मुंबई,4 मई (युआईटीवी)- अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘राजा शिवाजी’ की जबरदस्त सफलता के बाद अभिनेता रितेश देशमुख ने भगवान गणेश के दरबार में पहुँचकर आशीर्वाद लिया। वह पुणे स्थित प्रसिद्ध दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर पहुँचे,जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और फिल्म को मिली अपार सफलता के लिए भगवान का धन्यवाद किया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और उनके प्रशंसकों की भीड़ देखने को मिली,जो अभिनेता की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए।
मंदिर में दर्शन करने के बाद रितेश देशमुख ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह मंदिर उनके लिए बेहद पावन स्थान है और जब भी उन्हें मौका मिलता है,वह यहाँ दर्शन करने जरूर आते हैं। उन्होंने अपने पिता विलासराव देशमुख को याद करते हुए कहा कि वह भी हर साल इस मंदिर में आकर भगवान गणेश के दर्शन किया करते थे। ऐसे में इस मंदिर से उनका भावनात्मक जुड़ाव और भी गहरा हो जाता है।
फिल्म ‘राजा शिवाजी’ के बारे में बात करते हुए रितेश देशमुख ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके दिल के बहुत करीब है। उन्होंने इसे केवल एक फिल्म नहीं,बल्कि एक भावनात्मक यात्रा बताया। अभिनेता के अनुसार,यह फिल्म महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन,उनकी वीरता,संघर्ष और अदम्य साहस को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक विषय को बड़े पर्दे पर उतारना उनके लिए एक जिम्मेदारी और सम्मान दोनों था,जिसे पूरी टीम ने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने की कोशिश की।
रितेश देशमुख ने यह भी खुलासा किया कि ‘राजा शिवाजी’ फिल्म बनाने का सपना उनके मन में पिछले करीब 10 वर्षों से था। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक किसी एक प्रोजेक्ट को लेकर काम करना आसान नहीं होता,लेकिन इस फिल्म के प्रति उनका जुनून उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा। खास तौर पर पिछले साढ़े तीन वर्षों में पूरी टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस फिल्म को उस स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया,जैसा वह चाहते थे।
उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज के बाद जिस तरह दर्शकों ने इसे सराहा है,वह उनके लिए बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव है। रितेश ने स्वीकार किया कि उन्हें इतनी बड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि दर्शक जिस तरह सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देख रहे हैं और अपनी भावनाएँ साझा कर रहे हैं,उसे देखकर वह अभिभूत हैं। उनके अनुसार,दर्शकों का यह प्यार किसी भी पुरस्कार से बढ़कर है और वह इसके लिए दिल से सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
मंदिर दर्शन से पहले रितेश देशमुख अपने गृह नगर लातूर भी पहुँचे थे,जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। अपने शहर में लोगों के बीच पहुँचकर वह काफी खुश नजर आए। स्थानीय लोगों ने जिस गर्मजोशी से उनका स्वागत किया,उसने अभिनेता को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि अपने शहर से मिलने वाला प्यार और समर्थन उनके लिए हमेशा खास रहा है और यह उन्हें आगे बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।
इससे पहले भी रितेश देशमुख अपनी पत्नी जेनेलिया देशमुख के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज मंदिर में दर्शन करने पहुँचे थे। इस दौरान दोनों ने भगवान से आशीर्वाद लिया और फिल्म की सफलता की कामना की थी। यह दर्शाता है कि रितेश और उनका परिवार आध्यात्मिकता में गहरी आस्था रखते हैं और अपने हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर ईश्वर का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते।
‘राजा शिवाजी’ की सफलता ने न केवल रितेश देशमुख के करियर को नई ऊँचाई दी है,बल्कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बना रही है। ऐतिहासिक और प्रेरणादायक विषय पर आधारित यह फिल्म लोगों को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का काम कर रही है। फिल्म में दर्शाई गई वीरता और बलिदान की कहानी आज के समय में भी लोगों को प्रेरित कर रही है।
रितेश देशमुख के लिए यह समय बेहद खास और संतोषजनक है। एक लंबे समय से देखे गए सपने को साकार होते देखना और दर्शकों से इतना प्यार मिलना उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। भगवान गणेश के दरबार में पहुँचकर उन्होंने जिस तरह आभार व्यक्त किया,वह उनकी विनम्रता और आस्था को भी दर्शाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘राजा शिवाजी’ आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर और कौन-कौन से नए कीर्तिमान स्थापित करती है।
