नई दिल्ली,7 अप्रैल (युआईटीवी)- राजधानी में स्थित दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के मामले में जाँच के दौरान नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सोमवार को हुई इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं,बल्कि आरोपी सरबजीत सिंह की मानसिक स्थिति और उसके इरादों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जाँच कर रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
जानकारी के अनुसार,आरोपी सरबजीत सिंह अपनी कार लेकर सीधे वीवीआईपी गेट से विधानसभा परिसर में प्रवेश कर गया। हैरानी की बात यह रही कि उसे किसी भी स्तर पर रोका नहीं गया। अंदर पहुँचने के बाद उसने स्पीकर की गाड़ी के पास एक फूलों का गुलदस्ता रखा और बिना किसी बाधा के वहाँ से निकल गया। घटना सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत पूरे परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि सरबजीत सिंह ने यह कदम दिल्ली पुलिस का ध्यान आकर्षित करने के लिए उठाया था। बताया जा रहा है कि उसका भांजा एक अप्रैल से लापता है,जिसकी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के हरि नगर थाने में दर्ज कराई गई थी। सरबजीत का दावा है कि उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी,इसलिए उसने इस तरह का कदम उठाया,ताकि उसकी बात किसी बड़े अधिकारी तक पहुँच सके।
हालाँकि,पुलिस इस दावे को पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर रही है। जाँच एजेंसियों का मानना है कि इस घटना के पीछे और भी कारण हो सकते हैं,जिन्हें समझने के लिए विस्तृत जाँच जरूरी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की हर गतिविधि और संपर्क की गहनता से जाँच की जा रही है,जिसमें उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी शामिल है।
परिवार की ओर से सरबजीत सिंह को मानसिक रूप से अस्थिर बताया जा रहा है। उसकी पत्नी ने पुलिस को एक मेडिकल पर्चा भी सौंपा है,जिसमें उसके इलाज का जिक्र है। बताया गया है कि उसका इलाज उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में चल रहा था। हालाँकि,पुलिस इस दस्तावेज की सत्यता की जाँच कर रही है और फिलहाल इस आधार पर कोई निष्कर्ष निकालने से बच रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक,सरबजीत सिंह आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति है और हाल ही में उसने एक नई कार भी खरीदी थी। बताया जा रहा है कि फरवरी में ही उसने टाटा सियरा गाड़ी ली थी। हालाँकि,उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है,लेकिन पुलिस का मानना है कि उसकी कार खुद एक संभावित हथियार बन सकती थी। यदि वह नियंत्रण खो देता या जानबूझकर किसी को नुकसान पहुँचाता,तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जाँच में यह भी सामने आया है कि सरबजीत सिंह को दिल्ली के रास्तों की पूरी जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उसने योजना बनाकर विधानसभा तक पहुँचने का रास्ता तय किया। उसने दो टैक्सी चालकों को 2000 रुपये देकर रास्ता दिखाने के लिए कहा था। इन दोनों चालकों को फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घटना में उनका कोई और रोल तो नहीं था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी अकेले ही इस पूरी घटना को अंजाम देने के लिए विधानसभा पहुँचा था। हालाँकि,यह भी सामने आया है कि उसका अगला लक्ष्य संसद भवन तक पहुँचने का था। यदि उसकी योजना पूरी हो जाती,तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं।
गिरफ्तारी के बाद सरबजीत सिंह का व्यवहार भी काफी आक्रामक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार,सोमवार रात जब उसे थाने के लॉकअप में रखा गया,तो उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया और ग्रिल पकड़कर हिलाने लगा। उसके इस व्यवहार को देखते हुए पुलिस उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी सतर्क है,लेकिन इसे घटना का एकमात्र कारण मानने को तैयार नहीं है।
आरोपी को जल्द ही तीस हजारी कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) जैसी गंभीर धाराएँ लगाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सुरक्षा चूक का मामला नहीं है,बल्कि इसमें संभावित खतरे को देखते हुए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से सख्त कर दिया है। मुख्य गेट पर बैरियर लगा दिए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अब हर वाहन और व्यक्ति की गहन जाँच की जा रही है,ताकि भविष्य में ऐसी कोई चूक दोबारा न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों को उजागर करती है। वीवीआईपी जोन में बिना जाँच के किसी वाहन का प्रवेश करना एक गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। ऐसे में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और उसमें सुधार की जरूरत है।
दिल्ली विधानसभा की यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह केवल एक परेशान व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश छिपी है? फिलहाल पुलिस हर पहलू की जाँच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
