यक्ति से कोई रिश्ता नहीं था। मेरा उससे बहुत कम संपर्क था।”
लुटनिक का यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले वह सार्वजनिक रूप से कह चुके थे कि उन्होंने वर्ष 2005 में ही एपस्टीन से अपने सभी संबंध तोड़ लिए थे,लेकिन इस साल जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई नई एपस्टीन फाइलों से संकेत मिला कि दोनों के बीच बाद के वर्षों में भी संपर्क बना रहा। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,वर्ष 2014 तक दोनों के बीच कुछ कारोबारी लेन-देन भी थे। ऐसे में 2012 की यह मुलाकात उनके पहले दिए गए बयानों पर सवाल खड़े कर रही है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक,इस खुलासे के बाद लुटनिक पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस मामले में उनकी नैतिक जिम्मेदारी तय करने की माँग की है। कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी कहा है कि ऐसे संवेदनशील मामले में पूर्ण पारदर्शिता जरूरी है और यदि तथ्यों में विसंगति पाई जाती है,तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। हालाँकि,लुटनिक ने अब तक इस्तीफे की किसी भी संभावना से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया।
जेफ्री एपस्टीन का नाम अमेरिका के सबसे बड़े सेक्स ट्रैफिकिंग घोटालों में शामिल रहा है। वर्ष 2008 में उन्होंने एक नाबालिग से वेश्यावृत्ति कराने के राज्य स्तरीय आरोप में दोष स्वीकार किया था। उस समय उन्हें अपेक्षाकृत हल्की सजा मिली थी,जिस पर भी काफी विवाद हुआ था। बाद में जुलाई 2019 में उन्हें संघीय स्तर पर सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों में दोबारा गिरफ्तार किया गया। हालाँकि,मुकदमा शुरू होने से पहले ही 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की एक जेल में उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया,लेकिन इस पर कई तरह के सवाल और साजिश सिद्धांत सामने आए।
एपस्टीन की मौत के बाद भी उनसे जुड़े दस्तावेजों और प्रभावशाली हस्तियों के साथ उनके संबंधों को लेकर लगातार खुलासे होते रहे हैं। इसी साल जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन और उनकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल से संबंधित जाँच और अभियोजन के रिकॉर्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 19 नवंबर 2025 को हस्ताक्षरित “एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट” के तहत उठाया गया था। इस कानून का उद्देश्य एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
उप-अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने जानकारी दी कि विभाग ने अब तक तीन मिलियन से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से ज्यादा वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें जारी की हैं। कुल मिलाकर करीब 35 लाख पन्नों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विशाल दस्तावेजी सामग्री की समीक्षा के लिए एफबीआई सहित विभिन्न विभागों के 500 से अधिक वकीलों और पेशेवरों की टीम ने काम किया। करीब 75 दिनों तक रोजाना दो बार और कभी-कभी उससे अधिक बैठकें कर यह प्रक्रिया पूरी की गई।
इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद कई प्रमुख हस्तियों के नाम फिर से सुर्खियों में आए हैं। हालाँकि,किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी तय करना अलग प्रक्रिया है,लेकिन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं और अधिकारियों के लिए ऐसे मामलों में पारदर्शिता और नैतिक जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हॉवर्ड लुटनिक का नाम सामने आने के बाद विपक्ष का कहना है कि मंत्री के रूप में उनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
लुटनिक ने सुनवाई के दौरान जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी भी एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों का समर्थन नहीं किया और न ही उन्हें उनके अपराधों की जानकारी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संपर्क सीमित और औपचारिक था। फिर भी आलोचकों का कहना है कि 2005 के बाद संबंध समाप्त करने का दावा और 2012 में द्वीप पर लंच की स्वीकारोक्ति के बीच विरोधाभास स्पष्ट है,जिसे लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इस विवाद के कारण लुटनिक को अपने पद से हटना पड़ता है या वे इस संकट से उबरने में सफल रहते हैं। एपस्टीन प्रकरण पहले ही अमेरिकी राजनीति में कई बड़े नामों को कठघरे में खड़ा कर चुका है और यह नया खुलासा उस बहस को एक बार फिर तेज कर रहा है।
