मुंबई,3 नवंबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के लिए हर रविवार का दिन खास होता है। दशकों से वह मुंबई के जुहू स्थित अपने आवास ‘जलसा’ के बाहर जमा होने वाले प्रशंसकों से मुलाकात करते आ रहे हैं। उम्र बढ़ने के बावजूद उन्होंने इस परंपरा को जारी रखा है। देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी उनके चाहने वाले केवल उनकी एक झलक पाने के लिए जलसा पहुँचते हैं। हालाँकि,इस बार रविवार को हुआ यह मुलाकात का सिलसिला पहले जैसा नहीं था। 1 नवंबर को अमिताभ बच्चन जब अपने घर के बाहर प्रशंसकों से मिलने पहुँचे,तो वह बुलेटप्रूफ शीशे से बने सुरक्षा घेरे के अंदर खड़े दिखाई दिए। उनके बेटे और अभिनेता अभिषेक बच्चन भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। इस बदले हुए सुरक्षा इंतजाम ने न केवल प्रशंसकों का ध्यान खींचा, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।
अमिताभ बच्चन का रविवार दर्शन वर्षों से उनके प्रशंसकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रहा है। हर रविवार जलसा के बाहर लोगों की भीड़ जमा होती है। कई प्रशंसक घंटों इंतजार करते हैं,ताकि उन्हें अपने पसंदीदा अभिनेता की एक झलक मिल सके। अमिताभ भी अपने प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करते हैं और हाथ हिलाकर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। यह परंपरा उनके और दर्शकों के बीच बने भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक मानी जाती है। लेकिन इस बार सुरक्षा के लिए लगाए गए बुलेटप्रूफ शीशे ने इस मुलाकात का स्वरूप बदल दिया। जिस अभिनेता को लोग खुले तौर पर अपने सामने देखकर खुशी महसूस करते थे,उन्हें अब एक मजबूत सुरक्षा घेरे के भीतर खड़ा देखना पड़ा। यही वजह है कि इस घटना को लेकर फिल्म जगत में चिंता जताई जा रही है।
इस मामले में ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की माँग की है। एसोसिएशन ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर अमिताभ बच्चन की तस्वीर साझा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों और अन्य लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाए। संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि फिल्मी हस्तियों को उनके घरों से लेकर शूटिंग स्थलों तक पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। एसोसिएशन का कहना है कि अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर प्रशंसकों से मिलते देखना पूरे फिल्म जगत के लिए झकझोर देने वाला अनुभव है।
एसोसिएशन ने अपनी पोस्ट का शीर्षक ‘सपनों के शहर में डर: बॉलीवुड के महानायक अब बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे’ रखा। इसके साथ ही संगठन ने यह संदेश भी दिया कि बुलेटप्रूफ शीशे के इंतजाम के बावजूद फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल बना हुआ है। पोस्ट में कहा गया कि अमिताभ बच्चन को इस तरह सुरक्षा घेरे में देखकर यह समझा जा सकता है कि मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर स्थिति कितनी गंभीर हो गई है। संगठन ने इसे केवल एक अभिनेता की सुरक्षा का मामला नहीं,बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चिंता बताया।
एआईसीडब्ल्यूए ने अपने बयान में कहा कि अमिताभ बच्चन चार दशकों से भी अधिक समय से हर रविवार को अपने घर जलसा के बाहर प्रशंसकों से मिलते रहे हैं। उनसे मिलने के लिए देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग मुंबई पहुँचते हैं। उनके चाहने वालों के लिए यह मुलाकात किसी सपने के सच होने जैसी होती है। संगठन के मुताबिक, 84 वर्ष की उम्र में भी अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा को नहीं छोड़ा,लेकिन अब उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ शीशे का सहारा लेना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि यह स्थिति सामान्य नहीं है और इससे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है।
संगठन ने इस घटना को हाल के दिनों में सामने आई दो गंभीर घटनाओं से जोड़कर देखा है। इनमें अमिताभ बच्चन के आवास जलसा को बम से उड़ाने की धमकी और जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना शामिल हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इन घटनाओं ने मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर पहले से मौजूद चिंताओं को और बढ़ा दिया है। संगठन के अनुसार, कलाकारों को अपने काम और प्रशंसकों से मुलाकात के दौरान सामान्य सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए,लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
एआईसीडब्ल्यूए ने अपने बयान में यह भी कहा कि पहले आमतौर पर बुलेटप्रूफ कारों और विशेष सुरक्षा वाहनों की चर्चा होती थी,लेकिन अब एक सुपरस्टार को अपने घर से बाहर निकलकर बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर प्रशंसकों से मिलना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को भारतीय सिनेमा के इतिहास में असामान्य बताया। उसके मुताबिक, अमिताभ बच्चन की यह तस्वीर आने वाले समय में उस दौर की याद दिला सकती है, जब फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर असाधारण इंतजाम करने पड़े।
एसोसिएशन ने मुंबई और बॉलीवुड में गैंगस्टर नेटवर्क के कथित बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। संगठन का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री ने पहले भी कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है,लेकिन मौजूदा घटनाओं के बाद कलाकारों के बीच डर का माहौल बनने की आशंका है। एआईसीडब्ल्यूए ने दावा किया कि कई फिल्मी हस्तियाँ अब अपने घरों से बाहर निकलने और शूटिंग पर जाने को लेकर भी चिंतित हैं। संगठन ने कहा कि यदि कलाकारों को अपने घर,परिवार और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं रहेगा तो इसका असर उनके कामकाज और पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर पड़ सकता है।
बयान में अभिषेक बच्चन की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने कहा कि अमिताभ बच्चन के साथ उनके बेटे अभिषेक का खड़ा होना इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि सुरक्षा की चिंता केवल किसी एक कलाकार तक सीमित नहीं रहती,बल्कि इसका असर उसके परिवार पर भी पड़ता है। एसोसिएशन के मुताबिक, कलाकारों के परिजनों को भी सामान्य और सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है। किसी भी परिवार को इस डर में नहीं रहना चाहिए कि घर से बाहर निकलने या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने पर कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से कई अहम सवाल भी पूछे हैं। संगठन ने जानना चाहा कि क्या बॉलीवुड को आने वाले समय में भी इसी तरह डर के माहौल में काम करना पड़ेगा? क्या फिल्मी हस्तियाँ पहले की तरह स्वतंत्र रूप से सार्वजनिक स्थानों पर जा सकेंगी और खुले में शूटिंग कर पाएँगी? क्या उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित है? क्या महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस कलाकारों के मन से असुरक्षा की भावना दूर कर पाएँगी? संगठन का कहना है कि रचनात्मक काम के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल जरूरी है। यदि कलाकारों को हर समय अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़ेगी तो उनके काम और नए प्रोजेक्ट बनाने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने यह आशंका भी जताई कि फिल्मी हस्तियों के घरों की कथित तौर पर रेकी की जा रही है और भविष्य में कुछ अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है। हालाँकि,इस संबंध में संगठन की ओर से जताई गई आशंका को किसी पुष्ट पुलिस निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिर भी संगठन का कहना है कि ऐसी सूचनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और किसी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। एआईसीडब्ल्यूए ने चेतावनी दी कि यदि फिल्म इंडस्ट्री में असुरक्षा का माहौल लगातार बना रहा तो इसका असर मुंबई में होने वाली फिल्म निर्माण गतिविधियों पर पड़ सकता है। कलाकारों और तकनीशियनों को काम के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ सकती है।
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्मी हस्तियों के घरों और शूटिंग स्थलों पर सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल बड़े कलाकारों को ही नहीं,बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। संगठन ने गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग भी की है। एआईसीडब्ल्यूए का कहना है कि मुंबई भारतीय सिनेमा का प्रमुख केंद्र है और इसे किसी भी हालत में डर के माहौल में नहीं रहने दिया जाना चाहिए।
दरअसल,हाल के दिनों में मुंबई में फिल्मी हस्तियों से जुड़ी सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। 18 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। जानकारी के मुताबिक,टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी कार पर कई गोलियाँ चलाईं। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए थे,लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और इस सिलसिले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की जाँच के दौरान इस हमले से जुड़े लोगों और उनके कथित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई गई।
टाइगर श्रॉफ से जुड़ी इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा,क्योंकि जुहू मुंबई का ऐसा इलाका है,जहाँ कई बड़े फिल्मी सितारे रहते हैं। किसी अभिनेता की कार पर इस तरह खुलेआम गोलीबारी होने से स्थानीय लोगों और फिल्म जगत में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इस घटना के बाद कलाकारों के घरों और उनके आने-जाने के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हुई। हालाँकि,किसी भी घटना के पीछे की वजह और आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
इसके कुछ दिन बाद 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। इस ईमेल में मेयर कार्यालय के साथ-साथ अमिताभ बच्चन के आवास जलसा और गायक दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट स्थल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में विशेष रूप से 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच जलसा को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा 31 अक्टूबर को एक स्कूल में ग्रेनेड हमले की धमकी का भी उल्लेख किया गया था। धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। ईमेल में जिन स्थानों का नाम लिया गया था,वहाँ सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई। साथ ही धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के लिए जांच शुरू की गई।
इन घटनाओं के बीच 1 नवंबर को अमिताभ बच्चन का बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर प्रशंसकों से मिलना एक बड़ा संदेश बन गया। यह केवल सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तस्वीर नहीं थी,बल्कि इसने फिल्म इंडस्ट्री के सामने मौजूद नई चुनौतियों को भी उजागर किया। दशकों से प्रशंसकों के बीच बिना किसी बड़े सुरक्षा अवरोध के पहुँचने वाले अभिनेता को अब विशेष सुरक्षा घेरे में देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मुंबई में फिल्मी हस्तियों के लिए पहले जैसा सुरक्षित और सहज माहौल बना हुआ है।
फिलहाल एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। संगठन चाहता है कि कलाकारों के आवास, सार्वजनिक कार्यक्रमों और शूटिंग स्थलों की सुरक्षा का व्यवस्थित आकलन किया जाए। साथ ही किसी भी संभावित खतरे की सूचना मिलने पर समय रहते कार्रवाई हो, ताकि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अनावश्यक भय में न रहना पड़े। अमिताभ बच्चन का रविवार दर्शन वर्षों से उनके प्रशंसकों के लिए खुशी और अपनत्व का प्रतीक रहा है। ऐसे में इस परंपरा के दौरान बुलेटप्रूफ सुरक्षा घेरे की जरूरत पड़ना फिल्म जगत के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती हैं और क्या कलाकारों को फिर से पहले जैसा सुरक्षित माहौल मिल पाता है।
