वॉशिंगटन,2 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि यह संघर्ष “बहुत जल्द” किसी न किसी तरह खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। टेक्सास दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत और डेंटन स्थित पीटरबिल्ट मोटर्स की फैक्ट्री में दिए भाषण में ट्रंप ने ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। हालाँकि,उनके द्वारा किए गए दावों में से कई उनके अपने आकलन हैं और संघर्ष की वास्तविक स्थिति अलग-अलग स्रोतों में अलग तरीके से सामने आ रही है।
ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के सामने यह तय करने का समय है कि वह मौजूदा संघर्ष को किस तरह समाप्त करना चाहता है। उनके मुताबिक,ईरान आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर भारी दबाव में है। उन्होंने ईरान में महँगाई,मुद्रा की स्थिति और सैन्य क्षमता का जिक्र करते हुए दावा किया कि तेहरान की स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हो गई है।
टेक्सास पहुँचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान का मामला बहुत जल्द किसी न किसी तरीके से खत्म होने वाला है। उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ महँगाई बहुत अधिक है और देश के पास पर्याप्त पैसा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना,नौसेना और वायुसेना को संघर्ष में भारी नुकसान पहुँचा है।
ट्रंप ने कहा कि चाहे ईरान खुद कोई फैसला लेकर संघर्ष समाप्त करे या परिस्थितियां उसे ऐसा करने के लिए मजबूर करें, मौजूदा स्थिति लंबे समय तक जारी नहीं रह सकती। उन्होंने इसी संदर्भ में तेल बाजार का भी जिक्र किया। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक,जैसे ही युद्ध खत्म होगा,तेल की कीमतों में “चट्टान की तरह” तेज गिरावट आ सकती है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है,जब ईरान के साथ संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव ने तेल और ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। हालिया बाजार कारोबार में भी ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। शुक्रवार को ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब तीन प्रतिशत गिरकर लगभग 99.48 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट करीब 89.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यूरोपीय गैसऑयल वायदा भी पाँच प्रतिशत से अधिक नीचे आया।
ट्रंप ने ईंधन की कीमतों पर तत्काल राहत के संभावित उपायों की भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी यूरोपीय देश के पास मौजूद डीजल के भंडार को जारी कराने के लिए कह सकता है। हालाँकि,उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस देश के भंडार की बात हो रही है। उनका कहना था कि डीजल उपलब्ध होने और बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईंधन की कीमतें नीचे आ रही हैं और मौजूदा तेल कीमतें उनके मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान रही कीमतों की तुलना में अभी भी कम हैं। उन्होंने अपनी सरकार की ऊर्जा नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि उनकी प्रशासन ने ऐसे कदम उठाए हैं जो पिछली सरकार ने नहीं उठाए थे।
इसके बाद डेंटन में पीटरबिल्ट मोटर्स की फैक्ट्री में अपने संबोधन के दौरान भी ट्रंप ने कई बार ईरान और तेल की कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी प्रतिबंधों और सैन्य गतिविधियों के बावजूद अमेरिका ने तेल की आवाजाही जारी रखने में मदद की है।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार तेल की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए काम कर रही है और अमेरिकी नौसेना की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के दौरान अमेरिका ने होर्मुज क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही जारी रखी है। पीटरबिल्ट में दिए उनके भाषण के उपलब्ध प्रतिलेख में ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष शुरू होने से पहले कई लोगों ने तेल की कीमतों के 300 या 400 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँचने की आशंका जताई थी,जबकि उनके अनुसार कीमतें फिलहाल उस स्तर से काफी नीचे हैं।
ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ईरान के साथ संघर्ष किसी न किसी तरह जल्द खत्म होगा। उन्होंने कहा कि तेहरान या तो कोई “सही और समझदारी वाला” कदम उठाएगा या फिर मौजूदा दबाव को लंबे समय तक झेलना उसके लिए मुश्किल होगा। हालाँकि,संघर्ष समाप्त करने के लिए किसी औपचारिक समझौते या निश्चित समयसीमा की घोषणा ट्रंप ने नहीं की।
ईरान के साथ युद्ध को लेकर ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय भी महत्वपूर्ण है जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत और मध्यस्थता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार,मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी और ईरानी पक्षों के बीच संपर्क की बात सामने आई है। ट्रंप ने हालाँकि,यह कहा है कि उन्होंने ईरान को किसी तरह की रियायत देने की पेशकश नहीं की है।
टेक्सास दौरे के दौरान ट्रंप से ब्रिटेन में आरएएफ फेयरफोर्ड सैन्य अड्डे के पास सामने आई कथित आतंकी साजिश और उसमें ईरान की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल किया गया। इस मामले में ब्रिटिश अधिकारियों ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। जाँचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस घटना का किसी विदेशी शक्ति से संबंध हो सकता है। हालाँकि,मामले की जाँच अभी जारी है और ईरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
ट्रंप ने इस सवाल के जवाब में ईरान की भूमिका की निश्चित रूप से पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि वह पक्के तौर पर ऐसा नहीं कह सकते,लेकिन उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ईरान का संबंध हो सकता है। इस मामले में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने भी ईरान से संभावित संबंध के संकेत मिलने की बात कही है,जबकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया है। जाँच एजेंसियाँ अभी मामले के मकसद और संभावित विदेशी संपर्कों की जाँच कर रही हैं।
आरएएफ फेयरफोर्ड को लेकर सामने आई घटना में पाँच ब्रिटिश नागरिकों को पहले हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक,संदिग्ध गतिविधियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। बाद में इन लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया गया,जबकि जाँच जारी रही। एक अन्य मामले में ब्रिटेन में एक ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है।
टेक्सास दौरे के दौरान ट्रंप ने ईरान के अलावा अमेरिकी अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को आर्थिक प्रदर्शन के लिए जितना श्रेय मिलना चाहिए,उतना नहीं मिल रहा है। उन्होंने शेयर बाजार,सेवानिवृत्ति खातों और अमेरिका में नए कारखानों में हो रहे निवेश का जिक्र करते हुए अपने प्रशासन की आर्थिक नीतियों का बचाव किया।
डेंटन में पीटरबिल्ट मोटर्स की फैक्ट्री का दौरा भी इसी आर्थिक संदेश का हिस्सा था। ट्रंप ने अमेरिकी विनिर्माण,रोजगार और औद्योगिक निवेश पर जोर दिया। उन्होंने कंपनी में रोजगार बढ़ने और विनिर्माण गतिविधियों का उल्लेख करते हुए अपनी व्यापार और औद्योगिक नीतियों को इसका एक कारण बताया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पीटरबिल्ट संयंत्र में ट्रंप ने शुल्क और विनियमन संबंधी अपनी नीतियों को अमेरिकी विनिर्माण में रोजगार बढ़ने से जोड़ा।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार को अपने आर्थिक रिकॉर्ड को जनता के सामने और प्रभावी तरीके से रखने की जरूरत है। उनका कहना था कि आर्थिक आँकड़े उनकी सरकार के कामकाज को दर्शाते हैं,लेकिन सरकार को इन उपलब्धियों के बारे में लोगों तक अपनी बात बेहतर तरीके से पहुँचानी होगी।
इस पूरे दौरे में ट्रंप का संदेश मुख्य रूप से दो मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा—ईरान के साथ युद्ध और ऊर्जा कीमतें तथा अमेरिकी अर्थव्यवस्था और विनिर्माण। ईरान को लेकर उन्होंने संघर्ष के जल्द समाप्त होने का दावा किया और कहा कि इसके बाद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। वहीं, ईंधन की तत्काल आपूर्ति को लेकर उन्होंने यूरोप के डीजल भंडार के इस्तेमाल की संभावना भी जताई। दूसरी ओर, आरएएफ फेयरफोर्ड मामले में उन्होंने ईरान की संभावित भूमिका पर निश्चित निष्कर्ष देने से इनकार किया। ऐसे में ईरान से जुड़े सैन्य, ऊर्जा और सुरक्षा मामलों पर आने वाले दिनों में बातचीत और जाँच के परिणामों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी।
