कोलकाता,23 मार्च (युआईटीवी)- टीएमसी की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के पिता डीएल मोइत्रा के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में शनिवार सुबह सीबीआई ने छापेमारी शुरू की। इससे पूर्व,बीजेपी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप लगाया था। जिसके बाद इस केस की सीबीआई ने जाँच की थी। सीबीआई को लोकपाल ने आदेश दिया था कि इस मामले में जो भी शिकायत की गई है,उनके सभी पहलुओं पर अच्छी तरह से जाँच कर रिपोर्ट को छह महीने में दे।
पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा से महुआ मोइत्रा को निष्कासित कर दिया गया था। महुआ मोइत्रा के खिलाफ गुरूवार 21 मार्च को ही सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की है,वह एंटी-करप्शन संस्था लोकपाल के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए किया गया है।
नादिया जिले के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से टीएमसी ने महुआ मोइत्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है। 2019 में वह इस सीट से चुनी गईं थीं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,बिजनेसमैन डीएल मोइत्रा के दक्षिण कोलकाता के न्यू अलिपोरे इलाके में ‘रत्नबली’ नामक आवासीय परिसर में सीबीआई अधिकारी पहुँचे। सीबीआई द्वारा की जा रही इस छापेमारी पर महुआ मोइत्रा ने कहा कि ये छापेमारी पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में नहीं बल्कि किसी और मामले में हैं।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा सीबीआई टीम को प्रदान की गई है। मोइत्रा के कोलकाता स्थित आवास के साथ ही कई अन्य जगहों की सीबीआई अधिकारी तलाशी ले रहे हैं। लेकिन छापेमारी के पीछे के कारण के बारे में सीबीआई अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं और वे चुप्पी साधे हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक,फ्लैट पर महुआ मोइत्रा नहीं रहती हैं। जब सीबीआई की टीम शनिवार सुबह फ्लैट पर तलाशी लेने गए तो उस समय वहाँ महुआ मोइत्रा के पिता भी मौजूद नहीं थे। पिछले कुछ दिनों से ईडी और सीबीआई की टीम पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दे रही है।
मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के बीरभूम जिले स्थित आवास पर शुक्रवार को ईडी की टीम ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान उनके आवास से ईडी के अधिकारियों ने 41 लाख रुपये की नकदी और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।
ईडी के अधिकारियों ने बरामद किए गए नकदी और आपत्तिजनक दस्तावेज के मामले में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा गिरफ्तार नहीं किया है। लेकिन बताया जा रहा है कि जब उनसे बरामद किए गए नकदी के स्रोत के बारे में पूछा गया,तो वे संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ पाए गए थे।

