एस जयशंकर और मार्को रुबियो (तस्वीर क्रेडिट@pankajj_das)

महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत-अमेरिका सहयोग को नई रफ्तार: विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर न्यूयॉर्क पहुँचे,रुबियो से करेंगे मुलाकात

वाशिंगटन,3 फरवरी (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका पहुँच गए हैं। अपनी इस यात्रा के पहले चरण में वे न्यूयॉर्क पहुँचे हैं,जहाँ से वह वाशिंगटन जाएँगे। इस दौरे के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर उच्च-स्तरीय बातचीत होने की उम्मीद है,जिसमें खास तौर पर महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग पर फोकस रहेगा। मंगलवार को वाशिंगटन में विदेश मंत्री जयशंकर की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से प्रस्तावित है,जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है,जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की,जिसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस घोषणा के बाद भारत और अमेरिका के बीच उच्च-स्तरीय संपर्कों और बैठकों को और गति मिली है। जयशंकर-रुबियो वार्ता को इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है,जिसमें दोनों देश भविष्य की साझेदारी की दिशा तय कर सकते हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार,विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 फरवरी से 4 फरवरी तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे। यह बैठक बुधवार को आयोजित होने की संभावना है,जिसमें कई भागीदार देश शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाना,उसमें विविधता लाना और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाना है। वैश्विक स्तर पर तकनीक,ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में इन खनिजों की बढ़ती माँग को देखते हुए यह बैठक विशेष महत्व रखती है।

अपने दौरे के दौरान जयशंकर न्यूयॉर्क से वाशिंगटन जाएँगे। मंगलवार को उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के साथ द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है,जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक एजेंडे पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके बाद बुधवार को वह महत्वपूर्ण खनिजों पर आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस संबोधित कर सकते हैं,जिससे इसके राजनीतिक और रणनीतिक महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।

द्विपक्षीय बातचीत में केवल खनिजों तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा,बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी। इनमें रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े ताजा घटनाक्रम,मध्य पूर्व की स्थिति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से संबंधित मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा आर्थिक सहयोग,व्यापार,निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने रक्षा,तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को तेजी से बढ़ाया है और यह बैठक उस सहयोग को और गहराई देने का अवसर प्रदान कर सकती है।

मंत्रिस्तरीय बैठक के अलावा विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। हालाँकि,इन बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है,लेकिन माना जा रहा है कि इन चर्चाओं में आर्थिक सुरक्षा,सप्लाई चेन की मजबूती और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा। भारत और अमेरिका के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सहयोग बढ़ा है और महत्वपूर्ण खनिज इस बातचीत का एक केंद्रीय बिंदु बनकर उभरे हैं।

महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक तकनीक और उद्योग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों,नवीकरणीय ऊर्जा,सेमीकंडक्टर,रक्षा उपकरण और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में इन खनिजों की अहम भूमिका होती है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में कई देशों की सप्लाई चेन कुछ सीमित क्षेत्रों पर निर्भर है,जिससे जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में भारत और अमेरिका जैसे देश भरोसेमंद और विविध सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। इस दिशा में दोनों देशों का सहयोग न केवल द्विपक्षीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिका महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाने के लिए मिलकर किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करेगा। विभाग के अनुसार,यह मंत्रिस्तरीय बैठक ऐतिहासिक है और इसका उद्देश्य तकनीकी नवाचार,आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक इन अहम घटकों को सुरक्षित करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देना है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह अमेरिका यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रही है। व्यापार समझौते की हालिया घोषणा,उच्च-स्तरीय राजनीतिक संपर्क और महत्वपूर्ण खनिजों पर केंद्रित रणनीतिक चर्चा यह संकेत देती है कि दोनों देश भविष्य में अपने सहयोग को और व्यापक तथा गहरा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में इस यात्रा के नतीजों पर दोनों देशों की नजरें टिकी रहेंगी।