रोहित शेट्टी (तस्वीर क्रेडिट@askshivanisahu)

रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर फायरिंग से हड़कंप,बिश्नोई गैंग की साजिश का शक,सुरक्षा बढ़ी और जाँच तेज

नई दिल्ली,4 फरवरी (युआईटीवी)- मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। शुरुआती जाँच में इस फायरिंग के पीछे कुख्यात बिश्नोई गैंग का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत सख्त कर दिया गया है और उनके घर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के मुताबिक,पहले रोहित शेट्टी के घर पर केवल दो पुलिसकर्मी तैनात थे,लेकिन फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा में बड़ा इजाफा किया गया है। अब न सिर्फ उनके घर के बाहर,बल्कि आसपास के इलाके और उनकी निजी सुरक्षा में भी अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं,ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर बॉलीवुड से जुड़े लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।

क्राइम ब्रांच की जाँच में इस मामले को लेकर कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार,फायरिंग के लिए शूटर ने अत्याधुनिक कंट्री मेड हथियार का इस्तेमाल किया था। इस हथियार से 7.62 एमएम की कुल पाँच गोलियाँ चलाई गईं। जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये गोलियाँ 7.62×51 एनएटीओ श्रेणी की थीं या 7.62×39 एमएम की,जिनका इस्तेमाल आमतौर पर राइफल और मशीनगन में किया जाता है। इन बुलेट्स की खासियत यह होती है कि ये बेहद तेज गति से चलती हैं और गहराई तक असर छोड़ती हैं,जिससे इस फायरिंग को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

फायरिंग के बाद शूटर के फरार होने की कहानी भी पुलिस जाँच का अहम हिस्सा बन गई है। क्राइम ब्रांच को पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर स्कूटी से कुछ दूरी तक भागा। इसके बाद उसने एक ऑटो चालक से कल्याण जाने की बात कही,लेकिन उस ऑटो चालक ने मना कर दिया। इसके बाद एक दूसरे ऑटो चालक ने उसे विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया। उस समय लोकल ट्रेनें बंद थीं,इसलिए शूटर ने प्राइवेट ट्रांसपोर्ट के जरिए मुंबई से बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों ऑटो चालकों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके बयानों को घटनाक्रम से जोड़कर जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर भी अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार,पुणे से मुंबई स्कूटी डिलीवरी करने वाले सिद्धार्थ येनपूरे और स्वप्नील सकट को इस काम के लिए कुल 10 हजार रुपये दिए गए थे। यह रकम मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने आरोपी समर्थ पोमाजी को दी थी। पोमाजी ने स्कूटी की डिलीवरी के बाद दोनों आरोपियों को पुणे लौटने पर पैसे सौंपे। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि पूरी फायरिंग की साजिश के लिए बिश्नोई गैंग ने कुल कितनी रकम खर्च की थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसी सिलसिले में आरोपियों के बैंक ट्रांजेक्शन की भी बारीकी से जाँच की जा रही है।

पुलिस ने इस दौरान रोहित शेट्टी से भी पूछताछ की है। अधिकारियों ने उनसे यह जानने की कोशिश की कि क्या उन्हें किसी गैंग या व्यक्ति की ओर से पहले कोई धमकी मिली थी। इस पर रोहित शेट्टी ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें किसी भी तरह की धमकी नहीं मिली है। न तो कोई मैसेज,न कॉल,न वॉइस नोट और न ही ईमेल के जरिए उन्हें कोई चेतावनी दी गई थी। पुलिस के लिए यह बात अहम है,क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि आखिर फायरिंग का मकसद क्या था और निशाना रोहित शेट्टी ही थे या इसके पीछे कोई और संदेश देने की कोशिश की जा रही थी।

जाँच में यह भी संकेत मिले हैं कि फायरिंग के वक्त मुख्य शूटर अकेला नहीं था। पुलिस को शक है कि बिश्नोई गैंग के कुछ और लोग भी मौके के आसपास मौजूद थे,जो शूटर की मदद कर रहे थे या उस पर नजर बनाए हुए थे। उनकी पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मोबाइल लोकेशन के जरिए संदिग्धों की मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य शूटर की पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। इस मामले में अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और जाँच लगातार आगे बढ़ रही है।

रोहित शेट्टी के घर पर हुई यह फायरिंग सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं मानी जा रही,बल्कि इसे संगठित अपराध और फिल्म इंडस्ट्री को डराने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुंबई पुलिस का कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और जाँच एजेंसियाँ हर एंगल से इस सनसनीखेज मामले की पड़ताल कर रही हैं।