ग्रेटर नोएडा,26 मार्च (युआईटीवी)- ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे और जनसभा को लेकर प्रशासन ने व्यापक और बहुस्तरीय तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को देखते हुए पूरा इलाका सुरक्षा के कड़े घेरे में आ गया है और जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय एजेंसियाँ तक पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर देर रात तक चली उच्चस्तरीय बैठकों में सुरक्षा,यातायात,भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई और अंतिम रूप दिया गया।
प्रशासन के अनुसार,गुरुवार से जनसभा स्थल को पूरी तरह से एक सुरक्षित क्षेत्र में बदल दिया गया है,जहाँ आम गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार निगरानी कर रही हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के महत्व को देखते हुए पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से छावनी में तब्दील कर दिया गया है,जहाँ प्रवेश और निकास के हर बिंदु पर सघन जांच की व्यवस्था लागू की गई है।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा समूह यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। एसपीजी के साथ-साथ अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने भी जनसभा स्थल और उद्घाटन स्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इन एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए।
जनसभा के लिए बनाए गए विशाल पंडाल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है और इसे प्रशासन की कड़ी निगरानी में तैयार किया गया है। पंडाल के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं,जिनसे 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं,जहाँ से लाइव फीड के जरिए पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया दें और स्थिति को नियंत्रण में रखें।
इस कार्यक्रम के लिए चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है,जो इसे और भी अभेद्य बनाती है। पहली सुरक्षा परत में एसपीजी और एनएसजी कमांडो तैनात रहेंगे,जो अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों से लैस होंगे। ये कमांडो प्रधानमंत्री के सबसे नजदीकी सुरक्षा घेरे में रहेंगे और किसी भी संभावित खतरे को तुरंत निष्प्रभावी करने के लिए प्रशिक्षित हैं।
दूसरी और तीसरी सुरक्षा परत में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी,विशेष रूप से एसपी रैंक के अधिकारी,तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी करेंगे और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखेंगे। इनके अधीन बड़ी संख्या में पुलिस बल और विशेष इकाइयाँ तैनात रहेंगी,जो भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगी।
चौथी और अंतिम सुरक्षा परत में स्थानीय पुलिस,पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए हैं। ये बल बाहरी क्षेत्रों में तैनात रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जनसभा स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके अलावा आसपास की इमारतों और संवेदनशील स्थानों पर स्नाइपर्स की भी तैनाती की गई है,जो ऊँचे स्थानों से पूरे इलाके पर नजर रखेंगे।
प्रशासन ने केवल सुरक्षा ही नहीं,बल्कि भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना तैयार की है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुँचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग,एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सुव्यवस्थित किया गया है। अलग-अलग मार्गों को चिन्हित कर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए भी विशेष तैयारियाँ की गई हैं। मेडिकल टीमों,एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को मौके पर तैनात रखा गया है,ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को भी तैयार रखा गया है,जो किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री की यह जनसभा और दौरा बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि इस दौरान कई विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएँगे। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण,सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो।
स्थानीय प्रशासन,पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जेवर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के ऐसे व्यापक इंतजाम किए गए हैं,जो इस कार्यक्रम को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम किस तरह से सफलतापूर्वक संपन्न होता है और इससे क्षेत्र के विकास को क्या नई दिशा मिलती है।
