अरविंद केजरीवाल

पोंडा उपचुनाव में तेज हुई सियासी जंग,भाजपा,आप और कांग्रेस ने उतारे उम्मीदवार

पणजी,19 मार्च (युआईटीवी)- गोवा की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहाँ पोंडा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस महत्वपूर्ण सीट के लिए अब मुकाबला त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है,क्योंकि भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तीनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने पोंडा सीट से गीतेश नायक को उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। पार्टी की गोवा इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस घोषणा की जानकारी देते हुए कहा कि गीतेश नायक आगामी उपचुनाव में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। आम आदमी पार्टी पिछले कुछ समय से गोवा में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और इस सीट पर उसका प्रदर्शन काफी अहम माना जा रहा है।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया था। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक के बेटे रितेश रवि नायक को टिकट दिया है। रितेश नायक को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने एक तरह से सहानुभूति और पारिवारिक राजनीतिक विरासत दोनों को साधने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि इस फैसले पर दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा की गई थी,जिसकी अध्यक्षता पार्टी नेतृत्व द्वारा की गई।

पोंडा सीट पर कांग्रेस ने भी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए केतन भाटीकर को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस इस सीट को अपने लिए एक अवसर के रूप में देख रही है और पार्टी का मानना है कि स्थानीय मुद्दों और संगठनात्मक मजबूती के आधार पर वह यहां बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

दरअसल,पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता रवि नाइक के निधन के कारण हो रहा है। उनका 14 अक्टूबर 2025 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था,जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। रवि नाइक गोवा की राजनीति के एक प्रभावशाली चेहरा थे और उनके निधन के बाद इस सीट पर चुनाव को लेकर राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

भारत के चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना की तारीख घोषित की है। जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई,सभी राजनीतिक दलों ने अपने अभियान को तेज कर दिया है। पोंडा सीट को लेकर विशेष रूप से भाजपा के लिए यह चुनाव एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव तक इस सीट पर कभी जीत हासिल नहीं की थी,लेकिन उसी साल रवि नाइक के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी को यहाँ पहली बार सफलता मिली थी। ऐसे में अब इस सीट को बनाए रखना भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

दूसरी ओर,कांग्रेस इस सीट को वापस हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर उसकी पकड़ और संगठनात्मक नेटवर्क उसे इस चुनाव में बढ़त दिला सकता है। वहीं आम आदमी पार्टी भी खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है और इस सीट पर उसका प्रदर्शन यह तय करेगा कि गोवा की राजनीति में उसका भविष्य कितना मजबूत होगा।

पोंडा सीट का राजनीतिक समीकरण भी काफी दिलचस्प है। यहाँ मतदाताओं की विविधता और स्थानीय मुद्दे चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। विकास, बुनियादी सुविधाएँ,रोजगार और स्थानीय समस्याएँ इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं के दौरे और जनसभाओं का दौर भी जल्द ही तेज होने की संभावना है। सभी पार्टियाँ इस सीट को जीतने के लिए हर संभव रणनीति अपना रही हैं। खासतौर पर भाजपा इस सीट को अपने पास बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती,जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इसे अपने लिए एक अवसर के रूप में देख रही हैं।

पोंडा विधानसभा उपचुनाव गोवा की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह चुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर सत्ता संतुलन को प्रभावित करेगा,बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है। अब देखना यह होगा कि मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं और कौन सी पार्टी इस प्रतिष्ठित मुकाबले में जीत हासिल करती है।