प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@DrJitendraSingh)

आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम हादसे पर पीएम मोदी का शोक,मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये सहायता की घोषणा

नई दिल्ली/अमरावती,26 मार्च (युआईटीवी)- आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना पर नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

पीएमओ के अनुसार,प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है,जबकि घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है,जब हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और दुख का माहौल बना हुआ है।

यह दुर्घटना आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले के रायवरम क्षेत्र के पास गुरुवार सुबह लगभग 6:30 बजे हुई। एक निजी ट्रैवल बस और टिपर ट्रक के बीच जोरदार टक्कर के बाद बस में आग लग गई,जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि 15 अन्य घायल हुए हैं।

बताया जा रहा है कि हादसे के समय ‘हरिकृष्णा ट्रैवल्स’ की बस में करीब 35 यात्री सवार थे। टक्कर के बाद आग लगने से दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालाँकि,कुछ यात्रियों ने हिम्मत दिखाते हुए समय रहते बस से बाहर निकलने में सफलता हासिल की। करीब दस यात्री आग लगने के तुरंत बाद बस से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे,लेकिन कई लोग आग की चपेट में आ गए।

घायलों को तत्काल पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार,कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है,जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इस हादसे में महिलाओं और बच्चों के भी शामिल होने से त्रासदी और गहरी हो गई है।

इस घटना पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर हादसे की पूरी जानकारी ली और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नायडू ने इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जाँच की जाए और जल्द-से-जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,यह बस तेलंगाना के निर्मल से नेल्लोर की ओर जा रही थी, जबकि टिपर ट्रक पत्थर और कंक्रीट से लदा हुआ था और विपरीत दिशा से आ रहा था। टक्कर के बाद आग लगने से बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों को लगाया गया,जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। बचाव दलों ने घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी वाहनों और यात्री बसों के बीच टक्कर की घटनाएँ अक्सर गंभीर परिणाम देती हैं,खासकर जब उनमें आग लगने जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सहायता और संवेदनाओं के बावजूद, इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह एक ऐसी त्रासदी है,जिसकी भरपाई संभव नहीं है। सरकार की ओर से दी जा रही मदद राहत जरूर दे सकती है,लेकिन इस नुकसान की भरपाई करना असंभव है।

मार्कपुरम का यह हादसा देश के लिए एक चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाने के साथ-साथ लोगों को भी जागरूक होना होगा,ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।