प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@BJP4Rajasthan)

डिजिटल दुनिया में पीएम मोदी का दबदबा: यूट्यूब पर 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स पार,बने सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले वैश्विक नेता

नई दिल्ली,3 मार्च (युआईटीवी)- डिजिटल युग में संचार की शक्ति को नए आयाम देने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल ने 3 करोड़ यानी 30 मिलियन सब्सक्राइबर्स का आँकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह यूट्यूब पर दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेता बन गए हैं। यह कीर्तिमान न केवल उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है,बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए जनता से उनके सीधे संवाद की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी का यूट्यूब चैनल पिछले कई वर्षों से सरकारी योजनाओं, ‘मन की बात’ कार्यक्रम,विदेश यात्राओं,जनसभाओं और विशेष संदेशों का प्रमुख माध्यम रहा है। वीडियो सामग्री के जरिए वे सीधे देश और दुनिया के लोगों तक अपनी बात पहुँचाते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रणनीतिक उपयोग ने उन्हें पारंपरिक मीडिया की सीमाओं से आगे जाकर व्यापक जनसमूह तक पहुँचने का अवसर दिया है। 30 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स का आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि उनका डिजिटल संवाद शैली लोगों को आकर्षित कर रही है।

वैश्विक रैंकिंग में प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष नेताओं से काफी आगे नजर आते हैं। दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो हैं,जिनके यूट्यूब सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 66 लाख यानी 6.6 मिलियन बताई जाती है। यह संख्या प्रधानमंत्री मोदी के सब्सक्राइबर्स की तुलना में लगभग एक-चौथाई है। यह अंतर दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भारतीय प्रधानमंत्री की पहुँच किस स्तर तक विस्तृत हो चुकी है।

अमेरिकी राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल डोनाल्ड ट्रंप की तुलना में भी प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल मौजूदगी कहीं अधिक मजबूत बताई जा रही है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार,यूट्यूब पर उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या ट्रंप से सात गुना से भी ज्यादा है। यह तथ्य वैश्विक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका और भारत के डिजिटल उपभोक्ता आधार की विशालता को भी दर्शाता है।

भारत के भीतर भी यह अंतर साफ दिखाई देता है। सब्सक्राइबर संख्या के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का चैनल विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी के चैनल से लगभग तीन गुना आगे है। इसके अलावा,आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों की तुलना में भी प्रधानमंत्री मोदी के चैनल के सब्सक्राइबर्स चार गुना से अधिक बताए जा रहे हैं। यह अंतर बताता है कि डिजिटल माध्यमों पर उनकी पकड़ कितनी मजबूत है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है,जब प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर भी 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स का आँकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं। वर्ष 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित पोस्ट,वीडियो और स्टोरीज के जरिए अपने अकाउंट को बेहद सक्रिय बनाए रखा है। पिछले एक दशक में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट विश्व नेताओं के बीच सबसे अधिक फॉलो किया जाने वाला प्लेटफॉर्म बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल रणनीति बहुस्तरीय है। वे केवल सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं रहते,बल्कि त्योहारों,खेल उपलब्धियों,वैज्ञानिक सफलताओं और सामाजिक अभियानों पर भी संदेश साझा करते हैं। इससे उनकी डिजिटल उपस्थिति केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं रहती,बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों से भी जुड़ जाती है। यही कारण है कि युवा वर्ग और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच उनकी डिजिटल लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

डिजिटल माध्यमों के जरिए सीधा संवाद लोकतंत्र में पारदर्शिता और सहभागिता को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री मोदी के यूट्यूब और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से लाखों व्यूज और प्रतिक्रियाएँ मिलती हैं,जो दर्शाती हैं कि लोग उनकी बातों में रुचि लेते हैं। लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से बड़े कार्यक्रमों और अंतराष्ट्रीय सम्मेलनों का प्रसारण भी उनकी पहुँच को वैश्विक स्तर पर विस्तारित करता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,यह उपलब्धि केवल आँकड़ों का खेल नहीं है,बल्कि यह आधुनिक राजनीतिक संचार की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। आज के दौर में सोशल मीडिया किसी भी नेता की छवि निर्माण,संदेश प्रसार और जनसंपर्क का प्रमुख साधन बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस माध्यम का प्रभावी उपयोग कर एक नया मानक स्थापित किया है।

यूट्यूब पर 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स और इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का आँकड़ा पार करना इस बात का संकेत है कि डिजिटल दुनिया में उनकी पकड़ कितनी व्यापक है। यह उपलब्धि उनके समर्थकों के लिए गर्व का विषय है,वहीं राजनीतिक परिदृश्य में डिजिटल संचार के महत्व को भी रेखांकित करती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य नेता भी इस डिजिटल प्रतिस्पर्धा में किस तरह अपनी रणनीति को और मजबूत बनाते हैं। फिलहाल,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम डिजिटल राजनीति के वैश्विक परिदृश्य में शीर्ष पर दर्ज हो चुका है।