नवी मुंबई,14 जनवरी (युआईटीवी)- विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 के छठे मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने दमदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से शिकस्त दी। डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतरीन संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया। इस जीत के साथ ही मुंबई इंडियंस ने सीजन में अपनी दूसरी सफलता दर्ज की और तीन मैचों में दो जीत के साथ प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुँच गई। वहीं गुजरात जायंट्स को सीजन की दूसरी हार झेलनी पड़ी और वह तीन मैचों में एक जीत के साथ तीसरे पायदान पर खिसक गई।
मंगलवार को खेले गए इस मुकाबले में गुजरात जायंट्स ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी की। टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालाँकि,गुजरात की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम को पहला झटका महज 2.4 ओवर में लगा,जब सोफी डिवाइन केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती विकेट गिरने के बाद गुजरात पर दबाव बढ़ गया,लेकिन इसके बाद बेथ मूनी और कनिका आहूजा ने पारी को सँभालने की कोशिश की।
मूनी और कनिका के बीच दूसरे विकेट के लिए 23 गेंदों में 42 रन की अहम साझेदारी हुई,जिसने गुजरात की पारी को स्थिरता दी। इस साझेदारी के दम पर टीम ने 64 रन तक पहुँचने में सफलता हासिल की। बेथ मूनी ने 26 गेंदों में 33 रन की उपयोगी पारी खेली,जबकि कनिका आहूजा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 35 रन बनाए। इन दोनों के आउट होने के बाद गुजरात जायंट्स की पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई।
कप्तान एश्ले गार्डनर ने तेज रन बनाने की कोशिश की और 11 गेंदों में 20 रन की छोटी लेकिन प्रभावी पारी खेली,लेकिन वह भी लंबी पारी नहीं खेल सकीं। 99 रन के स्कोर तक पहुँचते-पहुँचते गुजरात ने अपने चार अहम विकेट गंवा दिए थे,जिससे टीम के लिए 200 के करीब पहुँचना मुश्किल नजर आने लगा। ऐसे समय में जॉर्जिया वेयरहैम ने मोर्चा सँभाला और पारी को अंत तक मजबूती से खड़ा किया।
जॉर्जिया वेयरहैम ने पहले आयुषी सोनी के साथ 37 रन की साझेदारी की और इसके बाद भारती फुलमाली के साथ मिलकर तेजी से रन बटोरे। वेयरहैम और भारती के बीच 56 रन की नाबाद साझेदारी ने गुजरात जायंट्स को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। जॉर्जिया ने 33 गेंदों में 43 रन की नाबाद पारी खेली,जबकि भारती फुलमाली ने केवल 15 गेंदों में 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 36 रन बनाए। मुंबई इंडियंस की ओर से गेंदबाजी में शबनीम इस्माइल,हेली मैथ्यूज, निकोला कैरी और अमेलिया केर को एक-एक विकेट मिला,लेकिन अंतिम ओवरों में रन रोकने में गेंदबाजों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। टीम ने 4.5 ओवरों में ही 37 रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे,जिससे मैच में रोमांच बढ़ गया। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी सँभाली और अमनजोत कौर के साथ मिलकर पारी को सँभालने का काम किया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 44 गेंदों में 72 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई,जिसने मुंबई को फिर से मैच में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
अमनजोत कौर ने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए 26 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 40 रन बनाए। उनकी इस पारी ने रन रेट को नियंत्रण में रखा और दबाव को कम किया। 109 रन के स्कोर पर अमनजोत के आउट होने के बाद मुंबई को तीसरा झटका लगा,लेकिन इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने निकोला कैरी के साथ मिलकर मैच को पूरी तरह मुंबई के पक्ष में मोड़ दिया।
हरमनप्रीत और निकोला कैरी के बीच चौथे विकेट के लिए 43 गेंदों में 84 रन की अटूट साझेदारी हुई। इस साझेदारी के दौरान हरमनप्रीत ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और सही समय पर बड़े शॉट लगाए। उन्होंने 43 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों की मदद से नाबाद 71 रन की शानदार कप्तानी पारी खेली। दूसरी ओर,निकोला कैरी ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और 38 रन की नाबाद पारी खेलते हुए टीम को चार गेंदें शेष रहते जीत दिलाई।
गुजरात जायंट्स की ओर से गेंदबाजी में रेणुका ठाकुर,काशवी गौतम और सोफी डिवाइन को एक-एक विकेट मिला,लेकिन बड़े लक्ष्य का बचाव करने में गेंदबाजों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। खासकर डेथ ओवरों में गुजरात की गेंदबाजी कमजोर साबित हुई,जिसका फायदा मुंबई की बल्लेबाजों ने पूरी तरह उठाया।
इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और टीम संतुलित नजर आ रही है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। वहीं गुजरात जायंट्स को अपनी गेंदबाजी और मध्यक्रम की बल्लेबाजी पर काम करने की जरूरत होगी। टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा,मुकाबले और रोमांचक होने की उम्मीद है,लेकिन इस मैच में मुंबई इंडियंस ने यह साफ कर दिया कि वह खिताब की प्रबल दावेदारों में से एक है।
