मप्र में शराब से मौतों का दौर जारी

भोपाल, 18 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में शराब पीने से हो रही मौतों का दौर थमता नजर नहीं आ रहा हैं। नया मामला भिंड जिले का है, जहां कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले मुरैना और उज्जैन सहित कई स्थानों पर शराब पीने से जानें जा चुकी हैं। भिंड जिले में शराब पीने से देा सगे भाईयों सहित तीन की मौत हेा गई है। सगे भाईयों ने अपने अन्य परिजनों के साथ रासायनिक पदार्थ के जरिए शराब बनाई थी और उसका सेवन किया था। बाद में दोनों भाईयों की मौत हुई तो वहीं एक अन्य की भी शराब के सेवन से मौत हुई हैं। इस मामले में दो थानों के प्रभारी को निलंबित किया गया है।

ज्ञात हो कि इससे पहले उज्जैन में अक्टूबर 2020 और मुरैना में जनवरी 2021 में जहरीली शराब पीने से बड़े हादसे हुए। उज्जैन में जहां 14 मजदूरों की मौत हुई थी तो वहीं मुरैना में 20 लोगों ने जान गंवाई थी। उसके बाद कई और इलाकों में भी शराब पीने से मौतें होती रही है। मुरैना की घटना के बाद सरकार ने कलेक्टर और एसपी को हटा दिया था, साथ ही ऐलान किया था कि इस तरह की घटनाओं के लिए कलेक्टर व एसपी देाषी मानें जाएंगे और उन पर कार्रवाई होगी।

सरकार की पूर्व घोषिणाओं पर कांग्रेस ने तंज कसा है। प्रदेशाध्यक्ष के मीडिया समन्यक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर हमला बोलते हुए कहा, उज्जैन – मंदसौर-मुरैना – इंदौर के बाद अब एक बार फिर भिंड में जहरीली शराब से तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया। उमा भारती शराबबंदी के अभियान की घोषणा कर गायब , वही शिवराज सरकार लगातार शराब प्रेम दिखा ही रही है और शराब माफियाओ का कहर भी जारी व जहरीली शराब से मौतें जारी।

उन्होंने आगे कहा, सरकार ने घोषणा की थी कि जिस जिले में जहरीली शराब की बिक्री पायी गयी , वहाँ के कलेक्टर- आईजी – एसपी दोषी होंगे, फिर गाज सिर्फ दो थाना प्रभारियों पर ही क्यों? आबकारी मंत्री को कब तक सरकार बचायेगी , उन्हें कब दोषी मानेगी?

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