होबार्ट,28 फरवरी (युआईटीवी)- निंजा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 5 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। 252 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 36.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 252 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज पर कब्जा भी सुनिश्चित कर लिया है,जबकि अब 1 मार्च को होने वाला तीसरा और अंतिम वनडे केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
252 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अपना आखिरी वनडे सीरीज खेल रहीं कप्तान एलिसा हीली मात्र 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। टीम का पहला विकेट 21 रन के स्कोर पर गिरा,जिससे भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त मिली। हालाँकि,इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की युवा बल्लेबाजों ने मैच की तस्वीर बदल दी। फोएबे लिचफिल्ड और जॉर्जिया वॉल ने दूसरे विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। लिचफिल्ड ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 62 गेंदों पर 80 रन बनाए,जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उनकी यह पारी मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई।
लिचफिल्ड के आउट होने के बाद जॉर्जिया वॉल ने पारी को मजबूती से सँभाला। उन्होंने तीसरे विकेट के लिए बेथ मूनी के साथ 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जॉर्जिया ने बेहतरीन शतक जड़ते हुए 82 गेंदों पर 101 रन बनाए,जिसमें 13 चौके और एक छक्का शामिल था। उनका यह शतक दबाव की स्थिति में आया और भारतीय गेंदबाजों की लय पूरी तरह बिगाड़ दी। बेथ मूनी ने 34 गेंदों पर 31 रन का योगदान दिया,जबकि एनाबेल सदरलैंड ने 12 गेंदों पर 10 रन जोड़े। अंत में एशले गार्डनर ने 14 गेंदों पर 19 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुँचाया। ताहिलिया मैकग्राथ बिना खाता खोले नाबाद रहीं,लेकिन तब तक जीत ऑस्ट्रेलिया की झोली में जा चुकी थी।
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता जरूर हासिल की,लेकिन बीच के ओवरों में साझेदारियाँ तोड़ने में असफल रहीं। काश्वी गौतम और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि क्रांति गौड़ को 1 सफलता मिली। हालाँकि,ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के आत्मविश्वास और सकारात्मक रवैये के सामने भारतीय गेंदबाजी फीकी नजर आई।
इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और 9 विकेट के नुकसान पर 251 रन बनाए। शुरुआत मजबूत रही। प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुँचाया। मंधाना ने 37 गेंदों पर 31 रन बनाए,जिसमें 4 चौके शामिल थे। हालांकि उनके आउट होते ही टीम की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। जेमिमा रोड्रिग्स भी 11 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गईं।
प्रतीका रावल ने 52 रन की अर्धशतकीय पारी खेली,लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय टीम दबाव में आ गई। दीप्ति शर्मा मात्र 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और 103 रन के स्कोर पर भारत ने 4 विकेट गंवा दिए। मुश्किल हालात में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी सँभाली। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 70 गेंदों पर 54 रन बनाए,जिसमें 2 चौके और एक छक्का शामिल था। हरमनप्रीत ने छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
मध्यक्रम में अमनजोत कौर ने 13 रन,ऋचा घोष ने 22 रन,काश्वी गौतम ने 25 रन और क्रांति गौड़ ने 19 रन का योगदान दिया। अपना डेब्यू मैच खेल रहीं वैष्णवी शर्मा ने 5 गेंदों पर 10 रन बनाकर नाबाद रहते हुए अंत में उपयोगी योगदान दिया। भारतीय टीम 50 ओवर पूरे खेलते हुए 251 रन तक पहुँचने में सफल रही,लेकिन यह स्कोर मजबूत ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लाइनअप के सामने कम साबित हुआ।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से एश्ले गार्डनर,अलाना किंग और एनाबेल सदरलैंड ने 2-2 विकेट चटकाए। मेगन स्कट और निकोला कैरी को 1-1 विकेट मिला। गेंदबाजों ने शुरुआती झटकों के बाद भारतीय मध्यक्रम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया,जिससे टीम इंडिया 260-270 के स्कोर तक नहीं पहुँच सकी।
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी गहराई और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता साफ नजर आई। खासतौर पर जॉर्जिया वॉल का शतक और लिचफिल्ड की तेज पारी ने मैच की दिशा तय कर दी। दूसरी ओर भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत के बावजूद मध्यक्रम में निरंतरता की कमी दिखाई।
अब सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे 1 मार्च को खेला जाएगा। भारतीय टीम चाहेगी कि वह अंतिम मुकाबला जीतकर सम्मान बचाए और सकारात्मक अंत करे,जबकि ऑस्ट्रेलिया की नजरें क्लीन स्वीप पर होंगी। इस मैच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है,लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम का अनुभव और संतुलन अभी भी उन्हें बाकी टीमों से एक कदम आगे रखता है।
