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संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू,4 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देंगे जवाब

नई दिल्ली,2 फरवरी (युआईटीवी)- संसद के बजट सत्र के तहत सोमवार से लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस चर्चा को सत्र का एक अहम पड़ाव माना जाता है,क्योंकि इसके जरिए सरकार अपने एजेंडे और नीतिगत प्राथमिकताओं पर सदन के सामने जवाबदेह होती है,वहीं विपक्ष को सरकार की दिशा और कार्यशैली पर सवाल उठाने का पूरा अवसर मिलता है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार फरवरी को लोकसभा में इस चर्चा का उत्तर देंगे।

किरण रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कुल तीन दिनों तक चर्चा होगी। इसके लिए संसद में 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है,ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस चर्चा को बेहद गंभीरता से ले रही है और प्रधानमंत्री स्वयं लोकसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और सुझावों का जवाब देंगे।

लोकसभा में सोमवार को धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को सौंपी गई है। इस प्रस्ताव का समर्थन भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या करेंगे। इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे। राहुल गांधी का भाषण खासा अहम माना जा रहा है,क्योंकि वह सरकार की नीतियों,हालिया फैसलों और राष्ट्रपति के अभिभाषण में किए गए दावों पर विपक्ष की ओर से मुख्य प्रतिक्रिया रखेंगे। उनके संबोधन के जरिए यह साफ होगा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा ऐसे समय में हो रही है,जब संसद में एक दिन पहले ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया है। बजट के बाद होने वाली यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है,क्योंकि विपक्ष आर्थिक नीतियों,महँगाई,बेरोजगारी,सामाजिक कल्याण योजनाओं और राज्यों को मिलने वाले संसाधनों जैसे मुद्दों को इस बहस से जोड़ सकता है। माना जा रहा है कि बजट से जुड़े कई सवाल और आलोचनाएँ भी इस चर्चा के दौरान सामने आएँगी।

सरकार की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में जिन योजनाओं,सुधारों और विकास लक्ष्यों का जिक्र किया गया है,उन पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा होगी। वहीं विपक्ष का रुख पहले से ही आक्रामक नजर आ रहा है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करने की कोशिश करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चार फरवरी को दिया जाने वाला जवाब इस पूरी चर्चा का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। परंपरागत रूप से प्रधानमंत्री अपने उत्तर में न सिर्फ विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हैं,बल्कि सरकार की उपलब्धियों को भी विस्तार से रखते हैं और आने वाले समय की प्राथमिकताओं का संकेत देते हैं। ऐसे में इस बार भी उनके भाषण पर राजनीतिक हलकों और देशभर की नजरें टिकी रहेंगी।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की यह चर्चा बजट सत्र की दिशा और माहौल तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले तीन दिनों में संसद में तीखी बहस,राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और नीतिगत मुद्दों पर गंभीर विमर्श देखने को मिलने की पूरी संभावना है।