बरेली, 18 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| बरेली पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को बचा लिया है, जिसने पुजारी और कुछ अन्य लोगों की मदद से दूसरे धर्म के लड़के के साथ एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली थी। पुलिस को पता चला कि लड़की नाबालिग है और उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड के अनुसार 16 साल की है। वहीं उसका पति दूसरे धर्म का है।
लड़की को सोमवार को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां लड़की ने जोर देकर कहा कि वह 21 साल की है। उसने मेडिकल जांच कराने से भी इनकार कर दिया।
उसने अदालत से कहा कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और अपनी मां के पास वापस नहीं जाना चाहती।
बाद में, अदालत ने उसे अगले आदेश तक बरेली में एक महिला आश्रय में भेज दिया।
हालांकि उसका पति फरार है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के नेता तौफीक प्रधान ने कहा कि लड़की की मां ने उनसे संपर्क किया था और वे पुलिस के पास गए जिन्होंने लड़की की उम्र का पता लगाने के लिए उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया।
तौफीक प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि हमने लड़की की वास्तविक उम्र की पुष्टि की है और पुलिस ने उसे बचा लिया है। वह नाबालिग है और इस शादी के पीछे के प्राथमिक मकसद को नहीं समझती है।
इस बीच, कैंट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) राजीव सिंह ने कहा कि लड़की की मां ने अपहरण की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है और हमने उसे बचा लिया है।
उन्होंने कहा कि नाबालिग अपने गांव के एक व्यक्ति के साथ रिश्ते में थी और 13 जनवरी को उसके साथ भाग गई थी। फिर उसी दिन बरेली के एक मंदिर में उन्होंने शादी कर ली थी।
पुजारी और एक दक्षिणपंथी समूह के अन्य सदस्यों ने जोड़े की शादी में मदद की थी।
रस्में पूरी होने के बाद लड़की के बयान के साथ शादी के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए।
एसएचओ ने कहा कि पुलिस पुजारी के खिलाफ कोई आपराधिक आरोप नहीं लगा सकती क्योंकि लड़की ने उसके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। अगर जांच के दौरान यह पता चलता है कि उसने और अन्य लोगों ने लड़की के अपहरण में मदद की है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे।
