नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिकी उद्योगपति और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने सोमवार को अपनी महत्वाकांक्षी सैटेलाइट इंटरनेट परियोजना स्टारलिंक के एक ऐतिहासिक मील के पत्थर को हासिल करने की घोषणा की। मस्क ने बताया कि उनकी कंपनी ने अब तक 10,000 से अधिक स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है। यह उपलब्धि उस समय दर्ज की गई,जब स्पेसएक्स ने कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से 28 स्टारलिंक इंटरनेट उपग्रहों को लेकर एक फाल्कन 9 रॉकेट को लॉन्च किया।
इस प्रक्षेपण के साथ ही स्पेसएक्स ने 19 अक्टूबर को 10,000 उपग्रहों के आँकड़े को पार कर इतिहास रच दिया। यह न केवल कंपनी के लिए,बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष संचार तकनीक के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि यह मिशन वर्ष 2025 की स्पेसएक्स की 132वीं फाल्कन 9 उड़ान थी,जो पिछले वर्ष के पूरे साल में हुई उड़ानों की संख्या के बराबर है। जबकि वर्ष समाप्त होने में अभी दो महीने से अधिक का समय बाकी है,इसलिए कंपनी के लिए यह रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा अवसर भी है।
एलन मस्क ने इस उपलब्धि पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “स्टारलिंक और फाल्कन टीमों को 10,000 उपग्रह बनाने और प्रक्षेपित करने के लिए हार्दिक बधाई! स्पेसएक्स के पास अब कक्षा में अन्य सभी उपग्रहों की तुलना में कई गुना ज्यादा सैटेलाइट हैं।” मस्क के इस बयान के साथ यह स्पष्ट हो गया कि स्पेसएक्स अब दुनिया की सबसे बड़ी सैटेलाइट ऑपरेटर कंपनी बन चुकी है।
स्टारलिंक ने भी एक्स पर एक बयान जारी करते हुए लिखा, “स्पेसएक्स ने अब तक 10,000 से अधिक स्टारलिंक उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं,जिनकी मदद से दुनिया भर के लाखों लोगों को विश्वसनीय और हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा प्राप्त हो रही है।” यह बयान न केवल कंपनी की तकनीकी उपलब्धियों को रेखांकित करता है,बल्कि इस बात की भी पुष्टि करता है कि उपग्रह आधारित इंटरनेट नेटवर्क अब केवल प्रयोगात्मक नहीं,बल्कि एक व्यापक वैश्विक वास्तविकता बन चुका है।
स्टारलिंक की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी,जब कंपनी ने टिनटिन ए और टिनटिन बी नामक दो प्रोटोटाइप उपग्रहों को लॉन्च किया था। इन्हीं दो उपग्रहों ने उस विशाल नेटवर्क की नींव रखी,जो आज 150 से अधिक देशों और क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहा है। वर्तमान में स्पेसएक्स द्वारा प्रक्षेपित लगभग 8,000 से अधिक उपग्रह सक्रिय रूप से कार्यरत (ऑपरेशनल) हैं,जबकि बाकी उपग्रह तकनीकी परीक्षणों या रिटायरमेंट चरण में हैं।
स्टारलिंक की प्रमुख विशेषता यह है कि यह पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में उपग्रहों के समूह के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा प्रदान करता है। पारंपरिक भू-स्थिर उपग्रहों की तुलना में ये उपग्रह पृथ्वी के काफी नजदीक स्थित होते हैं,जिससे इंटरनेट सिग्नल की गति अधिक और विलंब (लेटनसी) बहुत कम होती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हुई है,जहाँ जमीनी नेटवर्क या फाइबर केबल सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं। स्टारलिंक का उपयोग वर्तमान में दूरस्थ इलाकों,पहाड़ी क्षेत्रों,द्वीपों और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है,जहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले एक बड़ी चुनौती थी।
कंपनी को अब तक 12,000 उपग्रहों तक तैनात करने की अनुमति मिल चुकी है,लेकिन मस्क की योजना इसे और आगे बढ़ाने की है। भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार 30,000 से अधिक उपग्रहों तक करने की योजना है,जिससे पृथ्वी के हर कोने में समान रूप से इंटरनेट कवरेज संभव हो सकेगा।
स्टारलिंक की सेवाएँ वर्तमान में 150 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं,जिनमें भारत भी शामिल है। भारतीय संचार मंत्रालय ने हाल ही में कंपनी को भारत में परिचालन के लिए मंजूरी दी है। इससे देश के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँचाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। भारत सरकार डिजिटल इंडिया मिशन के तहत इंटरनेट पहुँच को बढ़ाने के प्रयास में है और स्टारलिंक की तकनीक इस लक्ष्य को पूरा करने में सहयोगी साबित हो सकती है।
स्पेसएक्स केवल स्टारलिंक प्रोजेक्ट पर ही नहीं,बल्कि अपने अन्य महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर भी तेजी से काम कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में 13 अक्टूबर को अपने स्टारशिप रॉकेट की 11वीं परीक्षण उड़ान को सफलतापूर्वक पूरा किया।यह उड़ान टेक्सास के स्टारबेस से लॉन्च हुई और एक घंटे से अधिक समय तक आकाश में उड़ान भरने के बाद हिंद महासागर में सफलतापूर्वक उतरी। इससे पहले अगस्त में स्टारशिप फ्लाइट-10 ने भी सफल “सॉफ्ट लैंडिंग” और स्प्लेशडाउन किया था,जिससे कंपनी की लगातार असफलताओं का सिलसिला समाप्त हो गया।
एलन मस्क का कहना है कि उनका लक्ष्य मानव जाति को बहुग्रह (मल्टी-प्लानेटरी) प्रजाति बनाना है। स्टारलिंक की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है क्योंकि यह न केवल पृथ्वी पर कनेक्टिविटी बढ़ा रही है,बल्कि भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों के लिए संचार नेटवर्क की नींव भी रख रही है।
विश्लेषकों के अनुसार,स्पेसएक्स की यह उपलब्धि इंटरनेट सेवा क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। उपग्रह आधारित इंटरनेट की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ पारंपरिक दूरसंचार कंपनियों के लिए भी नए अवसर और चुनौतियाँ सामने आएँगी। खास बात यह है कि मस्क की कंपनी ने यह उपलब्धि अपने निजी संसाधनों और नवाचार की बदौलत हासिल की है,जो अंतरिक्ष उद्योग में निजी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
स्टारलिंक का 10,000 उपग्रहों का आँकड़ा पार करना केवल एक संख्या नहीं,बल्कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की नई सीमाओं को छूने का प्रतीक है। इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि इंसान अब केवल धरती तक सीमित नहीं,बल्कि आसमान के जरिए एक वैश्विक डिजिटल नेटवर्क बुनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। एलन मस्क की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में इंटरनेट को और भी सर्वव्यापी और सुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत है।

