होर्सेंस (डेनमार्क),30 अप्रैल (युआईटीवी)- थॉमस और उबर कप 2026 के ग्रुप चरण में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को अपने आखिरी राउंड रॉबिन मुकाबले में मौजूदा चैंपियन चीन के खिलाफ कड़ी टक्कर के बाद 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद भारत ने ग्रुप-ए में दूसरा स्थान हासिल करते हुए क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इससे पहले भारतीय टीम ने कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को हराकर नॉकआउट चरण में प्रवेश सुनिश्चित कर लिया था,जबकि चीन भी अपने शुरुआती मुकाबले जीतकर पहले ही क्वार्टरफाइनल में पहुँच चुका था। बुधवार का मुकाबला ग्रुप विजेता तय करने के लिए खेला गया,जिसमें चीन ने बाजी मार ली।
इस अहम मुकाबले में भारत के स्टार खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं,लेकिन निर्णायक क्षणों में कुछ करीबी मुकाबलों में हार ने टीम को शीर्ष स्थान से दूर कर दिया। पहला बड़ा झटका तब लगा जब युवा स्टार लक्ष्य सेन को चीन के मजबूत खिलाड़ी ली शि फेंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा,जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। सेन ने दूसरे गेम में दमदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया,लेकिन निर्णायक गेम में वे लय बनाए रखने में असफल रहे और 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए।
इसके बाद पुरुष युगल में भारत की सबसे भरोसेमंद जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर सबकी नजरें टिकी थीं। इस जोड़ी ने भी जोरदार संघर्ष किया और मैच में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे गेम में जीत हासिल की और तीसरे गेम में पाँच मैच प्वाइंट भी बचाए,लेकिन अंततः वे 13-21, 21-13, 24-26 से हार गए। यह हार भारत के लिए बेहद निराशाजनक रही,क्योंकि यह मुकाबला टीम को बढ़त दिला सकता था।
हालाँकि,इसके बाद युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को मुकाबले में बनाए रखा। उन्होंने दुनिया के 15वें नंबर के खिलाड़ी वेंग होंग यांग को 17-21, 21-13, 21-15 से हराकर भारत को महत्वपूर्ण अंक दिलाया। आयुष का यह प्रदर्शन दबाव की स्थिति में उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है और टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है।
इसके बाद दूसरे पुरुष युगल मुकाबले में हरिहरन अमसकारुनन और एमआर अर्जुन की जोड़ी से उम्मीद थी कि वे लय को बरकरार रखेंगे,लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस जोड़ी को चीन के ही जी टिंग और रेन जियांग यू के खिलाफ सीधे गेमों में 17-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत की ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीदें समाप्त हो गईं और चीन ने 3-1 की निर्णायक बढ़त बना ली।
हालाँकि,अंतिम मुकाबले में अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणॉय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए सम्मानजनक जीत दर्ज की। उन्होंने लू गुआंग जू को कड़े मुकाबले में 20-22, 21-19, 21-11 से हराकर मैच का अंत सकारात्मक नोट पर किया। प्रणॉय की यह जीत टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है,खासकर क्वार्टरफाइनल से पहले।
उधर महिला वर्ग के उबर कप मुकाबले में भी भारत के लिए निराशाजनक खबर सामने आई। पूर्व विश्व चैंपियन पीवी सिंधु अपने महत्वपूर्ण सिंगल्स मुकाबले में जीत के करीब पहुँचकर भी हार गईं। सिंधु ने तीसरे गेम में 18-12 की बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह मैच अपने नाम कर लेंगी,लेकिन चीनी खिलाड़ी वांग ने शानदार वापसी करते हुए लगातार सात अंक हासिल किए और अंततः मुकाबला जीत लिया। यह हार भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
इस पूरे मुकाबले ने एक बार फिर यह दिखाया कि भारत और चीन के बीच बैडमिंटन में प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी हो चुकी है। भारतीय खिलाड़ियों ने कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया,लेकिन निर्णायक पलों में अनुभव और संयम की कमी साफ नजर आई। खासकर युगल मुकाबलों में भारत को अपनी रणनीति और निष्पादन पर और काम करने की जरूरत है।
अब भारतीय टीम की नजरें क्वार्टरफाइनल के ड्रॉ पर टिकी हैं,जहाँ उन्हें एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ सकता है। टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ इस हार से सबक लेकर आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। खिलाड़ियों से उम्मीद होगी कि वे अपनी गलतियों से सीख लेते हुए नॉकआउट चरण में बेहतर प्रदर्शन करें।
चीन के खिलाफ यह हार भले ही निराशाजनक रही हो,लेकिन टीम के लिए यह एक महत्वपूर्ण अनुभव भी है। क्वार्टरफाइनल में पहुँचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और यदि भारतीय खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहरा सके,तो टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
