पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही (तस्वीर क्रेडिट@azucenau)

पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही,मृतकों की संख्या 132 पहुँचीं; 570 से ज्यादा घायल

बोगोटा,11 अगस्त (युआईटीवी)- पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली 7.4 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के कारण अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि 570 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कोलंबियाई सरकार ने अपने ताजा अपडेट में यह जानकारी दी है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है तथा प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सरकार ने भूकंप की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को ही राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी थी।

भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिमी कोलंबिया के प्रभावित इलाकों में हुआ है। कई मकानों और इमारतों को नुकसान पहुँचने की सूचना है। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने राजधानी बोगोटा में जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप के कारण 1,575 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने और घायलों को अस्पतालों तक पहुँचाने का काम जारी है। भूकंप के कारण कई स्थानों पर बुनियादी ढाँचे को भी नुकसान पहुँचा है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

प्राकृतिक आपदा का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। सरकार के मुताबिक,छह हवाई अड्डों का बुनियादी ढाँचा भूकंप के कारण प्रभावित हुआ है। इसके चलते इन हवाई अड्डों से फिलहाल वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन रोक दिया गया है। हवाई सेवाएँ बाधित होने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान के सामने भी अतिरिक्त चुनौतियाँ पैदा हो रही हैं। प्रशासन क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे का आकलन कर रहा है और स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार,भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर पश्चिमी कोलंबिया में आया। भूकंप का केंद्र चोको डिपार्टमेंट के सैन होस डेल पाल्मार के पास बताया गया है। इसकी गहराई करीब 96 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप की तीव्रता और उसके बाद हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय एजेंसियाँ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस ने बताया कि वह प्रभावित डिपार्टमेंट्स की राजधानियों के साथ लगातार संपर्क में है। इसके अलावा स्थानीय मेयरों और उनकी टीमों से भी बातचीत की जा रही है,ताकि प्रभावित क्षेत्रों की ताजा स्थिति का पता लगाया जा सके। अधिकारियों की प्राथमिकता नुकसान का सही आकलन करने और सबसे जरूरी राहत जरूरतों की पहचान करना है।

भूकंप के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। जिन घरों और इमारतों को नुकसान पहुँचा है, वहाँ रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त इमारतों की जाँच की जा रही है,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहाँ रहना सुरक्षित है या नहीं। राहत दल प्रभावित इलाकों में पहुँचकर लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं।

सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। 570 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आने के बाद अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों पर भी दबाव बढ़ा है। गंभीर रूप से घायल लोगों के उपचार के लिए चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय किया गया है। वहीं,मलबे और क्षतिग्रस्त संरचनाओं के कारण बचाव अभियान में सावधानी बरती जा रही है।

भूकंप के झटकों का असर पड़ोसी इक्वाडोर में भी महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों से सूचनाएँ जुटाई जा रही हैं। हालाँकि,कोलंबिया में हुई भारी तबाही ने इस आपदा को देश के लिए बड़ी चुनौती बना दिया है।

कोलंबिया में आए इस विनाशकारी भूकंप पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने दुख और एकजुटता व्यक्त की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोलंबिया के लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस कठिन समय में फ्रांस कोलंबिया की दोस्ती और समर्थन के साथ खड़ा है। उन्होंने भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों,उनके परिवारों और घायलों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिमी कोलंबिया में आए भयानक भूकंप के बाद फ्रांस की ओर से वह कोलंबिया के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ितों,उनके परिवारों,घायलों और आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। उन्होंने बचाव दलों और प्रभावित आबादी की मदद में जुटे लोगों के साहस की भी सराहना की। मैक्रों ने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में कोलंबिया फ्रांस की दोस्ती और समर्थन पर भरोसा कर सकता है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी कोलंबिया के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने भूकंप की खबर को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि पश्चिमी कोलंबिया में आए भूकंप का असर पड़ोसी इक्वाडोर पर भी पड़ा है। जेलेंस्की ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है।

वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दुनिया भर के लोगों से भी अपील की कि जो लोग प्रभावित लोगों की मदद कर सकते हैं,वे आगे आएँ । उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान की जान जाना बेहद दुखद है और ऐसे कठिन समय में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को प्रभावित लोगों और देशों के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कोलंबिया के लोगों के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त की और आपदा से प्रभावित सभी लोगों की मदद की अपील की।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी कोलंबिया में आए विनाशकारी भूकंप पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह आपदा से जुड़ी ताजा जानकारी पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों और राहत एवं बचाव कार्य में जुटे लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। मेलोनी ने कहा कि मुश्किल की इन घड़ियों में इटली कोलंबिया के लोगों और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।

कोलंबियाई सरकार के सामने अब राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती है। 1,575 घरों के क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा छह हवाई अड्डों के प्रभावित होने से परिवहन और राहत सामग्री की आवाजाही को सामान्य करना भी महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन को क्षतिग्रस्त सड़कों,इमारतों और अन्य बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के साथ-साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास की दिशा में भी काम करना होगा।

भूकंप के बाद किसी भी संभावित आफ्टरशॉक को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। विशेषज्ञ और संबंधित एजेंसियाँ लगातार भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। बचाव दलों के लिए भी मलबे और कमजोर संरचनाओं के बीच काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

इस विनाशकारी भूकंप ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के सामने मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। कोलंबिया सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर राहत अभियान को प्राथमिकता दी है। स्थानीय प्रशासन, बचाव दल,स्वास्थ्यकर्मी और अन्य एजेंसियां प्रभावित लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं।

फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान मलबे में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने,घायलों का उपचार कराने और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुँचाने पर है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका के बीच अधिकारी लगातार नुकसान का आकलन कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कोलंबिया के लिए समर्थन और संवेदनाओं का सिलसिला जारी है।

पश्चिमी कोलंबिया में आया यह 7.4 तीव्रता का भूकंप देश के लिए बड़ी मानवीय त्रासदी बन गया है। 132 लोगों की मौत,570 से अधिक लोगों के घायल होने,हजारों घरों के क्षतिग्रस्त होने और हवाई अड्डों के प्रभावित होने से आपदा की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सरकार और राहत एजेंसियों के सामने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ उनके पुनर्वास की चुनौती है। दुनिया के कई देशों ने कोलंबिया के साथ खड़े होने का भरोसा दिया है और आने वाले दिनों में राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।