मुंबई, 5 अक्टूबर(युआईटीवी)- निफ्टी ऑल टाइम हाई से 4 फीसदी नीचे आ गया है। वैश्विक बाजारों का प्रभाव भारत में घरेलू शेयर बाजारों पर देखा गया। मजबूत जॉब डेटा अमेरिका में जारी किया गया,जिसके बाद भारतीय घरेलू शेयर बाजारों में यह प्रभाव देखा गया। इससे मूल्य दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।
सिद्धार्थ खेमका जो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में खुदरा अनुसंधान के प्रमुख हैं,ने कहा कि दूसरे दिन लगातार निफ्टी ने लाल निशान में कारोबार किया है। जो 93 अंक की गिरावट के साथ 19,436.10 पर बंद हुआ। यह 0.47 प्रतिशत की गिरावट है। जबकि सेंसेक्स 286 अंक की गिरावट के साथ 65,226.04 पर बंद हुआ और यह गिरावट 0.44 प्रतिशत रहा।
बाजार में गिरावट 1 फीसदी से अधिक की रही। सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आईटी और एफएमसीजी को छोड़कर पूरे सेक्टर में बिकवाली देखी गई।
इक्विटी बाजारों पर वैश्विक स्तर पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हालिया बढ़ोतरी के वजह से असर देखने को मिल रहा है। इन वजहों से निवेशक पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। उनका कहना है कि निफ्टी को एफआईआई की बिकवाली ने 4 फीसदी नीचे गिरा दिया है। निफ्टी को हालिया उच्च स्तर 20,222 से 4 फीसदी नीचे गिरा दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में खुदरा अनुसंधान के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का इस बारे में कहना है कि “जब तक प्रतिकूल परिस्थितियाँ बनी रहेंगी,बाजार का कमजोर बने रहने की भी संभावनाएं बनी रहेंगी और संभावनाएं हैं कि ऐसा कुछ हफ्तों तक बना रहेगा। अगले सप्ताह दूसरी तिमाही का आय सत्र शुरू होगा और इससे उम्मीद की जा रही है कि पिछली तिमाहियों वृद्धि की गति बरकरार रहेगी।”
